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बीवी को मत आँख दिखाओ बाबाजी

झूमो, नाचो, मौज मनाओ बाबाजी
जीवन का आनन्द उठाओ बाबाजी

ये क्या, जब देखो तब रोते रहते हो ?
घड़ी दो घड़ी तो मुस्काओ बाबाजी

मुझ जैसे मसखरे का चेला बन जाओ
दिवस रैन दुनिया को हँसाओ बाबाजी

ये सब नेता रक्तपिपासु कीड़े हैं
इनसे मत कुछ आस लगाओ बाबाजी

जनता के दुःख को जो अपना दुःख समझे
अब ऐसी सरकार बनाओ  बाबाजी

एक मिनट में ऐसी-तैसी कर देगी
बीवी को मत आँख दिखाओ बाबाजी

ओ बी ओ की परिपाटी है 'अलबेला'
आपस में सब प्यार लुटाओ बाबाजी

-अलबेला खत्री 

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Comment

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Comment by Albela Khatri on July 13, 2012 at 11:02am

समझ गया राजेश कुमारी जी...समझ गया

__सबको वही समझ में आ रहा है....हा हा हा


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 13, 2012 at 10:43am

बहुत सुन्दर सार्थक बात कहती हुई कडवी सच्चाई बयान करती हुई इस बाबा ग़ज़ल के लिए बहुत बधाईयाँ स्पेशली एक शेर   के लिए तो बहुत सारी बधाई कौन सा शेर तुम समझ गए होंगे :):):)

Comment by Albela Khatri on July 13, 2012 at 9:53am

धन्यवाद संदीप जी,
आपके कथन से सहमत हूँ...........उपचार होना चाहिए..........परन्तु मेरा मत है कि जब तक उपचार  न हो तब तक ..पीड़ा पर नज़र रखी जाये ..ताकि उसके उपचार के लिए  भूमिका बन सके...

__सादर !

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on July 13, 2012 at 9:43am

एक मिनट में ऐसी-तैसी कर देगी
बीवी को मत आँख दिखाओ बाबाजी ....हा हा हा हा हा हा हंसी रुकी नहीं मेरी वाह वाह

बहुत सुन्दर रचना सर जी

आपकी रचना में हास्य के साथ साथ छुपी होती है एक पीड़ा मन की पीड़ा एक व्यथा जिससे सभी पीड़ित हैं पर उजागर करने का हौसला नहीं है

जनता के दुःख को जो अपना दुःख समझे
अब ऐसी सरकार बनाओ  बाबाजी 

ये सब नेता रक्तपिपासु कीड़े हैं
इनसे मत कुछ आस लगाओ बाबाजी

इनपे बदलाव जरुरी है ये आप भी मानते हैं ये एक सत्य है कडवा जिसके घूँट गरल से कम नहीं है पर समझ नहीं आता है सभी शिव बनने के लिए क्यूँ आतुर हैं
आखिर कहाँ से आ रही है ये सहनशीलता
या ये एक भीरुपना है
एक चिंगारी तो उडानी ही होगी उस महल की ओर जो बना है केवल कागजों से
जिसमे हर बात कागजी आधारों पे कही जाती है
चाहे फिर वो आँखों से आंशु ही बहाना क्यूँ न हो

बहुत बहुत बधाई आपको सर जी लिखते रहिये
कुछ उपचार भी बताइए समस्याओं को हम सब जानते हैं पीड़ा हम सबको है उसका कुछ उपचार भी बताइये तो बात तगड़ी हो जाए

कृपया ध्यान दे...

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