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स्वागत नव् वर्ष का .....डॉo विजय शंकर

जीना ,
जीने से बढ़ कर
जीने की इच्छा ,
इच्छा के साथ
और इच्छायें ,
आशायें , उम्मीदें।
एक आस , हर
आनेवाले दिन से ,
वर्ष से .........
स्वागत नव् वर्ष का .......
कुछ अर्पण के लिए
कुछ समर्पण के भाव लिए
कुछ नये वादों के साथ ,
कुछ दृढ़ इरादों के साथ ....
स्वागत नव् वर्ष का .......

मौलिक एवं अप्रकाशित

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on January 17, 2017 at 11:04pm

आदरणीय डॉ. विजय शंकर जी , नववर्ष पर बहुत अच्छी रचना हुई है। इस प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई। सादर।


Comment by Dr. Vijai Shanker on January 3, 2017 at 9:09pm
आदरणीय गिरिराज भंडारी जी , रचना की स्वीकृति हेतु आभार एवं धन्यवाद , नव वर्ष आपको सपरिवार मंगलमय हो , सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 3, 2017 at 9:32am

आदरणीय विजय भाई , नये साल पर अच्छी रचना हुई है , दिल से बधाइयाँ  रचना के लिये और आपको भी नये साल की हार्दिक शुभ कामनाये

Comment by Dr. Vijai Shanker on January 3, 2017 at 4:56am
प्रिय मिथिलेश वामनकर जी , रचना को स्वीकृति प्रदान करने हेतु आभार एवं धन्यवाद , नव वर्ष की ढेरों शुभकामनायें , सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 2, 2017 at 11:35pm

आदरणीय डॉ. विजय शंकर सर, नववर्ष पर बहुत अच्छी रचना हुई है। इस प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई। सादर।

Comment by Dr. Vijai Shanker on January 2, 2017 at 9:31pm
आदरणीय डॉo आशुतोष मिश्र जी , रचना हेतु आभार एवं धन्यवाद , नव वर्ष की ढेरों शुभकामनायें , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on January 2, 2017 at 9:28pm
आदरणीय समर कबीर साहब , नमस्कार ,जिंदगी तो महत्वपूर्ण है ही , साथ ही जीने की इच्छा भी उतनी ही जरूरी है और वह इच्छा बलवती होती है उस परिवेश से जिसमें हम रहते हैं। आपका बहुत आभार एवं धन्यवाद और नव् वर्ष की अनेकानेक शुभकामनाएं , आप स्वस्थ और प्रसन्न रहें , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on January 2, 2017 at 9:23pm
आदरणीय महेंद्र कुमार जी , आभार एवं नव् वर्ष की अनेकानेक मंगल कामनाएं , सादर।
Comment by Dr Ashutosh Mishra on January 2, 2017 at 8:31pm
आदरणीय विजय सर नव वर्ष का स्वागत करती इस रचना के लिए ढेर सारी बधाई स्वीकार करिं सादर
Comment by Samar kabeer on January 2, 2017 at 5:19pm
आली जनाब डॉ.विजय शंकर जी आदाब,इंसानी फ़ितरत की कितनी ख़ूबी और हुनर मंदी से कविता का रूप दिया है आपने,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें,साथ ही नये साल की मुबारकबाद क़ुबूल फ़रमाएं ।

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