दस छन्न पकैयाComment
Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 24, 2012 at 5:57pm बागी भाई बहुत सुंदर छन्न पकैया एक डैम आज के दशा और दिशा पर चोट करती रचना । 10 के 10 किसी से कम नहीं सभी बिलकुल मस्त। बधाई स्वीकार करें !!
Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on April 17, 2012 at 11:21pm छन्न पकैया छन्न पकैया, छूते पाँव हमारे
जीत जायेंगे फिर देखना, माथ* चढ़ेंगे सारे |
Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on March 3, 2012 at 8:08pm आदरणीय गणेश जी, आपकी छन्न पकईया ने तो आनंदित कर दिया| लाजवाब|
Comment by Ganesh Jee "Bagi" on February 16, 2012 at 3:14pm बहुत बहुत आभार आशा दीदी
Comment by asha pandey ojha on February 16, 2012 at 3:01pm waah Ganesh bhiya jai ho kya khoob Rachi hai Rachna
Comment by Ganesh Jee "Bagi" on February 1, 2012 at 9:52am छंद पसंद करने हेतु धन्यवाद भाई आशुतोष श्रीवास्तव जी |
Comment by Ganesh Jee "Bagi" on February 1, 2012 at 9:52am सराहना हेतु आभार भाई राकेश जी |
Comment by rakesh gupta on January 26, 2012 at 9:23pm छन्न पकैया छन्न पकैया, छूते पाँव हमारे
जीत जायेंगे फिर देखना, माथ* चढ़ेंगे सारे |
वन्दे मातरम बागी जी,
सुंदर व्यंग कहूँ या कटु सत्य
बेहतरीन बेहतरीन बेहतरीन
Comment by rakesh gupta on January 26, 2012 at 9:18pm छन्न पकैया छन्न पकैया, गया आँख का पानी,
अपनों को रोटी भी दूभर, दुश्मन को बिरयानी
sunder bahut sunder
आवश्यक सूचना:-
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिककर आमंत्रण भेजे |
3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करेऔर फिर रन करा दे |
4-"OBO" मुफ्त विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)
5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँक्लिक करे |
वीनस केसरी replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २३ में सम्मिलित सभी ग़ज़लें (चिन्हित बेबहर मिसरों के साथ)
Saurabh Pandey replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २३ में सम्मिलित सभी ग़ज़लें (चिन्हित बेबहर मिसरों के साथ)
Laxman Prasad Ladiwala commented on Laxman Prasad Ladiwala's blog post व्यंग रचना- अर्थ-तंत्र पर भारी
Saurabh Pandey replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २३ में सम्मिलित सभी ग़ज़लें (चिन्हित बेबहर मिसरों के साथ)
Laxman Prasad Ladiwala commented on Laxman Prasad Ladiwala's blog post व्यंग रचना- अर्थ-तंत्र पर भारी
pandurang m deshmukh commented on PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA's blog post बेटी न होती© 2012 Created by Admin.
कुछ आवश्यक लिंक्स
| 2-ग़ज़ल तक्तीह प्रणाली पर एक चर्चा | 3-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -1, | 4-ग़ज़ल शब्दावली (उदाहरण सहित) -2 |
ओपन बुक्स ऑनलाइन डाट कॉम साहित्यकारों व पाठकों का एक साझा मंच है, इस मंच पर प्रकाशित सभी लेख, रचना और विचार उनकी निजी सम्पति है जिससे सहमत होना OBO प्रबंधन के लिये आवश्यक नहीं है | OBO पर प्रकाशित सामग्रियों का किसी भी रूप मे प्रयोग बिना लेखक या प्रबंधन के अनुमति के बिना करना वर्जित है |


You need to be a member of Open Books Online to add comments!
Join Open Books Online