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तिरंगे तुझे सुनानी है ....

तिरंगे तुझे सुनानी है ....

सन ४७ की रात में
आज़ादी की बात में
दर्दीले आघात में
छुपी जो एक कहानी है
तिरंगे तुझे सुनानी है

आज़ादी के शोलों में
रंग बसन्ती चोलों में
जय हिन्द के बोलों में
छुपी जो एक कहानी है
तिरंगे तुझे सुनानी है

राजगुरु सुखदेव भगत
और मंगल पण्डे लक्ष्मी बाई
गाँधी शेखर और शिवा की
छुपी जो एक कहानी है
तिरंगे तुझे सुनानी है

आज़ादी के दीवानों की
सरहद के जवानों की
वर्दी अफसानों की
छुपी जो एक कहानी है
तिरंगे तुझे सुनानी है

अटल के अटल इरादों की
शास्त्री जी के वादों की
शांति दूत की यादों की
छुपी जो एक कहानी है
तिरंगे तुझे सुनानी है

कफ़न में लिपटे वीरों की
शहीदों की तकदीरों की
माँ के प्यारे हीरों की
छुपी जो एक कहानी है
तिरंगे तुझे सुनानी है

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 37

Comment

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Comment by Sushil Sarna on August 17, 2019 at 7:16pm

आदरणीय  TEJ VEER SINGH  जी सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का दिल से आभार। 

Comment by TEJ VEER SINGH on August 17, 2019 at 10:27am

हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी। सुंदर रचना।

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