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मास है ये श्री शिव महेश का बाबाजी



क्या बतलाऊं हाल देश का बाबाजी
झगड़ा, टंटा, हठ, क्लेश का बाबाजी

माल स्वदेशी कौन ख़रीदे  भारत में
सबको चस्का है विदेश का बाबाजी

कालिख भ्रष्टाचार की किस दिन जायेगी
धोला हो गया रंग केश का बाबाजी 

पाखंडियों  ने  इतना पापाचार किया
मान घट गया भगवा वेश का बाबाजी

वे भी अमेरिकन घुटनों पर चलते हैं
नारा जिनका था स्वदेश का बाबाजी

सावन आया, बम भोले की गूंज उठी
मास है ये श्री शिव महेश का बाबाजी

दिखे नहीं महा उत्सव में वे 'अलबेला'
पता करो 'बागी' गणेश का बाबाजी

_अलबेला खत्री

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Comment

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Comment by Albela Khatri on July 10, 2012 at 7:52pm

आपको भी बधाई रेखा जी.......
सावन तो सभी को  आनन्दित करता है........
happy saavan to you .....हा हा हा हा

Comment by Rekha Joshi on July 10, 2012 at 7:18pm

आदरणीय अलबेला जी ,सादर 

सावन आया, बम भोले की गूंज उठी 
मास है ये श्री शिव महेश का बाबाजी ,जय हो बाबा जी ,बधाई 
Comment by Albela Khatri on July 10, 2012 at 2:22pm

सम्मान्य हरीश भट्ट जी
बहुत बहुत धन्यवाद......रचना आपको पसन्द आई........लेखन सफल हुआ.........


__आपका विनम्र आभार

Comment by Albela Khatri on July 10, 2012 at 2:21pm

सम्मान्य सवी जी,
बहुत बहुत धन्यवाद......रचना आपको पसन्द आई........लेखन सफल हुआ.........

आपने सही फ़रमाया, यही चिन्ता  सभी को होनी चाहिए  -

विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करके और आज भूमंडलीकरण का नारा देकर अपने ही स्वतन्त्रता सेनानियों को शर्मिंदा कर रहे हैं हम|

__आपका विनम्र आभार

Comment by savi on July 10, 2012 at 2:07pm

आदरणीय अलबेला जी,

नमस्कार|
बाबाजी आपकी पूरी रचना ही बहुत सुन्दर है, पर इनकी इन दो पक्तियों ने दिल को छू लिया| हमने आजादी पाई थी विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करके और आज भूमंडलीकरण का नारा देकर अपने ही स्वतन्त्रता सेनानियों को शर्मिंदा कर रहे हैं हम|
 
स्वदेशी कौन ख़रीदे  भारत में 
सबको चस्का है विदेश का बाबाजी 
 
वे भी अमेरिकन घुटनों पर चलते हैं 
नारा जिनका था स्वदेश का बाबाजी 
 
बहुत बहुत बधाई|
Comment by Harish Bhatt on July 10, 2012 at 1:39pm

आदरणीय अलबेला जी नमस्‍ते, वाह बहुत शानदार रचना के लिए हार्दिक बधाई

Comment by Albela Khatri on July 10, 2012 at 1:02pm

आपका कोटि कोटि धन्यवाद आदरणीय राजेश कुमारी  जी..
आपका सराहना -पत्र
प्रमाण -पत्र है....
__आभार !
और हाँ ...........गणेश जी.............कहाँ हो जी ?

आप तो पक्के  बागी हैं ...बागी का क्या भरोसा ...हा हा हा हा


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 10, 2012 at 12:57pm

हाहाहा सच में गणेश जी तो दिखाई नहीं दिए कुछ पता चले तो हमे भी बताना अलबेला जी

सावन आया, बम भोले की गूंज उठी 
मास है ये श्री शिव महेश का बाबाजी ....बहुत बढ़िया लिखा ...वाह 

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