For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

" स्मार्ट फोन का जमाना "/अर्पणा शर्मा

देखो भाई, स्मार्ट फोन का, जमाना आया,

साथ में नेट-पैक वालों की, चाँदी कर लाया,

उँगलियों के स्पर्श से, चलता ये पुर्जा,

हजारों रूपये का , इस पर होता खर्चा,

हर छुअन पर , जाता है सिहर,

जहाँ छुओ, वहाँ खुल जाता, एक नया मंजर,

फेसबुक, व्हाट्सएप की बड़ी बहार है,

चुटीले-उपदेशी संदेशों की भरमार है,

विभिन्न समूहों में होरहीं, गहन चर्चाएँ,

सारे राष्ट्र की समस्याएँ, यहीं सुलझाएँ,

अपने -अपने गुटों की, खुली है चौपाल,

सरकार भी चौकन्नी हुई, रखे इन पर नजर, बेहाल,

देखो भाई, स्मार्ट फोन का जमाना आया,

परिवार वालों में भी, बँटवारा कर लाया,

अलग चाहिए सबको, एक-एक अपना-अपना,

एक ही से स्मार्ट फोन से, सबका काम नहीं चलना,

लैंड़लाइन का जमाना है, बहुत याद आता,

एक जगह बँधा बिचारा, सबको था सँभालता,

कोई दूसरा स्मार्ट फोन, देख भी नहीं सकता लाला,

महफूज रखे इसे सदा, पासवर्ड का पक्का ताला,

अब स्मार्ट फोन चिपका , हर दम साथ है,

जिसका जितना महँगा, उसकी उतनी औकात है,

सुनहरा भी इस पर चढ़ाया है रंग,

एक से एक माड़ल, देख दुनिया है दंग,

मुसीबत और अकेलेपन में , इसका बड़ा साथ है,

लेकिन परिवार तोड़ने में भी, इसका बड़ा हाथ है,

स्मार्ट फोन हरदम , साथ ना चिपकाओ,

घर में इसे दूर करो, सबके संग हँसी-खुशी,

समय बिताओ, कर लो दिन-भर में इसका समय पक्का,

ना दे ये हमारे ,शांति-सुकून को धक्का,

नौनिहालों को इसकी, लत ना लगाओ,

छोटी उम्र में उनको, चश्मा ना चढ़वाओ,

सारा दिन नेट-गेम, उनका दिमाग थका देंगे,

उनकी कल्पना की, उड़ान-शक्ति मिटा देंगे,

कुंद होता इससे, उनका अध्ययन-मनन,

अपने में सिमटे रहने की, प्रवृत्ति को बढ़ाता सघन,

अब भी समय है, सुधर जाओ,

इसको जीवन का, अभिन्न अंग ना बनाओ,

मशीन को मशीन ही रहने दो,

इसके भ्रमजाल में, अपनी सुख-शांति ना उलझाओ,

आभासी दुनिया को, परिवार का विकल्प ना बनाओ।

-अर्पणा शर्मा , भोपाल ( ये कविता मेरी सर्वथा मौलिक एवं अप्रकाशित रचना है। सर्वाधिकार सुरक्षित  )

Views: 746

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Arpana Sharma on October 11, 2016 at 11:09am
आदरणीया कल्पना भट्ट जी एवं आदरणीय श्रीमान् गिरीराज भंड़ारी जी- बहुत धन्यवाद ।

आदरणीय शिज्जू 'शकूर 'जी- आपकी सलाह अनुसार मैंने इस कविता का हास्य/व्यंग्य शीर्षक सामान्य कर दिया ।आशा है आगे भी आप सबका मार्गदर्शन मिलता रहेगा
Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on October 5, 2016 at 8:48pm

हार्दिक बधाई इस रचना के लिए आदरणीय अर्पण जी |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 2, 2016 at 9:41am

आदरणीया अर्पणा जी , अच्छी कविता हुई है , हार्दिक बधाई । आ. शिज्जु भाई जी से मै भी सहमत हूँ ।

Comment by Arpana Sharma on October 1, 2016 at 11:01pm
आदरणीय श्रीमान् समर कबीर जी, मेरी कविता की सराहना के लिए बहुत आभार ।
आदरणीय श्रीमान् शिज्जू जी, आपकी राय का बहुत आभार । ये मेरा अकिंचन सा प्रयास था कविता में हास्य-व्यंग्य का पुट देने का। आशा है अगली बार और बेहतर लिख पाऊँगी।
Comment by Samar kabeer on October 1, 2016 at 5:21pm
मोहतरमा अर्पणा जी आदाब,अच्छी लगी आपकी रचना,बधाई स्वीकार करें ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on October 1, 2016 at 1:39pm

आ. अर्पणा जी स्मार्ट फोन तथा उसके इस्तेमाल पर अच्छी रचना हुई है बधाई आपको, लेकिन ये आपके दर्शाए अनुसार हास्य-व्यंग्य प्रतीत नहीं होता

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin posted a discussion

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)

आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत…See More
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"इल्म गिरवी है अभी अपनी जहालत के लिए ढूँढ लो क़ौम नयी अब तो बग़ावत के लिए अब अगर नाक कटानी ही है हज़रत…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"आ. रिचा जी, सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर सुंदर गजल हुई है। गिरह भी खूब लगाई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"2122, 1122, 1122, 112/22 सर झुका देते हैं हम उसकी इबादत के लिए एक दिल चाहिए हमको तो मुहब्बत के…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सादर अभिवादन।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सर कोई जब न उठा सच की हिमायत के लिएकर्बला   साथ   चले   कौन …"
Saturday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
" स्वागतम "
Friday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर…See More
Apr 21
आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
Apr 20
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
Apr 19
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
Apr 19
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
Apr 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service