साथियों ! नये सदस्यों के सहयोग हेतु ब्लॉग में रचना कैसे पोस्ट करे चित्र के माध्यम से समझाया गया है | यदि पुनः कोई प्रश्न इस सम्बन्ध में हो तो नीचे दिए गए टिप्पणी बॉक्स मे लिखकर पूछा जा सकता है |
आप सभी से निवेदन है की प्रकाशन सम्बंधित नियमावली एक बार यहाँ क्लिक ...
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Comment by RAM PAL SONI ZINDAGI 20 hours ago दोस्तों में ओ. बी. ओ. में नया सदस्य हु...आज में अपनी रचना के साथ आप के समक्ष उपस्थित हु ...आशा है आप इसे स्वीकारेंगे....
आप सब को मेरा ज़िन्दगी (उर्फ़ राम पाल सोनी) का चरण-स्पर्श मालूम हौवे
में आप सब के समक्ष एक गीत प्रस्तुत कर रहा हु ...... मुझे आशा है, मेरे दिल की आवाज आप के दिल तक ज़रूर पंहुचेगी
काहे ये ये ये ये...,काहे ..!!
कान्हा से मिलने , राधा टूट टूट टूट टूट जावे..
मन पछतावे ऐ..ऐ..ऐ..ऐ...., मन पछतावे , मन-डी
मन से मिल नहीं पावे
काहे ये ये ये ये..., काहे !!
कान्हा से मिलने , राधा टूट टूट टूट टूट जावे..
१..राधा दीवानी कान्हा आ..आ..आ....,
राधा दीवानी कान्हा ,राधा दीवानी
तू तौरा दिल..!!!
तू तौरा दिल..दिल..दिल..दिल से मिलादे..
थोडा सुन्कु पांवे ऐ..ऐ..ऐ..,,चेहरा
जब थोडा तू..तू..तू.तू मुस्कावे
कान्हा से मिलने , राधा टूट टूट टूट टूट जावे..
२..राधा का दिल तौहे ऐ..ऐ..ऐ.
(राधा का दिल तौहे, प्राणों से चाहे पिए) --2
प्राणों का नीर..नीर..नीर..नीर बनजारे
प्राणों की प्यास बुझा-दे, बादल तू बन जारे
बदरी की बैला बन के तन को भीगा-जा रे...
राधा दीवानी कान्हा आ..आ..आ..आ..अ..आ.अ.अ.अ.अ.अ
राधा दीवानी कान्हा ,राधा दीवानी..!!!!
तू बांसुरी धुन ..धुन.धुन..धुन थोड़ी सुना दे...
काहे ये ये ये ये...,काहे ..!!
कान्हा से मिलने , राधा टूट टूट टूट टूट जावे..
Comment by Saurabh Pandey on December 11, 2011 at 1:46pm बहुत सही ढंग से निर्देशित किया गया है. नये सदस्यों को अपनी रचना पोस्ट करने में इससे बहुत सहुलियत और आसानी होगी.
Comment by om purohit'kagad' on July 6, 2011 at 12:00pm भाई गणेश जी,
वन्दे !
आपकी मेल तो बहुत आई लेकिन मैं आपका कोई सहयोग नहीं कर सका ! इस हेतु क्षमा ! आप मुझे सीधा सीधा मेल करें कि मुझ से क्या अपेक्षा है ! अपना Email-ID भी भेज दें ! मैं उस पर आपको वांछित सामग्री भेज दूंगा ।
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