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ये तो नही है
सपनों का भारत
देश ये मेरा

जला असम
कश्मीर में आग
सुलगे देश

आतंकवाद
का भारत देश में
है बोलबाला

भटक रहा
दर दर ईमान
फलता पाप

हुए पराये
हम भारत वासी
देश अपना

कोलगेट पे
मच रहा बवाल
है मुहं काला

ये तो नही है
सपनों का भारत
देश ये मेरा

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Comment

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Comment by Rekha Joshi on September 12, 2012 at 11:23am

आपका बहुत बहुत आभार रस्तोगी जी ,धन्यवाद 

Comment by Rekha Joshi on September 11, 2012 at 11:39pm

प्रोत्साह्नके लिए आपका आभार सीमा जी ,धन्यवाद 

Comment by seema agrawal on September 11, 2012 at 10:59pm

बहुत सुन्दर हाइकू रेखाजी शिल्प के विषय में आपको सलाह दी ही जा चुकी है ...पर भाव मन को छूने वाले हैं 

जला असम 
कश्मीर में आग
सुलगे देश..........यह हाइकू शिल्प और भाव दोनों ही दृष्टि से परिपक्व है 

Comment by Rekha Joshi on September 11, 2012 at 9:57pm

प्रोत्साहित करने पर आपका बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय बागी जी ,मे आ राजेश जी और आ अशोक जी की बात को ध्यान में रखूं गी 

Comment by Rekha Joshi on September 11, 2012 at 9:54pm

धन्यवाद आ राजेश जी ,मेने आ अशोक जी की बात समझ ली है मै ध्यान रखूं गी आभार 

Comment by Rekha Joshi on September 11, 2012 at 9:52pm

मेरे प्रयास को सराहने पर आपका धन्यवाद अशोक जी ,  आपके सुझाव को ध्यान में रखूं गी ,आभार 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 11, 2012 at 9:16pm

यहाँ प्रस्तुत सभी हाइकु अच्छे व सुन्दर हैं ..........

यहाँ प्रस्तुत

सभी हाइकु अच्छे

व सुन्दर हैं

----------------------------------

आतंकवाद
का भारत देश में
है बोलबाला

आतंकवाद का भारत देश में है बोलबाला

______________________________

आदरणीया रेखा जी, किसी कथन / वाक्य को ५,७,५ वर्णों में ब्रेक कर देना ही हाइकु नहीं है, मुख्य शर्त यह है कि तीनों पक्तियां स्वतंत्र होनी चाहिए जैसा कि रक्ताले साहब और आदरणीया राजेश कुमारी जी ने भी बताया |

कुछ हाइकु आपके शिल्प पर दुरुस्त भी है, प्रयास करें , सब संभव है | बधाई स्वीकार करें इस प्रयास पर |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 11, 2012 at 8:35pm

रेखा जी वाह बहुत सुन्दर हाइकु रचे हैं  उत्तम ये अतिउत्तम हो जायेंगे अगर आप अशोक कुमार रक्तेला जी की बात पर गौर फर्माएंगी आपके सभी हाइकु में मात्रा दुरुस्त हैं बस ये देखना है कि तीन पंक्ति किसी वाक्य को तोड़ कर तो नहीं बनाई अर्थात हर पंक्ति का स्वतंत्र अर्थ होना चाहिए एक वाक्य को तोड़ कर नहीं इस अनुपम प्रयास के लिए हार्दिक बधाई 

Comment by Ashok Kumar Raktale on September 11, 2012 at 7:43pm

आदरेया रेखा जी 

              सादर, बहुत सुन्दर प्रयास. कुछ हाइकु में सुधार की जरूरत है क्योंकि मेरी जानकारी के मुताबिक़ प्रत्येक पंक्ति एक वाक्य होना चाहिए. प्रथम प्रयास में ही सुन्दर हाइकु लिखने पर बधाई स्वीकारें.

Comment by Rekha Joshi on September 11, 2012 at 2:31pm

आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय अम्बरीश जी ,धन्यवाद 

कृपया ध्यान दे...

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