For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल - जैसे अपना बयान छोड़ गये ( गिरिराज भंडारी )

2122  1212  112/22

ज़ख़्म  सूखे निशान छोड़ गये

जैसे अपना बयान छोड़ गये

 

लौट के यूँ गये मेरे दिल से

मानो ख़ाली मकान छोड़ गये

 

सारी खुश्बू हवायें ले के गईं  

ये भी सच है कि भान छोड़ गये

 

राग खुशियों के छिन्न भिन्न किये

मित्र, ग़मगीन तान छोड़ गये

 

उड़ गये जब परिंदे बाग़ों से

पीछे सब सून सान छोड़ गये 

 

हाले दिल क्या बयान कर पाते ?

हम से कुछ बे ज़ुबान छोड़ गये

 

खुद चढ़ाई चढ़े हैं वालिद , अब     

तिफ्ल खातिर ढलान छोड़ गये

******************************

मौलिक एवँ अप्रकाशित

Views: 913

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 7, 2015 at 12:58pm

आदरनीय जय प्रकाश भाई , आपका हार्दिक आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 7, 2015 at 12:58pm

आदरणीय शिज्जु भाई , हौसला अफज़ाई का तहे दिल से  शुक्रिया ।

Comment by Jayprakash Mishra on October 7, 2015 at 9:39am
gazal ka matala hi lazawab hai,Badhaai adarniya Giriraj ji

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on September 10, 2015 at 10:30pm
वाह आदरणीय गिरिराज जी बहुत सुंदर ग़ज़ल है बहुत बहुत बधाई आपको

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 6, 2015 at 8:45pm

आदरणीया तनुजा जी , उत्साह वर्धन के लिये आपका हार्दिक आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 6, 2015 at 8:45pm

आदरणीय सौरभ भाई , गज़ल पर उपस्थिति और सराहना के लिये आपका दिल से आभारी हूँ ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 6, 2015 at 8:44pm

आदरणीय राम शिरोमणि भाई , गज़ल की सराहना के लिये आपका आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 6, 2015 at 8:43pm

आदरणीय मोहन भाई , उत्साह वर्धन के लिये आपका हृदय से आभारी हूँ ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 6, 2015 at 8:42pm

आदरनीय मनोज भाई , गज़ल की सराहना के लिये आपका आभारी हूँ ।

जहाँ तक सून सान की बात है , मै शब्द कोष मे देख कर ही लिखा हूँ -- आपको अटपटा क्यों लगा मै नही कह सकता ।

शब्द कोष - आदर्श हिन्दी शब्द कोष - संशोधित संस्करण - पेज न. 788 , दूसरा कालम  का 11वाँ शब्द  । सूनसान  = निर्जन , सुनसान । दिया हुआ है । आप देख सकते हैं ।

Comment by Tanuja Upreti on September 6, 2015 at 4:23pm

वाह वाह क्या बात है आदरणीय ,बधाई स्वीकारें

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
47 minutes ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
48 minutes ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
23 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Thursday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Mar 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service