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रोटी की मजदूर

यहाँ रोटी के चक्कर में फिरता
गाँव से शहर काम नहीं मिलता
रात को थका हुआ घर लौटता
मजदूर दुखी मन से यह कहता ।
अब घर का राशन बच्चे की फीस
बड़ी मुश्किल से कटेगें दिन तीस ।
विकास की गति है पंद्रह से बीस
चली है दिल्ली से ले शुभ अशीष ।
सड़क पर बना पुल जब गया टूट
किस्मत की गाड़ी को लिया लूट
प्रतिपक्ष कहते रहे सभी एक जुट
विपक्षी एकता में डाल दी फूट ।
संसद से सड़क तक झूठ ही झूठ
जंगल में बचे सिर्फ ठूठ ही ठूठ
मानवता गई इस जहां से रूठ
मरती है जनता पर मंत्री झूठ ॥
मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by नाथ सोनांचली on March 28, 2018 at 4:09am

आद0 रामश्रये जी बात कथन या कथ्य की नहीं, बात मैंने शिल्प की है। आप दुबारा प्रतिक्रिया पढ़ें। सादर

Comment by Ram Ashery on March 27, 2018 at 8:13pm
श्री मान जी शायद मैं अपनी बात कहने में कुछ गलती कर गया हूँ लेकिन मैं यह कहना चाहता हूँ की आज मजदूर की जो दुर्दशा है वह घर काम के लिए शहर जाता है खाली हाथ घर लौट कर आता है पर उसे बच्चे की फीस और राशन की व्यवस्था तो करनी ही है विभिन्न योजनाओं के द्वारा लोगो काम मिलता है पर वह जब दिल्ली से शुरू होती है तो रास्ते में न जाने कहाँ कहाँ अटक जाती है और जब कभी विपक्ष के लोग इस पर बोलते हैं तो टुकड़ों में बाते होने के कर्ण उनका कुछ भला नहीं कर पाते हैं आज चारों तरफ झूठ का बोल बाला है इंसानियत नाम केवल सुनने में रह गया है सच्चाई में कहीं दिखता नहीं हैं
Comment by नाथ सोनांचली on March 26, 2018 at 8:39pm

आद0 रामश्रये जी सादर अभिवादन। रचना में जब तुकांतता ली जाती है तो उसका भी एक विधान होता है, औऱ अगर कविता अतुकांत न हो तो एक निश्चित विधान भी। पर क्षमा चाहूँगा उपरोक्त रचना में मुझे कोई निश्चित विधान भी नहीं मिला और तुकांतता भी उतनी सटीक नहीं। यह तुकांतता मध्यम स्तर की होती है। बहरहाल आप यहाँ पर उपलब्ध लेखों को आत्मसात करें तो बहुत कुछ सीखा जा सकता है।

Comment by Ram Ashery on March 25, 2018 at 11:01pm
श्री मान जरूर आपकी बातों को ध्यान में रखूगा और सुधारने की कोशिस करूंगा । आपके सुझाव के लिए आपको हृदय से धन्यवाद
Comment by somesh kumar on March 25, 2018 at 2:41pm

मंच पर आपकी पहली रचना पढ़ रहा हूँ |

बेहतरीन प्रयास हैं ,अभ्यास जारी रखें|

तुकांत और भावपूर्ण रचना है पर लगता है आप मेरी तरह ही मुक्त एवं तुकांत के बीच फँसे है |उम्मीद है मंच के मनीषियों से उचित मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे और बेहतर प्रस्तुति देंगे |

कृपया ध्यान दे...

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