For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल :- ईद उससे कोई मिला ही नहीं

फ़ाइलातुन मफ़ाइलुन फ़ेलुन/फ़इलुन /फ़ेलान


आके इसमें कोई रुका ही नहीं
दश्त-ए-दिल में कोई सदा ही नहीं

आँख कहती है दूर है वो बहुत
दिल ये कहता है फ़ासला ही नहीं

जिसमें ख़तरा हो हार जाने का
खेल मैं ऐसे खेलता ही नहीं

ये तो मैदान-ए-हश्र है भाई
याँ, कोई झूट बोलता ही नहीं

दर्द-ए-दिल का इलाज ढूँढते हो
दर्द-ए-दिल की कोई दवा ही नहीं


सबके मुंह देखता रहा वो ग़रीब
ईद उससे कोई मिला ही नहीं

मेरा अपना ख़याल तो ये है
चाँद पर आदमी गया ही नहीं

सच कहा है "समर" बुज़ुर्गों ने
इश्क़ की कोई इन्तिहा ही नहीं

"समर कबीर"
मौलिक/अप्रकाशित

Views: 737

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on July 21, 2015 at 11:24pm
जनाब मनोज कुमार अहसास जी,आदाब,ग़ज़ल में शिर्कत और सुख़न नवाज़ी के लिये आपका तहे दिल से शुक्रगुज़ार हूँ ।
Comment by Samar kabeer on July 21, 2015 at 11:23pm
जनाब मिथिलेश वामानकर जी,आदाब,ग़ज़ल में शिर्कत और सुख़न नवाज़ी के लिये आपका तहे दिल से शुक्रगुज़ार हूँ ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 21, 2015 at 11:02am
आदरणीय समर भाई , बढिया गज़ल कही है आपने , दिली मुबारक बाद कुबूल कीजिये ।
आँख कहती है दूर है वो बहुत
दिल ये कहता है फ़ासला ही नहीं === लाजवाब !!
Comment by धर्मेन्द्र कुमार सिंह on July 21, 2015 at 10:36am
बहुत खूब समर साहब, खूबसूरत अश’आर हुए हैं। दाद कुबूल कीजिए

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 20, 2015 at 10:47pm

आँख कहती है दूर है वो बहुत
दिल ये कहता है फ़ासला ही नहीं---वाह 

जिसमें ख़तरा हो हार जाने का
खेल मैं ऐसे खेलता ही नहीं-----शानदार 

सबके मुंह देखता रहा वो ग़रीब
ईद उससे कोई मिला ही नहीं----बहुत मार्मिक गरीब को कौन पूछता है आजकल 

बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है आ० समर कबीर भाई जी,दिल से बधाई लीजिये साथ में ईद की भी  हार्दिक बधाई 

Comment by मनोज अहसास on July 20, 2015 at 10:43pm
बहुत खूब
बेहतरीन
शानदार
बेमिसाल
इश्क़ की कोई इंतहा ही नहीं
सादर

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on July 20, 2015 at 6:00pm

आदरणीय समर कबीर जी, बेहतरीन मतला, शानदार अशआर और लाज़वाब मक्ता 

दाद दाद दाद 

ये कमाल हुआ है- 

दर्द-ए-दिल का इलाज ढूँढते हो
दर्द-ए-दिल की कोई दवा ही नहीं

सबके मुंह देखता रहा वो ग़रीब
ईद उससे कोई मिला ही नहीं

मेरा अपना ख़याल तो ये है
चाँद पर आदमी गया ही नहीं

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service