For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

 

1

गिरते – गिराते

उठा-पटक 

शातिर चालें

शह और मात

जूतम पैजार

चमकाते हथियार

भड़काते विचार  

हो जाइए तैयार

फिर गरम है

चुनावी बाज़ार ।

 

2

 

चापलूसों की फौज

शहीदों का अपमान

गिरती इंसानियत

बेचते ईमान   

लड़ते –लड़ाते

शोर मचाते

लक्ष्य है जीत।

 

3

झूठ पे झूठ

आरोप प्रत्यारोप

काम का दिखावा

बातों से लुभाना

लो खुल गया

चुनावी पिटारा ।

 

4

बंटता समाज

धर्म और जाति में टूटते लोग

कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं

छोटे बड़े ठेकेदार

चुनिये द बेस्ट

पड़ा है कचड़े का ढेर।

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Views: 455

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 1, 2014 at 1:46am

सामान्य कथ्य और सहज बोलचाल की भाषा में राजनीति के जिस घिनौने पक्ष को बखूबी आपने उभारा है, उसके लिए साधुवाद. हार्दिक बधाई स्वीकार करें,  नादिर भाई

Comment by नादिर ख़ान on April 17, 2014 at 11:35pm

आदरणीय विजय मिश्र जी आपने कोशिश को सराहा लिखना सार्थक हुआ बहुत आभार...

Comment by विजय मिश्र on April 14, 2014 at 4:06pm
नादिर भाई ! बाखूबी और बेतकल्लुफ अन्दाज में कम लफ्जों के सहारे मगर उधेड़कर रख दियी है आपने इस गंदे खेल को |साल दर साल बहोत घिनौना शक्ल अख्तियार करता जा रहा है ये सियासी खेल |मेहरबानी |
Comment by नादिर ख़ान on April 12, 2014 at 12:34pm

आदरणीय जितेंद्र जी आदरणीया अन्नपूर्णा जी एवं आदरणीय गिरिराज जी उत्साह वर्धन के लिए बहुत आभार...


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on April 11, 2014 at 6:20pm

आदरणीय नादिर खान भाई , वर्तमान चुनाव की कड़वी सच्चाइयाँ बयान करती आपकी रचना के लिये बधाइयाँ !!

Comment by annapurna bajpai on April 10, 2014 at 1:57pm

बहुत खूब । 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on April 9, 2014 at 9:59pm

झूठ पे झूठ

आरोप प्रत्यारोप

काम का दिखावा

बातों से लुभाना

लो खुल गया

चुनावी पिटारा ।..................यह तो खास गुण है नेताओं का चुनावी उत्सव में

बहुत बढ़िया रचना आदरणीय नादिर साहब , हार्दिक बधाई आपको

 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service