For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

होगा सबको हर्ष.....

होगा सबको  हर्ष

जब होगा नव वर्ष

होगा सवेरा नवीन

संध्या होगी नवीन

दिवस  भी नया

होगी रजनी नई

गगन  भी नया

निर्मल सरिता नई

हिमांशु  नवीन  

रवि होगा नवीन

मुस्कुराए  वरुण  

रश्मि होगी अरुण

वे उर्मिल  किरण

करें आकांक्षी वरण

कोई हो न संकीर्ण  

होवें  पूर्ण  प्रवीण

आलोकित हो ......

खुशियों  की उमंग

रहे  बजता  मृदंग

बूढ़े बच्चे सब संग

झूमें खेलें नव रंग...

न हो  विराग कहीं

वे तो अनुराग भरी

होगा वसंत नया

वो  हेमंत नया  

अनिल  के  झरोखे

बहें विपिन के सहारे

प्रसून पंकज नए

आस  अंकुर नए

होंगे प्रफुल्ल विमल

हो ऊष्मित निखिल

फैले लालिमा की लड़ी   

नई शिव वाणी खड़ी

जो बनेगी अजेय

संग जिसके विजय

ज्योति दीपक बढ़े

पूर  वसुधा  सजे

होगी उपासना नई

होगी आराधना नई

सबका होगा अब नेक

करो  उसका अभिषेक

नव ऊर्जित संसार देख 

मिट जाएंगे सब क्लेश

पुष्पवर्षण  कर जश्न

मनाएंगे श्री अखिलेश

.

@आनंद ३०/१२/२०१४  

"मौलिक व अप्रकाशित"

Views: 505

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by somesh kumar on January 6, 2015 at 11:04am

नव वर्ष सहर्ष जीवन में लाए उत्कर्ष ,रचना लगी सरस ,यूँ ही बढ़े आपका यश 

Comment by anand murthy on January 5, 2015 at 5:44pm

आ.... सहृदयीजन आभार  मेरा यह प्रयास मेरे लिये भी विशेष है जितना आपने प्यार दुलार किया है क्योकि इसमें मेरे दोस्तों के नाम समाहित हैं..  


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 5, 2015 at 10:47am

बहुत बढ़िया ! बधाई आदरणीय ।

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 4, 2015 at 7:50pm

आनंद मूर्ति जी

प्रयास सराहनीय है i स्नेह i


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 4, 2015 at 7:34pm
सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय आनंद भाई जी आपको हार्दिक बधाई।
Comment by maharshi tripathi on January 4, 2015 at 4:26pm

आनंद जी मंच पे आते ही ,,रचना से प्रभावित किया ,,,आपको बधाई |


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 4, 2015 at 4:04pm

इस प्रयास पर बधाई, मंच पर आपका स्वागत है आनंद मूर्ती जी.

Comment by Hari Prakash Dubey on January 4, 2015 at 3:00pm

बेहतरीन अभिवयक्ति…..नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये…आनंद जी !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari and आशीष यादव are now friends
22 hours ago
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
22 hours ago
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
22 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रबंधन समिति से आग्रह है कि इस पोस्ट का लिंक उस ब्लॉक में डाल दें जिसमें कैलंडर डाला जाता है। हो…"
yesterday
आशीष यादव posted a blog post

गन्ने की खोई

पाँच सालों की उम्र,एक लोहे के कोल्हू में दबी हुई है।दो चमकदार धूर्त पत्थर (आंखें) हमें घुमा रहे…See More
yesterday
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत अच्छे दोहे रचे गए हैं।  हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए।"
yesterday
आशीष यादव commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"एक बेहतरीन ग़ज़ल रचा है आपने। बिलकुल सामयिक।  इस बढ़िया रचना पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
yesterday
आशीष यादव commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"सदियों से मनुष्य प्रकृति का शोषण करता रहा है, जिसे विकास समझता रहा है वह विनास की एक एक सीढ़ी…"
yesterday
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .अधर
"वाह। "
yesterday
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .विविध
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत बढ़िया दोहों की रचना हुई है।  बधाई स्वीकार कीजिए।"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service