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गज़ल - "हक जताता है"

कभी सपने सज़ाता है कभी आंसू बहाता है
खुदा दिल चीज़ कैसी है जो पल में टूट जाता है

ये उठते को गिराता है व गिरते को उठाता है
अरे ये वक्त ही तो है सदा हमको सिखाता है

मेरी ज़र्रा नवाज़ी को न कमज़ोरी समझना तुम
अदाकारी परखने का हुनर हमको भी आता है

जो ज़ेरेख्वाब ही मदमस्त हो अपने लिए जीता
ये आदमजात है भगवान को भी भूल जाता है

मै रोऊँ या हंसूं मंज़ूर पर उसको ही लेकर के
भला क्यों आज भी हम पर वो इतना हक जताता है

अदा-ए-दिल्लगी उसकी “ऋषी” दिल जीत लेती है
मुझे ही सामने कर जब मेरी गज़लें सुनाता है 

अनुराग सिंह “ऋषी”

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on July 15, 2013 at 1:02am

अच्छी ग़ज़ल हुई है...दाद कुबूल करें !

Comment by shashi purwar on July 14, 2013 at 10:49pm

waah kya baat hai sundar sher kahe aapne badhai


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by अरुण कुमार निगम on July 14, 2013 at 9:12pm

प्रिय अनुराग जी, बेहतरीन गज़ल के लिए बधाई कबूल कीजिये..

ये उठते को गिराता है व गिरते को उठाता है
अरे ये वक्त ही तो है सदा हमको सिखाता है

इन पंक्तियों पर विशेष दाद.................

Comment by मोहन बेगोवाल on July 13, 2013 at 9:59pm

अनुराग जी ,

आप जी की गज़ल बहुत उम्दा ,बहुत ही कमाल का शेर 

ये उठते को गिराता है व गिरते को उठाता है 
अरे ये वक्त ही तो है सदा हमको सिखाता है 

Comment by Shyam Narain Verma on July 13, 2013 at 5:57pm
इस प्रस्तुति हेतु बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएँ.
Comment by Anurag Singh "rishi" on July 13, 2013 at 5:52pm

शशी जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका हौसला आफजाई के लिए तथा इतना तर्कसम्मत सुझाव देने के लिए अवश्य आपके सुझाव पर अमल करूँगा
सादर

Comment by Anurag Singh "rishi" on July 13, 2013 at 5:51pm

आपका ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ कविता मैम

Comment by Shashi Vivek on July 13, 2013 at 2:57pm

 ऋषि साहिब आप ने खूब ग़ज़ल कही है. बस आप से एक गुजारिश है इतनी खूबसूरत उर्दू ग़ज़ल के बीच " व " शब्द फिट सा नहीं हो रहा . आप इसे हटा भी सकते हो.

Comment by Kavita Verma on July 13, 2013 at 2:33pm

ये उठते को गिराता है व गिरते को उठाता है 
अरे ये वक्त ही तो है सदा हमको सिखाता है

behad khoob surat lines hai ...abhivadan sweekare ..

Comment by Anurag Singh "rishi" on July 13, 2013 at 12:06pm

ह्रदय से आभार है आपका नीरज जी हौसला आफजाई के लिए शुक्रिया
सादर

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