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आन बान है घर की बेटी
इसको सदा बचाएंगे
बेटी से घर रोशन होता
मिलकर सभी पढ़ाएंगे ll

मन में लें सौगंध सभी जन
नहीं कोंख में मारेंगे
बेटी को खुद पढ़ा लिखाकर
अपना चमन सुधारेंगे ll

भेदभाव बेटी बेटा में
कभी नहीं होने देंगे
बेटी घर की रौनक होती
इसे नहीं रोने देंगे ll

सभी क्षेत्र में बेटी आगे
अपने बल से जाती है
आसमान को छूती बेटी
घर का मान बढ़ाती है ll

दो दो घर बेटी सँवारती
सारी खुशियाँ देती है
तनमन से वह फर्ज निभाती
पल में गम हर लेती है ll

बेटी का सम्मान बढ़ाएं
होगा ये भारत आगे
तुच्छ विचारों को बदलेंगे
तब सब जाएंगे आगे ll

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on October 16, 2018 at 3:02pm

आदरणीय ब्रजेश ब्रज जी उत्साह वर्धन के लिए हार्दिक आभार

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on October 16, 2018 at 2:59pm

भाई सुरेन्द्र जी उत्साह वर्धन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on October 16, 2018 at 2:58pm

आदरणीया नीलम जी उत्साह वर्धन के लिए दिल से आभार

Comment by Neelam Upadhyaya on October 13, 2018 at 4:09pm

आदरणीय डॉ छोटेलाल जी, सादर अभिवादन। सन्देश-परक सुन्दर रचना हुई है। हार्दिक बधाई।

Comment by नाथ सोनांचली on October 13, 2018 at 11:06am

आद0 डॉ छोटेलाल भैया सादर अभिवादन। उम्दा सृजन पर कोटिश बधाई निवेदित है। सादर

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 13, 2018 at 7:40am

वाह आदरणीय उत्तम सन्देश पूर्ण रचना..बधाई

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on October 12, 2018 at 6:47pm

आदरणीय उस्मानी साहब आपके उत्साह वर्धन से लेखनी सार्थक हुई एक नई ऊर्जा मिली आपका बहुत बहुत आभार

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 12, 2018 at 6:42pm

सार्थक अभियानों, नुक्कड़ नाटिकाओं और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों हेतु बेहतरीन सृजन। हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ. छोटेलाल सिंह साहिब।

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on October 12, 2018 at 6:39pm

आदरणीय तेजवीर साहब जी उत्साह वर्धन के लिए दिल से आभार

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on October 12, 2018 at 6:37pm

परमादरणीय समर साहब जी सादर अभिवादन आपके उत्साह वर्धन से मन प्रसन्न हुआ,आपका दिल से आभार

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