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लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Discussions (4,212)

Discussions Replied To (9) Replies Latest Activity

सदस्य टीम प्रबंधन

"सुदर जानकारी सरल शब्दों में उपलब्ध हुई है | आपके ये प्रयास हम लोगो के लिए बहुत ही उप…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Mar 31, 2014 to कुण्डलिया छंद : मूलभूत नियम

9 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"छंद पकैया छन्द पकैया, जाऊ मै बलिहारी  सुन्दर सुन्दर छंद रचे है, हँसने की है बारी |…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Mar 4, 2014 to सार छंद/ छन्न पकैया // --सौरभ

19 Feb 20, 2016
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

सदस्य टीम प्रबंधन

"जी आदरणीय सौरभ जी, मुझे नव गीत, नई-कविता,और अतुकांत कविता के बीच अंतर का स्पष्ट ज्ञा…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 9, 2013 to नवगीत ( एक परिचर्चा)

123 Nov 10, 2014
Reply by Rahul Dangi Panchal

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीया डॉ प्राची सिंह जी, सर्व प्रथम तो "नवगीत (एक परिचाय)" में काफी परिश्रम कर विस…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 7, 2013 to नवगीत ( एक परिचर्चा)

123 Nov 10, 2014
Reply by Rahul Dangi Panchal

"हिन्दी छन्द परिचय, गण, मात्रा गणना, छन्द भेद पर सरल शब्दों में अच्छी प्रारंभिक जानका…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Dec 5, 2012 to हिन्दी छन्द परिचय, गण, मात्रा गणना, छन्द भेद तथा उपभेद - (भाग १)

21 Jul 12, 2020
Reply by अंकित कुमार नौटियाल

"इस सुन्दर और लाभप्रद जानकारी के लिए हार्दिक आभार स्वीकारे आदरणीय अम्बरीश श्रीवास्तव…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Nov 29, 2012 to रोला छंद एक परिचय:

8 Nov 29, 2012
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

सदस्य टीम प्रबंधन

"इस सुन्दर और लाभप्रद जानकारी के लिए हार्दिक आभार स्वीकारे "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Nov 29, 2012 to गीतिका छंद

17 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"गुरुवर श्री अम्बरीश श्रीवास्तव जी, इस प्रकार की जानकारी  आप  इस मंच के माध्यम से उपल…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Sep 19, 2012 to 'मत्त सवैया' या 'राधेश्यामी छंद' :एक परिचय

15 Sep 24, 2012
Reply by Brajesh Kant Azad

"सर्वोपरि दोहा लगे, अनुपम रूप-स्वरुप. दोहा रचना है सुगम, नहीं कठिन कुछ खास. प्रभुवर…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jul 27, 2012 to सर्वोपरि दोहा लगे, अनुपम रूप-स्वरुप..(तेईस प्रकार के दोहे)

19 Sep 24, 2012
Reply by Brajesh Kant Azad

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'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

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दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
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दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
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