For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Neelam Dixit
  • Female
  • Mumbai
  • India
Share on Facebook MySpace

Neelam Dixit's Friends

  • केवल प्रसाद 'सत्यम'
 

Neelam Dixit's Page

Latest Activity

Neelam Dixit commented on Neelam Dixit's blog post गीत- नेह बदरिया नीर नदी बन
"आदरणीय बसंत कुमार शर्मा जी सादर नमस्कार मेरे उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार।"
Jul 14, 2020
बसंत कुमार शर्मा commented on Neelam Dixit's blog post गीत- नेह बदरिया नीर नदी बन
"आदरणीया नीलम दीक्षित जी सादर नमस्कार  अच्छा श्रंगार गीत हुआ हुआ  कहीं कहीं टंकण त्रुटि है ठीक कर लीजियेगा  बधाई आपको "
Jul 14, 2020
Neelam Dixit and केवल प्रसाद 'सत्यम' are now friends
Jul 13, 2020
Neelam Dixit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-117
"प्रोत्साहन के लिए आपका हार्दिक आभार आदरणीय मैठाणी जी।"
Jul 12, 2020
Neelam Dixit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-117
"हार्दिक आभार आदरणीय सतविंद्र जी।"
Jul 12, 2020
Neelam Dixit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-117
"उत्साहवर्धन के लिए बहुत आभार आपका धामी जी ।"
Jul 12, 2020
Neelam Dixit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-117
"दोहे- रोटी रोटी की खातिर फिरे, जब बचपन लाचारखुशहाली का स्वप्न फिर, ले कैसे आकार।1। भाग दौड़ में खप गया, सपनों का उत्साह रोटी रोटी हो गई, उड़ लेने की चाह।2। सोंधी सोंधी सी महक, ममता और मिठासरोटी रोटी में लगे, जैसे मां हो पास।3। अपने सब छूटे कहीं,…"
Jul 11, 2020
Neelam Dixit posted a blog post

गीत- नेह बदरिया नीर नदी बन

नेह बदरिया नीर नदी बनआंखों आंखों स्वप्न सधे हैंकाजल की काली रेखाएंसरिता पर ज्यूँ बांध बांधें हैं।नख बन भाव कुरेदें बातेंयादें मोहक धूमिल छवि कीटूट रहे पतवार हृदय केतूफानी लय है सांसों कीपर्वत से तटबंध दिलों परसकुचाते उदगार बंधें हैं।काजल की काली रेखाएंसरिता पर ज्यूँ बांध बांधें हैं।मुनरी कंगन छागल बिछुएसबकी सबसे रार हुई हैगजरे की अनबन बालों सेअबकी पहली बार हुई हैआतुर है श्रृंगार मिलान कोलोक लाज के बांध बंधें हैं।काजल की काली रेखाएंसरिता पर ज्यूँ बांध बांधें हैं।'मौलिक व अप्रकाशित'नीलम दीक्षित.See More
Jul 10, 2020
Neelam Dixit replied to वीनस केसरी's discussion हिन्दी छन्द परिचय, गण, मात्रा गणना, छन्द भेद तथा उपभेद - (भाग १) in the group भारतीय छंद विधान
"आदरणीय वीनस जी,  छंद विधान की महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए आपका आभार. सादर."
Nov 25, 2019
Neelam Dixit joined Admin's group
Thumbnail

भारतीय छंद विधान

इस समूह में भारतीय छंद शास्त्रों पर चर्चा की जा सकती है | जो भी सदस्य इस ग्रुप में चर्चा करने के इच्छुक हों वह सबसे पहले इस ग्रुप को कृपया ज्वाइन कर लें !See More
Nov 25, 2019
Neelam Dixit joined Admin's group
Thumbnail

हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"
Nov 25, 2019
Neelam Dixit updated their profile
Nov 23, 2019
Neelam Dixit is now a member of Open Books Online
Nov 22, 2019

Profile Information

Gender
Female
City State
Mumbai Maharashtra
Native Place
Lucknow UP
Profession
Writer
About me
I believe Whatever the heart can imagine,the mind can do.

Neelam Dixit's Blog

गीत- नेह बदरिया नीर नदी बन

नेह बदरिया नीर नदी बन

आंखों आंखों स्वप्न सधे हैं

काजल की काली रेखाएं

सरिता पर ज्यूँ बांध बांधें हैं।

नख बन भाव कुरेदें बातें

यादें मोहक धूमिल छवि की

टूट रहे पतवार हृदय के

तूफानी लय है सांसों की

पर्वत से तटबंध दिलों पर

सकुचाते उदगार बंधें हैं।

काजल की काली रेखाएं

सरिता पर ज्यूँ बांध बांधें हैं।

मुनरी कंगन छागल बिछुए

सबकी सबसे रार हुई है

गजरे की अनबन बालों से

अबकी पहली बार हुई है

आतुर है श्रृंगार…

Continue

Posted on July 9, 2020 at 11:26pm — 2 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
8 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
15 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
yesterday
Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय सुशीलजी हार्दिक बधाई। लगातार बढ़िया दोहा सप्तक लिख रहें हैं। घूस खोरी ....... यह …"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Mar 5
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Mar 4
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Mar 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service