For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कौन नहीं चोर (लघुकथा)

एक व्यक्ति का नौकर उसके रुपये चोरी करके चला गया|

दूसरे व्यक्ति ने कहा "जो बेईमानी और चोरी के रूपए से अपना घर बनाता है वो कभी सुखी नहीं रह सकता"

पहले ने चौंक कर दूसरे की तरफ देखा और व्याकुल होकर कहा, "नहीं, आजकल ऐसा तो नहीं होता"

(मौलिक और अप्रकाशित)

Views: 501

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on July 26, 2015 at 2:35pm

रचना को पसंद करने और मेरा उत्साहवर्धन करने हेतु  मैं  हृदय  से  आप सभी सुधीजनों आभारी हूँ| 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 13, 2015 at 2:21pm

बढ़िया  लघु कथा चंद्रेश जी हार्दिक बधाई .

Comment by MUKESH SRIVASTAVA on July 13, 2015 at 12:25pm

waah waaah

Comment by Omprakash Kshatriya on July 13, 2015 at 9:19am

वाह  भाई   Chandresh Kumar Chhatlan जी , आप ने कम शब्दों में बेईमानी  का खाका खींच दिया. इस सटीक, सारगर्भित और कसी हुई लघुकथा के लिए इ\मेरी बधाई स्वीकार करे.

Comment by विनय कुमार on July 13, 2015 at 2:07am

आजकल ऐसा कहाँ होता है , बहुत उम्दा लघुकथा आदरणीय चंद्रेश जी । बधाई इस चुटीली लघुकथा के लिए ..


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on July 12, 2015 at 10:59pm

आदरणीय चंद्रेश जी एक बढ़िया लघुकथा की प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई. ये भी है कि सामाजिक विसंगतियों पर आधारित लघुकथाएं अपनी सफलता के द्वार स्वयं ही खोल लेती है किन्तु यह भी है कि ऐसे कथानक आधारित लघुकथाएं वाचाल हो जाती है. आपने पंच लाइन को जिस चतुराई और सघनता से शाब्दिक किया है वह मुग्ध कर रहा है. यही चकित करती पंचलाइन लघुकथा का चरमोत्कर्ष पर अंत करते हुए इसे सफल बनाती है. 

सादर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
Monday
Sushil posted blog posts
Monday
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Monday
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service