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मनोज अहसास's Blog – June 2015 Archive (3)

मेरी बेटी( तीसरी कविता)___मनोज कुमार अहसास

आज दोपहरी जब कमरे पर

पहुँचा थका थकाया सा

सबसे पहले पहुँच गया था

वहाँ कोई भी अभी नहीं था

चला के पँखा लेट रहा था

चीं चीं की आवाज़ सुनी तो

बाहर जाकर देखा मैंने

दो चिड़ियाएँ फुदक रही है

चीं चीं चीं चीं

पास गया तो उड़ जाती थी

फुदक फुदक फिर आ जाती थी

पहले कभी नहीं देखा था

आज यें पहली बार मिली है

याद तुम्हारी दिला रहीं है

मेरी बिटिया

चिड़िया सी बिटिया

तेरी बोली इन चिड़ियों में मिल सी गयी है

घुल सी गयी है

इनके आजाने पर… Continue

Added by मनोज अहसास on June 16, 2015 at 5:48pm — 20 Comments

कोशिश ___इस्लाह के लिए __मनोज कुमार अहसास

1222 1222 1222 1222





हमे ये गम हमारी ही खताओं से मिला होगा

सहारे इस कबूलत के नज़र को हौसला होगा





खुदा हमको ही लौटा देता है फेकें हुए पत्थर

हक़ीक़त जानकर किससे भला शिकवा गिला होगा





दुआ ये करता हूँ दिल में न कोई अब कभी उतरे

ज़रा नज़दीकियों से फिर नया एक फासला होगा





तसव्वुर बोझ बन जाये ज़माने मे तो फिर क्या हो

फक़त इस्लाह के हाथों से तब अपना भला होगा





बता'अहसास'तेरी बज़्म से उठ जाता तो कैसे

कदम कुछ जम… Continue

Added by मनोज अहसास on June 6, 2015 at 5:00pm — 24 Comments

पेड़ की पुकार ___मनोज कुमार अहसास

घर सजाते रहे ग़र मुझे चीर कर सारी दुनिया किसी दिन उजड़ जायेगी

हम हरें हैँ तो रौशन है सारा जहाँ वरना जीवन की सूरत बिगड़ जायेगी





हम खड़े धूप में तुमको छाया दिये फल मुहब्बत से तुमको सब दे दिये

तुमने अंधी कटाई न रोकी अगर तुमसे मीठी सी छाया बिछड़ जायेगी





साँस लेते हो तुम जिस हवा में सदा ज़हर उसका ख़ामोशी से पीते रहे

यूँ ही बढ़ता रहा जो धुंए का असर साँस तेरी भी एकदिन उखड जायेगी





हमसे बारिश मिले हमसे महके चमन बिन हमारे अधूरा रहे आचमन

हम न… Continue

Added by मनोज अहसास on June 4, 2015 at 11:41pm — 11 Comments

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