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गीत : जीवन चुपके से बीत गया*

*जीवन चुपके से बीत गया*

जीवन का जो पल बीत गया
जो पल जीने से शेष रहा
पहचान नहीं कर पाया मन,
पल धीरे धीरे रीत गया
जीवन .....

ऐसे जी लूँ वैसे जी लूँ
जीवन कैसे कैसे जी लूँ
तैयारी मन करता ही रहा,
रोज लिखूँ कोई गीत नया।
जीवन....

सब अंधी दौड़ के प्रतियोगी
योगी मन भी बनते भोगी
अजब निराली मन की तृष्णा,
जब भी जीती मन भीत गया।
जीवन.....

खुद को जानूँ जग को मानूँ
जीवन रहस्य सब पहचानूँ
जग सृजक रहा फिर अनजाना,
वह अंतिम पल फिर जीत गया।
जीवन....
सीमा हरि शर्मा 16.10.2014
(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Views: 679

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Comment by seemahari sharma on October 20, 2014 at 12:06pm
Mahima Shree आपकी प्रतिक्रिया से अभिभूत हूँ। ह्रदय से धन्यवाद।
Comment by MAHIMA SHREE on October 19, 2014 at 7:22pm

खुद को जानूँ जग को मानूँ
जीवन रहस्य सब पहचानूँ
जग सृजक रहा फिर अनजाना,
वह अंतिम पल फिर जीत गया।.....वाह बहुत सुंदर ..शुरुआत से अंत तक ...हार्दिक बधाई प्रेषित है आपको 

Comment by seemahari sharma on October 19, 2014 at 10:32am
बहुत बहुत आभार आदरणीय लक्ष्मण रामानुज लडीवाला जी आपने रचना को पसंद किया
Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on October 18, 2014 at 10:07pm

*जीवन चुपके से बीत गया* - वाह ! बहुत सुंदर और सार्थक गीत रचना हुई है | हार्दिक बधाई आद सीमा हरी शर्मा जी 

Comment by seemahari sharma on October 18, 2014 at 2:41pm
आदरणीय Sharadindu Mukerji यह रचना मैंने बहुत पहले लिखी थी गलती से 2013 लिख गया है 16.10.2014 होना चाहिए था इसी दिन पोस्ट की थी। बहुत बहुत आशीर्वाद रचना को आपका आशीवाद मिला।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by sharadindu mukerji on October 18, 2014 at 1:40am
आदरणीया, मन प्रसन्न कर देने वाली रचना नि:सृत हुई है आपकी लेखनी से.क्या इसे आपने ठीक एक साल पहले लिखा था या कि नीचे दिए गए तारीख में ग़लती से 2013 लिखा गया है!! सादर.
Comment by seemahari sharma on October 17, 2014 at 9:28pm
ह्रदय से धन्यवाद rajesh kumari जी आपकी प्रतिक्रिया से रचना लिखना सार्थक रहा।
Comment by seemahari sharma on October 17, 2014 at 9:25pm
Somesh Kumar जी बहुत बहुत शुक्रिया
Comment by seemahari sharma on October 17, 2014 at 9:20pm
बहुत बहुत शुक्रिया Shyam Narain Verma जी।
Comment by seemahari sharma on October 17, 2014 at 9:18pm
भाई जितेन्द्र 'गीत' बहुत बहुत धन्यवाद गीत को आपने सराहा।

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