For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल ,,,,,,,,, गुमनाम पिथौरागढ़ी ,,,,,,,

१२१२  १२१२  १२१२  १२१२

हरेक संत देखिये कतार ही कतार है

ये ज़िन्दगी बिमार है ये ज़िन्दगी बिमार है

अभी जो लूट है मची कहो ये कौन रोके अब

यहाँ पे भ्रष्ट आदमी लगे कि बेशुमार है

सवाल आँख ने किया जवाब आँख ने दिया

बे - लफ्ज़ बात हो गयी अजब यही तो प्यार है

जो कर्ज की मियाद थी वो ख़त्म ही नहीं हुई

लगे कि मेरे भाग में उधार ही उधार है

मुहासे जिनको कह  रहे शबाब की हैं चिठ्ठियाँ

कि जान लो वो हुश्न अब दो चार गाम पार है

ये ज़िन्दगी रखी रही हमेशा आंच पर चढ़ी

ये ज़िन्दगी को कह रहा कौन शानदार है

मौलिक व अप्रकाशित

गुमनाम पिथौरागढ़ी

Views: 482

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by gumnaam pithoragarhi on September 4, 2015 at 8:06pm

धन्यवाद दोस्तो ,,,,,,,,गिरिराज जी गुमनाम हूँ पर कोई भी नाम देकर काम नहीं चलेगा ,,,,,, गुमनाम कहें ,,,,,,,,,,, पर आप जो कहे स्वीकार है ,,,,,,,,,,

Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on September 3, 2015 at 11:11pm

अच्छे अश’आर हुए हैं गुमनाम साहब, दाद कुबूल करें


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on September 3, 2015 at 5:34pm

बहुत बढ़िया ग़ज़ल हुई है. शेर दर शेर दाद हाज़िर है.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on September 2, 2015 at 4:50pm

आदरनीय लक्ष्मण भाई , बहुत सुन्दर गज़ल हुई है , आपको हार्दिक बधाइयाँ ।

बीमार मे  बी की मात्रा गिराना कितना  सही होगा ?

लाव्वल   मेरे लिये शब्द नया है पर ला की मात्रा 1 कैसे ले सकते हैं ?    बताइयेगा ।

Comment by Shyam Narain Verma on September 2, 2015 at 10:37am
बहुत उम्दा ... बहुत बहुत बधाई
Comment by Ravi Shukla on September 2, 2015 at 10:24am
आदरणीय गुमनाम जी सुन्दर अशआर के लिए मुबारक बाद क़ुबूल करे । मुहांसो को देखने का नज़रिया ,क्या खूब कहा है । जवाब आँख ने दिया के मिसरे में टंकण की त्रुटि है क्या ? हमे ये लफ्ज़ समझ नही आया । स्पष्ट करे तो आसानी हो जायेगी । बहरहाल ग़ज़ल अच्छी लगी ।पुनः बधाई ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service