For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल - मेरे महबूब कभी मिलने मिलाने आजा ( सलीम रज़ा रीवा )

मेरे  महबूब  कभी  मिलने  मिलाने  आजा !

मेरी   सोई   हुई   तक़दीर  जगाने   आजा !!

तेरी आमद को समझ लूँगा मुक़द्दर अपना !

रूह बनके मेरी   धड़कन मे समाने आजा !!

मैं तेरे  प्यार  की   खुश्बू  से महक जाऊगा !

गुलशने  दिल को मुहब्बत से सजाने आजा !!

 

तेरी    उम्मीद   लिए    बैठे    हैं    ज़माने  से !

कर  के  वादा  जो  गये  थे वो निभाने आजा !!

बिन तेरे सूना है ख़्वाबो का ख़्यालो का महल !

ऐसी    वीरानगी   में   फूल   सजाने    आजा !!

तेरी  हर  एक  अदा  जान  से  प्यारी है मुझे !

तू  हंसाने  न  सही   मुझको  सताने  आजा !!

अब  तड़प दिल की नही और सही जाती है !

प्यार  की कोई  ग़ज़ल मुझको सुनाने आजा !!

मौलिक व अप्रकाशित

9424336644

 

Views: 1129

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by SALIM RAZA REWA on October 18, 2013 at 10:42pm

bahan  coontee mukerji ji dili khushi mili...

Comment by SALIM RAZA REWA on October 18, 2013 at 10:41pm

adarndiy ARUN KUMAR JI..bahut bahut shukriya ...ji tankan galti hui hai mafi chahta hun ..par aap sab ache jan kar mat lab samajj rahe hai.

Comment by coontee mukerji on October 18, 2013 at 12:54pm

इस रूमानियत भरी गज़ल को सलाम करती हूँ.

धूप में ठंडी छाँव की तरह,


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by अरुण कुमार निगम on October 18, 2013 at 9:03am

आदरणीय सलीम रजा जी, आपको पढ़कर एक पुरानी गज़ल  रंजिश ही सही.....याद आ गई. कहीं-कहीं पर टंकण त्रुटियाँ खटक रही हैं.

अब तड़प दिल की नही और सही जाती है !

प्यार की कोई ग़ज़ल मुझको सुनाने आजा !!......बहुत खूब....

Comment by SALIM RAZA REWA on October 18, 2013 at 7:52am

vinaus ji aaj tak maine faz sahab ki gazal nahi padhi ,sach to ye hai ki maine faiz sahab ko hi nahi padha   

YE MERA APNA KHYAL HAI  KAI LAKAH GAZAL LIKHI GAI HAI

kisi se kisi kitkra sakti hai koi kya kar sakta hai ..

han vinas ji faiz sahab ki gazal jarur hamare meil me debhejen ....salimraza1975@gmail.com

Comment by वीनस केसरी on October 17, 2013 at 10:11pm

हुज़ूर ग़ज़ल तो बहुत खूब कही है मगर इसकी जमीन के साथ साथ तमाम अशआर सीधे फैज़ साहब के सबसे मशहूर ग़ज़ल से टकरा रहे हैं और आप पर चर्बा करने का इलज़ाम आयद हो सकता है ..
हर शाइर को इससे बचने की कोशिश करनी चाहिए आप एक बार फैज़ साहब की ग़ज़ल से अपनी ग़ज़ल का मिलान कर लें

Comment by SALIM RAZA REWA on October 17, 2013 at 9:19pm

Sushil.Joshi ji aapki muhabbat bhare lahze aur muhabbat ke ras bhar te hain..shukriya

Comment by Sushil.Joshi on October 17, 2013 at 8:52pm

वाह आदरणीय सलीम रज़ा जी.... बहुत ही सुंदर प्रस्तुति है...... अपने प्रियतम को जब कोई इस तरीक़े से बुलाए तो वह क्यों न आए भला...... वाह..... बधाई इस सुंदर रचना हेतु......

दूसरे शेर में टंकण दोष प्रतीत होता है मुझे.....  'तेरी आमद को समझ लुगा मुक़द्दर अपना'... में शायद 'समझ लूँगा' होना चाहिए यद्दपि उर्दू शब्दों का अधिक ज्ञान नहीं है मुझे..... कृपया मेरी भूल सुधारिएगा यदि मेरा कहना गलत हो तो.....

Comment by SALIM RAZA REWA on October 17, 2013 at 8:11pm

adarniy गिरिराज भंडारी ji dili shukriya 

ghazal pasand karne ke liye , apni mohabbat yu hi banaye rakhe 

Comment by SALIM RAZA REWA on October 17, 2013 at 8:10pm

bahan  Sarita Bhatia  ji shkriya

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
53 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
1 hour ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
3 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी प्रश्न व्यय का ही नहीं सक्रियता और सहभागिता का है। पोर्टल का एक उद्देश्य है और अगर वही डगमगा…"
3 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जैसा कि ज्ञात हुआ है कि संचालन का व्यय प्रतिवर्ष 90 हज़ार रुपये आ रहा है। इस रकम को इतने लंबे समय तक…"
7 hours ago
Admin replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"लगभग 90 हजार प्रति वर्ष"
22 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर नमस्कार और आदाब सम्मानित मंच। ओबीओ के वाट्सएप समूह से इस दुखद सूचना और यथोचित चर्चा की जानकारी…"
23 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय, ओ.बी.ओ. को बंद करने का निर्णय दुखद होने के साथ साथ संचालक मण्डल की मानसिक पराजय, थकान आदि…"
yesterday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"नीचे आए हुए संदेशों से यह स्पष्ट है कि अब भी कुछ लोग हैं जो जलते शहर को बचाने के लिए पानी आँख में…"
Monday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय जी  ओबीओ को बन्द करने की सूचना बहुत दुखद है । बहुत लम्बे समय से इसके साथ जुड़ा हूँ कुछ…"
Monday
pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service