For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

OBO के १००० सदस्य पुरे होने पर एक घोषणा

साथियों ! OBO परिवार के १००० सदस्य होने पर मैं एक घोषणा करना चाहता हूँ | १ अप्रैल २०१० से ३० जून २०११ तक ओपन बुक्स ऑनलाइन पर प्रकाशित अपने सदस्यों की रचनाओं से कुछ चुनिन्दा रचनाओं (लगभग १००) को रचनाकारों के जीवन परिचय सहित उनसे लिखित अनुमति प्राप्त कर एक पुस्तक OBO के बैनर तले छपवाने का प्रस्ताव है |

 

मैं समझता हूँ की अभी तक इस तरह का कार्य कोई वेब साईट वालों ने नहीं किया है, और OBO पहला होगा, इस घोषणा के बाद इस कंसेप्ट को कोई उड़ा ले तो मैं नहीं कह सकता |

 

सोच यह है कि सभी सदस्यों के पास संसाधन नहीं है जो अपनी रचनाओं का संग्रह छपवा सके किन्तु जो OBO पुस्तक प्रकाशित करेगा उसमे संभव है उन सदस्यों कि भी रचनाएँ छप जाये जो कुल जमा ५-१० रचनाएँ ही अभी तक लिख सके हों |

 

आप सदस्यों कि राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है, यदि इस सम्बन्ध में आप कोई सुझाव देना चाहते हो तो कृपया नीचे दिए कमेंट्स बॉक्स में अवश्य लिखे |

 

आपका अपना

गणेश जी "बागी"

(संस्थापक)

ओपन बुक्स ऑनलाइन

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Replies to This Discussion

धन्यवाद जया बहन, आपको भी बधाई , कृपया स्नेह बनाये रखे |

ओ बी ओ सदस्य आदरणीय प्रभाकर पाण्डेय जी ने मेल के द्वारा सन्देश भेजे है .......

 

गणेशजी,
नमस्कार.
 
सर्वप्रथम तो 1000 सदस्य होने पर आपको बहुत-बहुत बधाई। इसके पीछे आपकी साकारात्मक सोच एवं कार्य को नमन। और साथ ही पुस्तक के रूप में सदस्यों की रचनाएँ लाने के लिए आपके द्वारा उठाए जा रहे कदम, विकास की ओर अग्रसर हों...एही कामना।।
 
सादर।।

--
प्रभाकर पाण्डेय
Prabhakar Pandey
प्रभाकर भईया,
प्रणाम,
आप सब का यह आशीर्वाद है जो मैं कुछ कर पाता हूँ , सराहना हेतु धन्यवाद |

आपका अनुज
गणेश जी "बागी"

एक वो दिन था, जब आपने मुझे सूचना दी थी कि अगले महीने openbooksonline नामक साईट की स्थापना होगी. और एक आज का दिन है, जब इसके सदस्यों की संख्या ने १००० का आँकड़ा भी पार कर लिया. हिंदी साहित्य के क्षेत्र में यह प्रयास निश्चित रूप से अभूतपूर्व है और इसके लिए आप 'लख-लख' बधाइयों के पात्र हैं. सबसे ज्यादा फायदा मुझ जैसे नौसीखियों को ही हुआ है, जिन्हें इसके पहले न तो किसी का मार्गदर्शन मिलता था और न ही अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए कोई मंच.

आपके और प्रधान सम्पादक जी के संरक्षण में OBO नित नयी बुलंदियों को यूँ ही छूता रहेगा, ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है. साथ ही, 'पुस्तक' वाले प्रस्ताव का हार्दिक स्वागत है.

विवेक भाई, आप जैसे मित्रों के प्रोत्साहन का ही परिणाम है जो ओ बी ओ को आज इस मुकाम पर हम सभी देख रहे है, जैसा की भाई अरुण जी और वीनस जी बराबर कहते रहते है कि यह तो रास्ते का छोटा मील stone है | ओ बी ओ को लेकर बहुत बड़ी योजना है जिसे धीरे धीरे कार्यान्वित किया जायेगा | पुस्तक योजना भी उसी योजना का पार्ट है | मित्रों का साथ मिलता रहेगा तो एक दिन हम सब का ओ बी ओ परिवार बहुत ही ऊँचा मुकाम हासिल करेगा |

सराहना हेतु बहुत बहुत धन्यवाद |

भाई गणेश जी "बागी",

वन्दे !

ओपन बुक्स ओनलाइन [ OBO ]   के एक हज़ार से अधिक सद्स्य होने पर बधाई !

मैं तो आपके इस उपक्रम से दूर ही रहा ! आपके संदेश बार-बार मिलते भी रहे

मगर समय अभाव के के कारण इस से आंशिक जुडा़व भी नहीं हुआ ! इस हेतु कसक भी है !

खैर ! आपके प्रयास वटवृक्ष का आकार लें ! मेरी शुभकामनाएं !

आपकी सदैव जय हो !

 

आपका ही अपना

[ओम पुरोहित"कागद"]

09414380571

आदरणीय अग्रज श्री ओम पुरोहित "कागद" जी, आप जैसे साहित्यकारों को हमलोग अपने मध्य पाकर बहुत ही प्रफुलित महसूस करते है, आपका आशीर्वाद बहुत ही महत्वपूर्ण है, 

ओ बी ओ तो एक यज्ञ है जिसमे हम सभी अपने अपने हिस्से की आहुति दिए जा रहे है | आपके आशीर्वाद की भी आवश्यकता है | सराहना और सम्प्रेषण स्थापित करने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद | 

गणेश, ये तो बहुत अच्छी सूचना है. इससे कुछ और लेखक भी प्रोत्साहित होंगे. जिनकी रचनाओं को इस पुस्तक में जगह मिलने जा रही है उन्हें मैं अभी से ही बधाई दे रही हूँ व आपको भविष्य में और सफलता के लिये तमाम शुभकामनायें. मेरी भी यहाँ ताक-झाँक चलती ही रहेगी..तमाम बातों की जानकारी ना होने से हिचक रहती है, उनके बारे में शायद यहाँ मालूम होता रहेगा. और मुझे इस आनलाइन परिवार में शामिल करके सम्मान देने का बहुत शुक्रिया.

 

जी, सन्नो दीदी, प्रयास तो यही है , आप ओ बी ओ परिवार की हिस्सा है , हम लोग भी गर्वान्वित है |

pranam ganesh jee ,

 

bahut bahut badhai aapko bhi !

राजीव जी धन्यवाद और स्वागत है आपका |

         1000 सम्मानित सदस्यों को मेरा हार्दिक अभिवादन !

                                  ओ बी ओ के प्रबंधन को कोटिशः धन्यवाद कि उन्होंने नए -पुराने साहित्यकारों को ऐसा मंच प्रदान किया .  जहाँ तक मेरी अनुमति की बात है तो मुझे गर्व होगा यदि मेरी किसी भी रचना को आपकी सम्मानित पुस्तक में  स्थान मिला .विश्वास है कि आपका यह प्रयास ओ बी ओ को इन्टरनेट की दुनिया से निकलकर हिंदी साहित्य में स्थान दिलायेगा.
आपका -----
विभूति कुमार
निरीक्षक , केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क
पटना. बिहार

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