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आध्यात्मिक चिंतन Discussions (77)

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ब्राह्मण

ब्राह्मण=====पंचकोशों को परिपूर्ण बनाया जाना चाहिये परंतु कैसे? उन्हें यम नियम और साधना के सभी पाठों के द्वारा सम्रद्ध बनाया जा सकता है। अन…

Started by Dr T R Sukul

1 May 12, 2016
Reply by Saurabh Pandey

उत्तमो ब्रह्मसद्भावो

उत्तमो ब्रह्मसद्भावो============= वर्तमान युग में भगवान की पूजा करने के अनेक प्रकार प्रयुक्त किये जाते हैं अतः जन सामान्य के मन में यह प्रश…

Started by Dr T R Sukul

0 Mar 24, 2016

बाबा की क्लास ( पंडित, विद्वान और ब्राह्मण)

बाबा की  क्लास ( पंडित, विद्वान और ब्राह्मण) ==============================  - बाबा ! मैंने अनेक जगह सुना और पढ़ा है कि जो विद्वान है उसे ही…

Started by Dr T R Sukul

0 Feb 27, 2016

Spirituality ... from children's eyes

For several years, my wife Neera ji and I have volunteered on Sundays to teach the children at Bal Vihar School run by Chinmaya Mission he…

Started by vijay nikore

5 Nov 28, 2014
Reply by Vindu Babu

SACREDNESS OF LOVE .... (Vijay Nikore)

                                                                             SACREDNESS  OF  LOVE   Definitions of words are helpful, and…

Started by vijay nikore

6 Nov 12, 2014
Reply by vijay nikore

उपनिषदों से जीवात्म रहस्य खंगालना - एक कोशिश

                                              उपनिषदो से जीवात्म रहस्य खंगालना - एक कोशिश                                                  …

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

2 Aug 7, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

FREEDOM ..... ( Vijay Nikore )

FREEDOM My humble tribute to revered Swami Vivekananda ji on his Mahasamadhi Day, 4th of July.                                           …

Started by vijay nikore

2 Jul 16, 2014
Reply by vijay nikore

शैवागमीय प्रत्यभिज्ञा-दर्शन की ईषत जानकारी -डा0 गोपाल नारायन श्रीवास्तव

             महाकवि जयशंकर ‘प्रसाद’ ने अपनी कालजयी कृति ‘कामायनी’ में शैवागम के प्रसिद्ध दर्शन ‘प्रत्यभिज्ञा’ के सिद्धांतो का  आलंबन लेकर क…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Jun 29, 2014

अमरीका में भारतीय संस्कृति और शास्त्र-ज्ञान.....(विजय निकोर)

अमरीका में भारतीय संस्कृति और शास्त्र-ज्ञान   यह हमारा सौभाग्य है कि यहाँ अमरीका में, केनाडा में और युरोप के देशों मे हमें अपनी संस्कृति पर…

Started by vijay nikore

6 Jun 1, 2014
Reply by vijay nikore

SELF ACTUALIZATION [ स्वानुभूति / आत्मसाक्षात्कार ]

* स्व + अनुभूति = आत्मसाक्षात्कार * मानव जीवन अस्तित्व के लिए संघर्ष और पुरुषार्थ सिद्धि हेतु यथावस्था लक्ष्य निर्धारण तथा उसकी प्राप्ति क…

Started by विजय मिश्र

4 May 21, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

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Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
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Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
23 hours ago
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
yesterday
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
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Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
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Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Thursday
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5

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