For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

चाय की पत्ती (लघुकथा) / शेख़ शहज़ाद उस्मानी

"भाभी, चाय खौल चुकी है, कहाँ खोई हुई हो तुम!" देवरानी ने गैस चूल्हा बंद करते हुए जिठानी से कहा।
"ओह, मैं चाय की पत्ती के बारे में सोच रही थी!"
"क्यों?"
"मैं भी यहाँ चाय की पत्ती ही तो हूँ!"
"क्या मतलब?"
"बिना शक्कर के सबको चाय कड़वी ही तो लगती है, मिठास मिले तो सबको मीठी चाय भाये!"
"लेकिन चाय मीठी हो या फीकी, रिश्ते मधुर बनाने में एक पहल तो करती ही है, बस यह ध्यान रहे कि कहां फीकी चलेगी और कहां मीठी!"
"सही कहा तुमने, लेकिन नौकरी पेशा औरत को जब मध्यमवर्गीय परिवार में प्यार ही न मिले तो!" भीगी आँखों से देवरानी की ओर देखकर जिठानी ने कहा- " मैं सुंदर नहीं हूँ तो क्या हुआ, मैंने हर तरह से पहल की, लेकिन मैं सबको कड़वी ही लगी न ! नौकरी और घर-गृहस्थी के साथ रिश्ते निभाते हुए बस थोड़ा सा सच्चा प्यार पति और ससुराल से मिल जाता तो कितना अच्छा होता!"
"हाँ, रिश्ते और ज़िन्दगी मधुर हो जाती! लेकिन मीठी चाय पसंद करने वाले बिना शक्कर डाले ही मीठी चाय की ख़्वाहिश रखें, तो चाय की पत्ती का क्या कसूर!"

[मौलिक व अप्रकाशित]

Views: 912

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Dr Ashutosh Mishra on June 14, 2016 at 2:53pm

आदरणीय शेख जी मुझे लघु कथा के बिषय में बहुत जानकारी तो नहीं है पर मैं लघु कथा पढने में दिलचस्पी खूबी लेता हूँ रचना अच्छी लगी पर कही कुछ कमी सी मालूम हो रही है ..बस ऐसा लग रहा है बिषय और सोच में नया पण लगा इस रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

Comment by kanta roy on June 14, 2016 at 11:51am

चाय  की  पत्ती महँगी होने  के  साथ ही  तलबगारों  के  लिए उनकी जरुरत  होती है . और वक्त पर  ना मिलने पर छटपटा जाते है .चाय  की  पत्ती में  औषधीय गुण भी होता है और इस्तेमाल के  बाद मिटटी में  मिलकर उसे भी  पोषण देता है अर्थात चाय की पत्ती हर  हाल  में  महत्वपूर्ण है . पारिवारिक रिश्ते भी हर  हाल  में  महत्वपूर  होते  है चाय  की पत्ती की  तरह . 

// .....मीठी चाय पसंद करने वाले बिना शक्कर डाले ही मीठी चाय की ख़्वाहिश रखें, तो चाय की पत्ती का क्या कसूर!"//------- बिलकुल  सही कथ्य उभारा है उपर्युक्त सन्दर्भों में आपने आदरणीय शहजाद  जी ,हालांकि प्रस्तुति  और  भी  बेहतर बन  सकती  थी . ऐसा  मेरा  मानना है . फिलहाल  एक  नई सोच  देखने को  मिली  है यहाँ आपकी  प्रस्तुति  में  जो  आपके गहन  चिंतन  का  परिचायक  है . बधाई प्रेषित है .

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आपकी बात से सहमत हूँ। यह बात मंच के आरंभिक दौर में भी मैंने रखी थी। अससे सहजता रहती। लेकिन उसमें…"
2 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .विविध

दोहा सप्तक. . . . . . विविधकभी- कभी तो कीजिए, खुद से खुद की बात ।सुलझेंगे उलझे हुए,  अंतस के हालात…See More
5 hours ago
amita tiwari posted blog posts
7 hours ago
Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
yesterday
Admin posted discussions
yesterday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service