For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गजल(दूकानें सजी हैं.....)

गजल#(नोट बंदी के फलितार्थ)-7
* एक वार्त्तालाप*
******************************
दुकानें सजी हैं ,दिखाते खरीदो,
कहें बंद जिनकी,चलो अब कहीं तो।1(आज का सच)

अभी दौर मुश्किल हुआ जा रहा है,
उठेगी ही अर्थी,ठहर भर घड़ी तो।2(चेतावनी)

बुझे रात के सब मुसाफिर सुबह तक,
जलाती बहुत है प्रखरता मुरीदो!3(अनुभूति)

बड़े जोड़ से तो बटोरे थे' टुकड़े
जलाना, बहाना अखरता मुरीदो!4(आत्मकथ्य)

हुआ ही कहाँ कुछ?बता दो बखत है,
बचा है वसन बिन नहाना अभी तो।5(अंतिम चेतावनी)
मौलिक व अप्रकाशित@मनन

Views: 584

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Manan Kumar singh on December 2, 2016 at 12:52pm
आदरणीय गिरिराज भाई, आभारी हूँ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 2, 2016 at 10:16am

आदरणीय मनन भाई , अच्छी गज़ल कही है , वर्तमान पर , बधाई आपको ।

हुआ ही कहाँ कुछ?बता दो बखत है,
नहीं तो वसन बिन नहाना अभी तो     ---  सानी के लिये आ. समर भाई जी की सलाह आयी ही है , मै भी एक दे रहा हूँ , जिसे सही समझें स्वीकार कीजियेगा

हुआ ही कहाँ कुछ?बता दो बखत है,
 बचा है वसन बिन नहाना अभी तो

Comment by Manan Kumar singh on November 30, 2016 at 2:12pm
आदरणीया निधि जी, गजल पसंद आयी ,तो गजल कामयाब हुई।आपका आभारी हूँ।
Comment by Nidhi Agrawal on November 30, 2016 at 11:48am

बहुत मस्त ग़ज़ल कही आपने आदरणीय मनन कुमार जी. एकदम सामयिक विषय नाज़ुक भी .. बहुत ख़ूबसूरती से पिरोया है हर शेर 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 28, 2016 at 11:31am

बहुत सूंदर l

Comment by Manan Kumar singh on November 27, 2016 at 9:30pm
आदाब मोहतरम समर जी।
Comment by Manan Kumar singh on November 27, 2016 at 9:29pm
आभारी हूँ आदरणीय समर जी।काले धन वालों का बिना वसन(वस्त्र) नहाना बाकी है,ऐसा कहना चाह रहा था मैं,सादर।
Comment by Samar kabeer on November 27, 2016 at 9:18pm
जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब,आज के हालात पर अच्छी ग़ज़ल कही है आपने,दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं ।
आख़री शैर के सानी मिसरे में 'नहाना अभी तो' को "नहालो अभी तो" करना उचित होगा ?

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
16 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
yesterday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
yesterday
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
Monday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Mar 14
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Mar 13

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service