For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अदब के साथ जो कहता कहन है 
वो अपने आप में एक अंजुमन है

 

हमें धोखे दिये जिसने हमेशा
उसी के प्यार में पागल ये मन है

 

हुई है  दिल्लगी बेशक हमीं से 
कभी रोशन था उजड़ा जो चमन है

 

अँधेरे के लिए शमआ जलाये
जिया की बज्म में गंगोजमन है  

 

नज़र दुश्मन की ठहरेगी कहाँ अब
बँधा सर पे हमेशा जो कफ़न है 

 

खिले हैं फूल मिट्टी है महकती 
यहाँ पर यार जो मेरा दफ़न है 

 

कहाँ परहेज मीठे से हमें अब
वो कहता यार यह तो आदतन है 

 

ये फैशन हाय रे जीने न देगा
कई कपड़ों में भी नंगा बदन है 

 

तुम्हारे हुस्न में फितरत गज़ब की
तभी चितवन में 'अम्बर' बांकपन है 

--अम्बरीष श्रीवास्तव

Views: 826

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Abhinav Arun on October 2, 2011 at 1:20pm

 

वाह क्या बात है अम्बरीश जी बहुत बढ़िया ग़ज़ल .. और इस शेर के क्या कहने ..

ये फैशन हाय रे जीने न देगा
कई कपड़ों में भी नंगा बदन है

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 2, 2011 at 12:07pm

हमें शिकवा नहीं है आपसे जी
हुआ
अच्छा ज़माने का चलन है........हा हा हा हा :-)))))))))))))))


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 2, 2011 at 11:14am

 

अजी क्या आपसे ऐसा, रे बप्पा !

बड़ा ही कातिलाना बांकपन है ...    ;-P    

....  हा हा हा हा ... ..

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 2, 2011 at 9:37am

तारीफ के लिए शुक्रिया भाई सौरभ जी! 

सादर:

मिटी तस्वीर दिल से यार की जो
हमें गम औ ज़माने को जलन है ......:-)))))))))))))))

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 2, 2011 at 9:37am

स्वागत है भाई वीनस जी! इस अंदाज़ में ग़ज़ल की तारीफ के लिए तहे दिल से आपका शुक्रिया !...:-)))


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 2, 2011 at 2:14am

आपकी नयी ग़ज़ल, भाई अम्बरीषजी, हिंडोल मचा रही है !  ..  :-)))))

इस शे’र के साथ सादर बधाई --

न आये सामने वो यूँ नज़र फिर

बसे मन में, कला, वर्ना चुभन है. .. 


Comment by वीनस केसरी on October 2, 2011 at 2:01am

वाह वाह वा ...

अम्बरीष जी बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है

मतला से मकता तक हर एक शेर सुन्दर कहन से भरपूर है

हार्दिक बधाई व तहे दिल से दाद कबूल करें

ये फैशन हाय रे जीने न देगा
कई कपड़ों में भी नंगा बदन है

उफ्फ्फ्फ़

 

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 2, 2011 at 12:57am

स्वागत है भाई आशीष जी ! इसकी तारीफ के लिए तहे दिल से शुक्रिया! बस यूं की कुछ कहने का मन हुआ तो यह फ़ौरी ग़ज़ल हो गयी ! :-)

Comment by आशीष यादव on October 2, 2011 at 12:38am

वाह अम्बरीश सर,

क्या शानदार ग़ज़ल कही है आपने| कुछ आज की हकीकत तो कुछ तसव्वुर का नजारा| सच में पढ़ कर बेहद मजा आया| 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi commented on Awanish Dhar Dvivedi's blog post ग़ज़ल
"सर नमस्कार मुझे ग़जल का ज्ञान नहीं है  अरकान आदि को नहींं जानता हूँ। बस भव में कुछ लिख देता हूँ।"
52 minutes ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ जैसे मंच की ये स्थिति अत्यंत कष्टप्रद है। अपने स्वास्थ्य और पारिवारिक विवशताओं , व्यस्ततओं…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी नहीं.. चर्चा जारी रहे।  'अभी' अलविदा ना कहना.. "
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय सौरभ भाई, आप ने सभी बातें सविस्तार कही और अनेकों संशयों को समाप्त किया। इसके पश्चात और कुछ…"
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"यह डेटाबेस तक पहुंच का प्रश्न है। सामान्यतः पोर्टल सर्विसेज एजेंसी साइट ओनर को डेटाबेस तक पहुंच…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता ’अजेय’ जी, आपकी संलग्नता आश्वस्तिकारी है. आपका सोचना आपके पहलू से…"
Thursday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"इस सारी चर्चा के बीच मैं एक बात और कहना चाहता हूँ। जैसा कि हम सबने देख लिया कि सदस्य इस मंच के लिए…"
Thursday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जी आदरणीय "
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service