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"आदरणीय समर कबीर साहब, आपकी प्रतिक्रिया ही लघुकथा को सार्थक करती है । दिली आभार !"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया कल्पना भट्टजी, बहुत-बहुत आभार आपका ।"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया नीता कसारजी, बहुत-बहुत आभार ।"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया राजेश कुमारीजी, बहुत-बहुत आभार आपका ।"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया प्रतिभा पांडेजी, आपकी सटीक प्रतिक्रिया से लेखन को संबल मिला ।"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीया सीमा मिश्राजी, प्रदत्त विषय पर लेखन सार्थक हुआ । बहुत-बहुत आभार ।"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आभार आदरणीय तेजवीर साहब आपका बहुत-बहुत आभार ।"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत-बहुत आभार आदरणीय लक्ष्मण जी ।"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आभार आदरणीय सुधीर द्विवेदी जी बहुत-बहुत आभार ।"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत-बहुत आभार आदरणीय योगराज प्रभाकरजी ।"

Mohammed Arif replied Jan 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

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