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''नाशाद मेरा मिहिर''

नाशाद मेरा मिहिर तो जिंदगी वफात है  

साँसों के गिर्दाब में इस रूह की निजात है l  

 

साहिर है तेरी कलम में कुछ कमाल का

जैसे खून में भरा हो कुछ रंग गुलाल का l

 

हर्फों में छुपा रखी है सदियों की बेबसी 

तेरे चेहरे पे अब देखती हूँ ना कोई हँसी l

 

बातों में बेरुखाई अब होती है इस कदर   

बेजार सी जिंदगी जैसे बन गई हो जहर l

 

तासीर न कम होती है होंठों को भींचकर

या बेसाख्ता बहते हुये अश्कों से सींचकर l

 

अकेले रहने का तुम्हें बहुत ही शौक था

फिर तन्हाई से क्यों होने लगा खौफ था l

  

कलम में भी तुम्हारी कुछ जरूर खास है

कैसा अजाब है कि न वो अब इखलास है l

 

मसाफत तो थी मगर इबादत में थी वफ़ा

अब इबारत-ए-तकदीर से ही हो गई जफा l

 

तुम्हारी नजरें भी लगतीं हैं खौफ से भरी     

जैसे गम भरी जिंदगी अब हो वहाँ ठहरी l

  

इक कसक सी अक्सर सफे पे उंडेल कर 

गुम जाते हो तुम कहीं अँधेरों में डूब कर l 

 

नाशाद मेरा मिहिर तो जिंदगी वफात है  

साँसों के गिर्दाब में इस रूह की निजात है l

 

-शन्नो अग्रवाल    

 

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Comment

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Comment by Shanno Aggarwal on January 26, 2012 at 11:19pm

सौरभ जी एवं गणेश, बहुत-बहुत धन्यबाद. 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 26, 2012 at 10:11pm

बढिया कहा है आपने, शन्नोजी.  बधाई स्वीकारें.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 26, 2012 at 8:24pm

शन्नो दीदी सुन्दर ख्याल की रचना हेतु दाद कुबूल करे |

Comment by Shanno Aggarwal on January 25, 2012 at 7:12pm

अरुण जी, आशीष जी एवं ब्रिजभूषण जी, गजल पर आप सबके प्रसंशनीय शब्दों व हौसला अफजाई का बहुत-बहुत शुक्रिया. 

Comment by Brij bhushan choubey on January 25, 2012 at 2:19pm

बातों में बेरुखाई अब होती है इस कदर   

बेजार सी जिंदगी जैसे बन गई हो जहर l..bahut khub ,,,bahut sundar gazl aadrniy sanno ji .

Comment by आशीष यादव on January 25, 2012 at 10:11am
Bahut sundar rachna.
Badhai.
Comment by Abhinav Arun on January 25, 2012 at 9:45am

बहुत सुन्दर आदरणीया शन्नो जी शानदार कलाम !! हार्दिक बधाई !!!

Comment by Shanno Aggarwal on January 24, 2012 at 9:46pm

राजकुमारी जी, गजल पसंद करने का आपका दिली शुक्रिया. 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on January 24, 2012 at 8:55pm

bahut umda ghazal.

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