For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ज़ज्बात के समंदर ऐसी शराब रखना ---फिल्बदीह ग़ज़ल "राज '

मैं फूल इक छुपा दूँ दिल में किताब रखना

तैयार कल उसी में अपना जबाब रखना

 

वो सामने कहूँगा जो बात सच लगी है

तुम नाम चाहे मेरा खानाखराब रखना 

 

 कैसा एजाज़ वल्लाह कैसा हुनर है तुझमे

होटों पे इक तबस्सुम दिल में अज़ाब रखना

 

ले लेगी  जान मेरी तेरी अदा  कसम से

इस वक्त-ए-वस्ल में भी मुख पे निकाब रखना

 

पीकर जिसे सुखनवर अशआर दिल के कह दे 

ज़ज्बात  के समंदर ऐसी शराब रखना

 

मैं खुश रहूँ वहाँ पर है तेरे हाथ में ही

चेहरे को अपने हर दम खिलता गुलाब रखना

 

मेरा हरेक लम्हा तेरी अदा के सदके   

बांहों में  चाँद दिल में इक आफ़ताब रखना 

--------मौलिक एवं अप्रकाशित 

Views: 920

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 7, 2016 at 8:34pm

आद० अलका जी ,ग़ज़ल पर आपकी उत्साहित करती प्रतिक्रिया की बेहद शुक्रगुजार हूँ |

Comment by अलका 'कृष्णांशी' on October 7, 2016 at 7:47pm

आदरणीया राजेश कुमारी जी बहुत ही सुन्दर रचना  है, हार्दिक बधाई । सादर ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 27, 2016 at 11:13am

आद० सुरेश कुमार जी,आपको ग़ज़ल पसंद आई दिल से आपका बहुत बहुत  आभार | 

Comment by सुरेश कुमार 'कल्याण' on September 27, 2016 at 9:07am
वो सामने कहूँगा जो बात-------
वाह आदरणीया राजेश कुमारी जी बहुत ही सुन्दर रचना के लिए हार्दिक बधाई प्रेषित है । सादर ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 25, 2016 at 8:27pm

आद० डॉ.गोपाल भाई जी,आपको ग़ज़ल पसंद आई बहुत बहुत शुक्रिया |  


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 25, 2016 at 8:26pm

आद०  वासुदेव अग्रवाल जी, आपका  तहे  दिल से शुक्रिया | 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on September 25, 2016 at 7:41pm

वो सामने कहूँगा जो बात सच लगी है

तुम नाम चाहे मेरा खानाखराब रखना 

 -----------------------------क्या बात है आ० दीदी श्री

Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on September 25, 2016 at 7:16pm
राजेश कुमारीजी शानदार ग़ज़ल कही है। बधाई स्वीकारें।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 25, 2016 at 6:55pm

आद० समर भाई जी , ग़ज़ल पर आपकी मुहर लग गई मेरा लिखना सफल हो गया दिल से बहुत बहुत आभार आपका |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 25, 2016 at 6:54pm

आद० डॉ० पवन मिश्रा जी,आपका दिल से बहुत बहुत शुक्रिया   

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सच फ़साना नहीं कि तुझ से कहें ये बहाना नहीं कि तुझ से कहें दिल अभी जाना नहीं कि तुझ से कहें ग़म…"
1 hour ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सादर अभिवादन "
2 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी की नमस्कार, यूँ तो आज आयोजन प्रारंभ ही हुए हैं और किसी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं है,…"
5 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
17 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"स्वागतम"
17 hours ago
Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
17 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"स्वागतम"
17 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आपकी बात से सहमत हूँ। यह बात मंच के आरंभिक दौर में भी मैंने रखी थी। अससे सहजता रहती। लेकिन उसमें…"
Monday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .विविध

दोहा सप्तक. . . . . . विविधकभी- कभी तो कीजिए, खुद से खुद की बात ।सुलझेंगे उलझे हुए,  अंतस के हालात…See More
Monday
amita tiwari posted blog posts
Monday
Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
Sunday
Admin posted discussions
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service