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बाल गजल(मैंने डिग्री हासिल की है..)

22 22 22 22

मैंने डिग्री हासिल की है
सब कहते हैं,नाक बची है।1

फेल अगर तुम हो जाओ, तो
लोग कहेंगे,नाक कटी है।2

गुस्से का इजहार हुआ तो,
यूं लगता है,नाक चढ़ी है।3

हो जाते जब लोग बड़े, सब
कहते,उनकी नाक बड़ी है।4

सर्दी - खांसी,नजला हो,तो
कहते,खुलकर नाक चली है।5

ऑक्सीजन से जीवन देती,
कहते,कितनी नाक भली है!6
'मौलिक व अप्रकाशित'

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Comment

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Comment by Samar kabeer on June 2, 2020 at 2:59pm

जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Manan Kumar singh on May 31, 2020 at 5:16pm

आभार आदरणीय लक्ष्मण भाई जी।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on May 31, 2020 at 4:34pm

आ. भाई मनन जी, सादर अभिवादन । अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

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