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बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s Blog – January 2017 Archive (3)

ग़ज़ल (26 जनवरी)

ग़ज़ल (जनवरी के मास की)



2122 2122 2122 212



जनवरी के मास की छब्बीस तारिख आज है,

आज दिन भारत बना गणतन्त्र सबको नाज़ है।



ईशवीं उन्नीस सौ पंचास की थी शुभ घड़ी,

तब से गूँजी देश में गणतन्त्र की आवाज़ है।



आज के दिन देश का लागू हुआ था संविधान,

है टिका जनतन्त्र इस पे ये हमारी लाज है।



सब रहें आज़ाद हो रोजी कमाएँ खुल यहाँ,

हक़ बराबर का हमारी एकता का राज है।



राजपथ पर आज दिन जब फ़ौज़ की देखे झलक,

छातियाँ दुश्मन की दहले उसकी… Continue

Added by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on January 26, 2017 at 10:00am — 3 Comments

नेताजी (मुक्तक - बहर 2122×4)

नेताजी (मुक्तक - बहर 2122×4)

आज तेइस जनवरी है याद नेताजी की कर लें,
हिन्द की आज़ाद सैना की दिलों में याद भर लें,
खून तुम मुझको अगर दो तो मैं आज़ादी तुम्हें दूँ,
इस अमर ललकार को सब हिन्दवासी उर में धर लें।

मौलिक व अप्रकाशित

Added by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on January 23, 2017 at 1:30pm — 7 Comments

ग़ज़ल (हिन्दी हमारी जान है)

बहर 2212 2212 की रचना।



हिन्दी हमारी जान है,

ये देश की पहचान है।



है मात जिसकी संस्कृत,

मा शारदा का दान है।



साखी कबीरा की यही,

केशव की न्यारी शान है।



तुलसी की रग रग में बसी,

रसखान की ये तान है।



ये सूर के वात्सल्य में,

मीरा का इसमें गान है।



सब छंद, उपमा और रस

की ये हमारी खान है।



उपयोग में लायें इसे,

अमृत का ये तो पान है।



ये मातृभाषा विश्व में,

सच्चा हमारा मान… Continue

Added by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on January 10, 2017 at 6:24pm — 7 Comments

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