For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल इस्लाह के लिए (गुरप्रीत सिंह)

2122 -1212 -22


आस दिल में दबी रही होगी
और फिर ख़्वाब बन गई होगी।

टूट जाए सभी का दिल या रब
दिलजले को बड़ी ख़ुशी होगी।

ज़ह्न हारा हुआ सा बैठा है
दिल से तक़रार हो गई होगी।

जिसकी खातिर लुटा दी जान उसने
चीज़ वो भी तो कीमती होगी।

जब मुड़ा तेरी ओर परवाना
शमअ बेइन्तहा जली होगी।

(मौलिक व् अप्रकाशित)

Views: 169

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Gurpreet Singh on July 17, 2017 at 3:56pm

बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सौरभ पांडे जी,,


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 17, 2017 at 3:03pm

जिसकी खातिर लुटा दी जान उसने 
चीज़ वो भी तो कीमती होगी।

जब मुड़ा तेरी ओर परवाना 
शमअ बेइन्तहा जली होगी।.......... 

कमाल .. उपर्युक्त इन दो शेरों ने विशेष ध्यानाकॄष्ट किया है, आदरनीय़ गुरप्रीत जी. 

इस ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाइयाँ 

Comment by Gurpreet Singh on July 17, 2017 at 1:03pm
बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय नीलेश जी..
Comment by Gurpreet Singh on July 17, 2017 at 1:03pm
शुक्रिया आदरणीय हरी प्रकाश जी...मैं अभी ग़ज़ल सीख रहा हूँ..और चाहता हूँ की मंच पर उपस्थित गुणीजन मेरी रचना की कमियां बताएँ और अगर हो सके तो उन कमियों का समाधान ढूँढ़ने में मार्ग दर्शन करें ..इसी आशय से लिखा था
Comment by Gurpreet Singh on July 17, 2017 at 1:00pm
शुक्रिया आदरणीया कल्पना जी
Comment by Gurpreet Singh on July 17, 2017 at 12:59pm
शुक्रिया आदरणीय खुर्शीद जी
Comment by Nilesh Shevgaonkar on July 17, 2017 at 9:01am

जब मुड़ा तेरी ओर परवाना 
शमअ बेइन्तहा जली होगी।... भाई इस शेर के लिये विशेष बधाई 

Comment by Hari Prakash Dubey on July 16, 2017 at 5:09pm

  

आदरणीय  Gurpreet Singh जी , खूबसूरत ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई ! इस्लाह के लिए का मतलब क्या होता है ? बस एक जिज्ञासा ! सादर  

Comment by KALPANA BHATT on July 16, 2017 at 3:57pm

वाह बढ़िया ग़ज़ल हुई है आदरणीय गुरप्रीत जी | हार्दिक बधाई |

Comment by khursheed khairadi on July 13, 2017 at 7:31am
आदरणीय गुरप्रीत सर ,उम्दा ग़ज़ल हुई है।दिली मुबारक़बाद क़बूल फर्मावें। सादर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on vijay nikore's blog post आलोकग्रह ... (संस्मरण -- डा० रामदरश मिश्र जी)
"जनाब भाई विजय निकोर जी आदाब,अपनी याददाश्त को काग़ज़ पर उकेरना भी एक फ़न है, और इस फ़न में भी आपकी महारत…"
6 minutes ago
Samar kabeer commented on KALPANA BHATT's blog post पक्का घड़ा ( लघुकथा )
"बहना कल्पना भट्ट जी आदाब,अच्छी लगी आपकी लघुकथा,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें और गुणीजनों की…"
10 minutes ago
Samar kabeer commented on KALPANA BHATT's blog post सोमेश्वर मंदिर ( संस्मरण)
"बहना कल्पना भट्ट जी आदाब,यादों पर मबनी आपकी याददाश्त के पन्नों से उभरे इस सृजन पर बधाई स्वीकार करें…"
14 minutes ago
Samar kabeer commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post जनता(ब्यथा और प्रण ):-मोहित मुक्त
"जनाब मोहित मुक्त जी आदाब,बहुत उम्दा कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
17 minutes ago
Samar kabeer commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post दुनिया के मर्ज़ (लघुकथा) /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,बहुत उम्दा लघुकथा लिखी आपने इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें…"
20 minutes ago
Manisha Saxena commented on Manisha Saxena's blog post शुरूआत (लघुकथा)
"धन्यवाद कल्पना जी |"
43 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल(सुन तो ले दास्ताने बर्बादी ) -----------------------------------------
"मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब आदाब, ग़ज़ल में आपकी शिरकत, प्रशंसा और हौसला अफ़ज़ाई का तहे दिल से बहुत बहुत…"
1 hour ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल(सुन तो ले दास्ताने बर्बादी ) -----------------------------------------
"मुहतरम जनाब आरिफ़ साहिब आदाब, ग़ज़ल में आपकी शिरकत, प्रशंसा और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post जाम ... (एक प्रयास)
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,उम्दा ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । 'ख़्वाब डूबे गर्द…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल(सुन तो ले दास्ताने बर्बादी ) -----------------------------------------
"जनाब तस्दीक़ अहमद साहिब आदाब,बहुत बढ़िया ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
1 hour ago
Mohammed Arif commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल(सुन तो ले दास्ताने बर्बादी ) -----------------------------------------
"आदरणीय तस्दीक अहमद जी आदाब, बहुत ही अच्छी ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल…"
1 hour ago
Mohammed Arif commented on KALPANA BHATT's blog post पक्का घड़ा ( लघुकथा )
"आदरणीया कल्पना भट्ट जी आदाब, आतंकवाद की पृष्ठभूमि पर लिखी गई औसत दर्ज़े की लघुकथा । कथानक में और…"
1 hour ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service