For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Deepak Sharma Kuluvi's Comments

Comment Wall (30 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:40pm on May 2, 2014, Abid ali mansoori said…

swagat hai aapka

At 5:27pm on January 7, 2013, श्रीराम said…

 'कुल्लवी' जी अभिवादन और स्वागत है आप का मित्र बनने पर .

At 2:43pm on October 11, 2012, राज़ नवादवी said…

Thanks Kulluvi Saheb, your appreciation of my writing is very valuable to me. Regards

At 1:33pm on July 25, 2012, ganesh lohani said…

At 1:29pm on July 25, 2012, ganesh lohani said…

At 11:37pm on July 18, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

आदरणीय दीपक 'कुल्लवी' जी अभिवादन और स्वागत है आप का मित्र बनने पर ....आप के पिता श्री विद्रोही जी को भी मेरा नमन .

.आप की नगरी कुल्लू मनाली है ही ऐसी प्रभुवर कि सब भागे चले आते हैं वैसे ही मै यानी 'भ्रमर' भी भ्रमण करते आप की वादियों तक उत्तर प्रदेश से कई प्रदेशों तक होते आ पहुंचा हूँ और प्रभु कृपा से आप सब के मधुर गान और रचनाओं ,व्यास नदी के तट पहाड़ी वादियों में  प्रेमियों का प्रेम पाते कुछ दिन यहाँ भी गुजारने चलता फिरता रहता हूँ ...
जय साईं ..
भ्रमर ५ 
At 2:32pm on June 8, 2012, अरुण कान्त शुक्ला said…

धन्यवाद कुल्लवी जी .

At 10:31pm on June 4, 2012, MAHIMA SHREE said…

आपकी आभारी हूँ कुलवी जी , धन्यवाद

At 2:35pm on March 27, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

aadarniy dipak ji, sadar abhivadan.

aapka sneh mila , utsah badha. aap jaisi mahan hasti ka ashirvachan mere liye anmol hai. aap koyle ko hira kah rahe hain. aap jaise surya ki roshni se prakashit hone ka prayas karunga. abhar.

At 10:29am on March 17, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

aadarniya mahoday, sadar abhivadan. aapne mujhe mitr banaya , abhar. 

At 3:51pm on August 10, 2011, Shanno Aggarwal said…
आपका बहुत धन्यबाद, दीपक जी.
At 4:52pm on July 7, 2011, Ananda Shresta said…

Thank You for being with me .दोस्ति बढाने के लिए हार्दिक धन्यबाद् ।

 

At 10:18am on June 24, 2011, Neelam Upadhyaya said…
Ji bahut-bahut dhanyawaad
At 2:43pm on May 16, 2011, R N Tiwari said…
धन्यवाद ! 
At 10:37am on May 13, 2011, Azeez Belgaumi said…

दीपक  जी .... आदाब  .... शुक्रिया  के  आप  ने  मेरे  दर्द  को  महसूस  किया ...

अज़ीज़ बेलगामी
09900222551

At 8:07pm on May 3, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 4:22pm on February 23, 2011, Team Admin said…

दीपक जी

इस वेबसाइट(ओपन बुक्स ऑनलाइन) पर दुसरे वेबसाइट का लिंक देना मन है...त्वरित कार्यवाई के साथ लिंक हटा दी गयी है....

विशेष जानकारी के लिए ओपन बुक्स ऑनलाइन की प्रकाशन सम्बन्धी नियमावली का लिंक निचे दे रहा हूँ...एक बार देख लेंगे....
आशा है आप सहयोग करेंगे....
आपका
ADMIN
OPEN BOOKS ONLINE

At 9:47am on November 4, 2010, Admin said…
इन्त्जारोपरांत आपकी दो रचना जो दीपावली आधारित थी "OBO लाइव महा इवेंट" अंक १ मे प्रबंधन स्तर से कर दी गई है आप उसे नीचे दिये लिंक पर देख सकते है |
http://www.openbooksonline.com/forum/topics/obo-1/showLastReply
At 11:55pm on October 2, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 8:44pm on September 15, 2010, Admin said…
आपका तरही मुशायरे के लिये भेजा गया पोस्ट जो नीचे लिखा हुआ है उसे मुशायरा मे पोस्ट कर दिया गया है जिसे आप नीचे के लिंक पर देख सकते है ....
http://openbooksonline.com/forum/topics/obo-2?id=5170231%3ATopic%3A18867&page=8#comments

उन्ही के कदमों में जा गिरा ज़माना है
इश्क़-ओ-मुहब्बत का जिनके पास ख़ज़ाना है
वफ़ा की सूली पे जो हँसता हुआ चढ़ जाए
नाम-ए-बेवफ़ाई से बिल्कुल जो अंजाना है
ईद और दीवाली में जो फ़र्क़ नहीं करता
अल्ला और राम को एक जिसने माना है
आसां नहीं है जीना ऐसे जनू वालों का
शॅमा की मुहब्बत में हँसकर जल जाते परवाने हैं
'दीपक कुल्लवी उन सबको करता है सलाम
इंसानियत का बोझ जो हंसकर उठाते हैं

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ६९
"आदाब, मैं स्वयं नहीं समझ पाया। शायद सिस्टम में किसी वजह से मेरी पोस्ट उड़ गई थी, जनाब योगराज जी से…"
11 minutes ago
राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७०
"आदरणीय समर कबीर साहब, आदाब, ग़ज़ल में शिरकत और इस्लाह का तहेदिल से शुक्रिया। जी जनाब, ज़ल्द बाज़ी में…"
14 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पण्डे जी आपके उत्साह वर्धन से नई ऊर्जा मिली लेखनी सार्थक हुई दिल से आभार"
16 minutes ago
Samar kabeer commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७०
"जनाब राज़ नवादवी साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । ' तीर चलता नहीं ब…"
30 minutes ago
Samar kabeer commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ६९
"इस ग़ज़ल की टिप्पणी कहाँ गईं?"
39 minutes ago
Samar kabeer commented on Ravi Shukla's blog post गीत दफ्तर पर
"जनाब रवि शुक्ला साहिब आदाब,गीत का प्रयास अच्छा है बधाई स्वीकार करें । ' लंबे चौड़े दफ्तर…"
40 minutes ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"अखाड़े चली रूढ़ियाँ तोड़करलँगोटी कसी लाज भय छोड़कर// बहुत सुन्दर   प्रदत्त चित्र के मर्म को…"
49 minutes ago
Samar kabeer commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल -5 ( दोपहर की धूप में बादल सरीखे छा गए)
"जनाब क़मर जौनपुरी साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । ' दोपहर की धूप…"
50 minutes ago
क़मर जौनपुरी commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- नेकियाँ तो आपकी सारी भुला दी जाएँगी / दिनेश कुमार
"बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है। बहुत बहुत मुबारकबाद।"
2 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय प्रतिभा पण्डे जी चित्रानुरूप बेहतरीन रचना के लिए बहुत बहुत बधाई"
2 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब सादर अभिवादन आपके उत्साह वर्धन से लेखनी सफल हुई दिल से आभार"
2 hours ago
Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हुस्न तेरी आशिकी से कौन रखता दूरियाँ - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर" ( गजल )
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें…"
3 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service