For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मुझे भी पढ़ना है - लघुकथा –

मुझे भी पढ़ना है - लघुकथा –

"ऐ सुमन, मुन्ना नहीं दिखाई दे रहा?"

"काहे परेशान हो? अभी आ जायेगा।"

"अरे तू समझती काहे नहीं है। यह गाँव देहात नहीं है।शहर का मामला है। एक मिनट में बच्चा गायब हो जाता है।"

"हम सब जानते हैं इसलिये उसकी दादी माँ भी साथ गयी हैं।"

"अरे मगर गये कहाँ हैं वे दोनों?"

"और कहाँ जायेंगे? दो साल से स्कूल जाने का सपना मन में पाल रखा है। स्कूल की प्रार्थना की घंटी सुनते ही दौड़ जाता है।"

"अब क्या करें सुमन? घर की माली हालत तो तुम देख ही रही हो। काम धंधा सब इस कोरोना बीमारी ने चौपट कर दिया।"

"तो क्या हमारा मुन्ना कभी स्कूल नहीं जायेगा? दो साल से टालमटोल हो रही है। पूरे पाँच साल का हो गया। उसके साथ के सब बच्चे स्कूल जाते हैं।"

"तुम खुद देख रही हो कि कैसे सब्जी का ठेला लगा कर घर चला रहे हैं।अब अगले साल ही कुछ हो पायेगा।"

तभी मुन्ना और दादी आ गये।दादी ने सब बातें सुन लीं| दादी ने अपने चाँदी के  कड़े और पाजेब मुरली के हाथ में थमाते हुए कहा,"जाओ मुरली इन्हें बेच कर मुन्ना को स्कूल में भर्ती करा दो।हमसे मुन्ना की तक़लीफ़ नहीं देखी जाती।"

"अम्मा, यह क्या कर रही हो? हमारे ऊपर पाप क्यों चढ़ा रही हो?"

"यह पाप पुन्य का ज्ञान हमें मत सिखाओ। हमने तुम से ज्यादा दुनियाँ देखी है।हम जो कुछ कर रहे हैं अपने नाती के भविष्य के लिये  कर रहे हैं।"

“अम्मा, इससे दाखिला तो हो जायेगा लेकिन हर महीने फ़ीस,कॉपी, किताब और स्कूल की वर्दी यह सब कैसे होगा?"

"देख बेटा, यह काम कल पर टालना भारी भूल है।बच्चों की पढ़ाई लिखाई पहली जरूरत है। रही खर्च की बात तो सुमन के लिये मैंने दो तीन घरों में काम की बात कर ली है।"

"अम्मा सुमन बाहर काम करेगी तो घर का काम कौन करेगा?"

"मुरली, तेरी माँ के हाथ पैर अभी सही सलामत हैं। हम सब कर लेंगे।"

"नहीं अम्मा, इस उम्र में आपसे हम काम नहीं करायेंगे।आपकी आराम करने की उम्र है।"

"नहीं मुरली, जो गलती तेरे बापू ने की। वही गलती हम तुझे नहीं करने देंगे।"

"अम्मा आप समझती काहे  नहीं हो।अभी समय खराब है| सही समय आने पर सब ठीक हो जायेगा।"

"मुरली , सही समय के चक्कर में  तू मुन्ना से भी अपनी तरह सब्जी का ठेला चलवायेगा।"

मौलिक, अप्रकाशित एवम अप्रसारित

Views: 721

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by TEJ VEER SINGH on December 1, 2020 at 10:03am

हार्दिक आभार आदरणीय शेख उस्मानी साहब जी।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on November 30, 2020 at 2:41am

आदाब। समय के.अनुसार विचार विमर्श उत्प्रेरित करती बढ़िया रचना। हार्दिक बधाई जनाब तेजवीर सिंह जी।

Comment by TEJ VEER SINGH on November 26, 2020 at 10:13am

हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब जी।आदाब।

Comment by Samar kabeer on November 25, 2020 at 6:34pm

जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब, अच्छी लघुकथा लिखी आपने, बधाई स्वीकार करें ।

Comment by TEJ VEER SINGH on November 22, 2020 at 9:47am

हार्दिक आभार आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 21, 2020 at 8:27pm

आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । अच्छी प्रेरणादायक और समस्यामूलक कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"आ. रिचा जी, सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर सुंदर गजल हुई है। गिरह भी खूब लगाई है। हार्दिक बधाई।"
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"2122, 1122, 1122, 112/22 सर झुका देते हैं हम उसकी इबादत के लिए एक दिल चाहिए हमको तो मुहब्बत के…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सादर अभिवादन।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सर कोई जब न उठा सच की हिमायत के लिएकर्बला   साथ   चले   कौन …"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
" स्वागतम "
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर…See More
Tuesday
आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
Apr 20
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
Apr 19
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
Apr 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service