For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

क़दमों को आज भी याद है

आज फिर लड़खड़ाते कदमों से

गिरने की कोशिश की

यह लालच संजोये हुए कि

आप आ जाओगे

फिर से मुझे चलना सिखाने को

मेरी अंगुली पकड़ के

मुझे गिरने नहीं दोगे...

काश आपकी पदचाप फिर सुन पाता,

या काश, मेरे क़दमों को गिरते हुए

आपकी आदत ना होती..

 

साथ थे आप तो पैर अल्हड़ थे

घिसटते कदम थे चाल बेताल थी..

विश्वास था फिर भी ना गिरने का 

 

आज आपकी याद है...

पैर तने हैं, कदम सधे हैं

चाल भी सीधी है

फिर भी डर है कि

आपकी राह को छोड़ कर

कहीं गिर ना जाऊं

(मौलिक और अप्रकाशित)

Views: 387

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on September 15, 2014 at 11:40am

पवन कुमार जी, आपका हृदय से धन्यवाद |

Comment by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on September 15, 2014 at 11:40am

आदरणीय लक्ष्मण रामानुज जी, रचना का यही भाव है, जब किसी बड़े का साथ रहता है तो कोई परवाह नहीं होती... मेरे पिता को समर्पित की है यह रचना मैनें| आपका हार्दिक आभार

Comment by Pawan Kumar on September 14, 2014 at 3:12pm

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति भईया ... सादर बधाई !

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on September 14, 2014 at 3:07pm

जब तलक साथ है एक और एक ग्यारह है | संभालना आसान है | जब हो गए अकेले तो स्वयम की छाया से भी लगता डर है |

यही भाव लिए साथ को याद करती सुंदर रचना के लिए बधाई 

Comment by Dr. Chandresh Kumar Chhatlani on September 14, 2014 at 11:18am

आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी, आपका हार्दिक आभार|

Comment by Shyam Narain Verma on September 13, 2014 at 10:09am
" बहुत  ही सुन्दर भावात्मक प्रस्तुति .. बधाई  "

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Tuesday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service