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Dr.Prachi Singh's Discussions (3,905)

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सदस्य टीम प्रबंधन

"बहुत बारीकी सी समझाया गया कल गणना और निर्वहन का मन्त्र  सादर "

Dr.Prachi Singh replied Dec 6, 2019 to मात्रिक पदों में शब्द-संयोजन

12 Jun 27, 2021
Reply by Om Parkash Sharma

सदस्य टीम प्रबंधन

"बहुत आवश्यक जानकारी देता विस्तृत आलेख साधुवाद आदरणीय "

Dr.Prachi Singh replied Dec 6, 2019 to पद्य-रचनाओं में पंक्चुएशन के चिह्न // --सौरभ

9 Dec 6, 2019
Reply by Dr.Prachi Singh

सदस्य टीम प्रबंधन

"हरिगीतिका छंद (२२१२,२२१२,२२१२,२२१२ )पर हम सबने यहीं मंच पर बहुत गंभीर रचनाएँ की हैं.…"

Dr.Prachi Singh replied Dec 6, 2019 to हरिगीतिका छन्द के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

25 on Tuesday
Reply by मिथिलेश वामनकर

"रूपमाला छंद के विधान के साथ ही चर्चा के अंश से पुनः गुज़रना ..बहुत सुहाया  बहुत खूबस…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 18, 2015 to 'रूपमाला रूपसी है, रास करता छंद'. :मदन-छंद या रूपमाला

25 Jan 18, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीय गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी  सर्वप्रथम तो इस शब्दों की अर्थ संवहन शक्ति और उस…"

Dr.Prachi Singh replied Jun 12, 2014 to अर्थ गौरव की ऊर्जा है शब्द शक्ति

22 Apr 27, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी, यह छंद थोड़ा जटिल अवश्य है... प्रतिपद चरणों का आरम्भ किन कलों  से किय…"

Dr.Prachi Singh replied Apr 3, 2014 to कामरूप छंद // --सौरभ

14 on Tuesday
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"चौपई छंद पर, चौपाई छंद की तुलनात्मकता के साथ सम्यक जानकारी साँझा करने के लिए धन्यवाद…"

Dr.Prachi Singh replied Apr 3, 2014 to चौपई छंद // --सौरभ

15 Mar 13, 2016
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"रचनाकर्म के लिए तुकांतता की मूलभूत जानकारियाँ साझा करती बहुत ही सार्थक और उपयोगी पोस…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 21, 2014 to तुकान्तता के नियम // -सौरभ

47 Oct 12, 2016
Reply by Himanshu pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी  सबसे पहले तो करबद्ध क्षमा मांगती हूँ इस पोस्ट पर इतनी देर से आने के…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 3, 2014 to कविता क्या है ? .. // --सौरभ

14 Jan 15, 2014
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय गिरिराज भंडारी जी, इस आलेख पर आपका स्वागत है..  आपके संशय का स्वागत है.. //म…"

Dr.Prachi Singh replied Sep 5, 2013 to नवगीत ( एक परिचर्चा)

123 Nov 10, 2014
Reply by Rahul Dangi Panchal

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Chetan Prakash replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 156 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहावलीः सभी काम मिल-जुल अभी, होते मेरे गाँव । चाहे डालें हम वहाँ, छप्पर हित वो छाँव ।। बैठेंगे…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 156 in the group चित्र से काव्य तक
"दिये चित्र में लोग मिल, रचते पर्ण कुटीरपहुँचा लगता देख ये, किसी गाँव के तीर।१।*घास पूस की छत बना,…"
5 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 156 in the group चित्र से काव्य तक
"हाड़ कंपाने ठंड है, भीजे को बरसात। आओ भैया देख लें, छप्पर के हालात।। बदरा से फिर जा मिली, बैरन…"
8 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से सम्मानित करने का दिल से आभार । सर यह एक भाव…"
14 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"आदरणीय सुशील सरना जी बहुत बढ़िया दोहा लेखन किया है आपने। हार्दिक बधाई स्वीकार करें। बहुत बहुत…"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Wednesday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार । सुझाव के लिए हार्दिक आभार लेकिन…"
Wednesday
Chetan Prakash commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"अच्छे दोहें हुए, आ. सुशील सरना साहब ! लेकिन तीसरे दोहे के द्वितीय चरण को, "सागर सूना…"
Wednesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion कामरूप छंद // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
"सीखे गजल हम, गीत गाए, ओबिओ के साथ। जो भी कमाया, नाम माथे, ओबिओ का हाथ। जो भी सृजन में, भाव आए, ओबिओ…"
Tuesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion वीर छंद या आल्हा छंद in the group भारतीय छंद विधान
"आयोजन कब खुलने वाला, सोच सोच जो रहें अधीर। ढूंढ रहे हम ओबीओ के, कब आयेंगे सारे वीर। अपने तो छंदों…"
Tuesday

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मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion उल्लाला छन्द // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
"तेरह तेरह भार से, बनता जो मकरंद है उसको ही कहते सखा, ये उल्लाला छंद है।"
Tuesday

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