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KALPANA BHATT ('रौनक़')'s Blog – February 2018 Archive (4)

अंगुलिमाल(लघुकथा)

शिकार की तलाश में घूमते-घूमते अंगुलिमाल को एक साधु दिखा| उनको देखकर उसने कहा," तैयार हो जाओ तुम्हारी मृत्यु आयी है|"

साधु ने निडर होकर कहा," मेरी मौत! या तुम्हारी...?"

साधु का ऐसा उत्तर सुन कर अंगुलिमाल थोड़ा विचलित हुआ,उसने साधु से पूछा," तुमको मुझसे डर नहीं लगता? मेरे हाथ में हथ्यार देखकर भी नहीं?"

"न .... मैं क्यों डरूँ तुमसे, पर तुम हो कौन और यह माला कैसे पहनी है, इतनी सारी उँगलियाँ .......?"

"हाहाहाहाहा! हाँ यह उँगलियाँ ही हैं और मैं अंगुलिमाल…

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Added by KALPANA BHATT ('रौनक़') on February 21, 2018 at 5:30pm — 5 Comments

एक और रत्नाकर(लघुकथा)

रत्नाकर जंगलों में भटकता, और आने-जाने वालों को लूटता | यही तो उसका पेशा था| नारद-मुनी भेस बदलकर उसके सामने खड़े थे, बहुत दिनों बाद एक बड़ा आसामी हाथ लगा है: सोचकर रत्नाकर ने धमकाया ,"तुम्हारे पास जो कुछ भी हो ,सब मेरे हवाले कर दो वरना जान से हाथ धोना पड़ेगा|"

"ठीक है, सब तुमको दे दूंगा,पर यह पाप है,तुम जो भी कुछ कर रहे हो पाप है|"

"यह मेरा पेशा है,पाप और पुण्य को मैं नहीं जानता! तुम मुझे अपना सब कुछ देते हो कि नहीं? वरना यह लो....|"

नारद जी ने निडर होकर कहा," मुझे मारने के…

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Added by KALPANA BHATT ('रौनक़') on February 19, 2018 at 10:43pm — 17 Comments

धरती पुत्र (लघुकथा)



सुखविंदर जी को सोचमग्न अवस्था में देख उनकी पत्नी ने उनसे पूछा," क्या सोच रहे हो जी?"

"ख़ास कुछ नही...... बस कल अपने खेत पर जो सिपाही आया था उसी के बारे में सोच रहा हूँ.......।"

"सिपाही..... और अपने खेत में.........! कब और क्यों....?"

"कह रहा था कि अपना खेत उसको बेच दूँ.... ।"

"हैं.........! ये क्यों भला......?"

"वह सिपाही न था पर ......सिपाही के खाल में भेड़िया था........ उसका चेहरा ढका हुआ था... पर उसकी आवाज़ कुछ जानी... इतना ही कह पाये कि बाहर से चिल्लाने की आवाज़ आयी।…

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Added by KALPANA BHATT ('रौनक़') on February 16, 2018 at 5:52pm — 3 Comments

परिवर्तित चलन( लघुकथा)

वैलेंटाइन बाबा ने अपने शागिर्द से कहा," मेरा मन कर रहा है भारत भूमि का भ्रमण करूँ, सुना है वहां वैलेंटाइन डे बहुत लोग मनाते हैं|"

" सर! यह विचार आपके मन में कैसे आया? वैलेंटाइन डे तो पश्चिमी देशों का त्यौहार है और आप  तो पूरब में जाने का कह रहे हो!"

"हाँ! सुना है वहाँ  बच्चे एक दूसरे को लाल गुलाब देते है और अब तो वहाँ  भी लिविंग -रिलेशनशिप को मान्यता मिल गयी है तो लोग इसीको प्यार का नाम.....  यह कहते हुए वे चुप हो गए है|

"क्या हुआ सर? आप चुप क्यों हो गये? आपकी इच्छा है तो…

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Added by KALPANA BHATT ('रौनक़') on February 13, 2018 at 9:00pm — 10 Comments

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