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ये साफ़ नहीं है कोरोना कितनी ज़ालिम बीमारी है( ८७ )

एक नज़्म-कोरोना

.

ये साफ़ नहीं है कोरोना कितनी ज़ालिम बीमारी है

मालूम नहीं है दुनिया को ये किसकी कार-गुज़ारी है

**

कुछ लोग अज़ाब इसे कहते कुछ कहते कि महामारी है

आसेब हक़ीक़त में अब ये सारी दुनिया पर भारी है

**

हल्के में मत लेना इसको ये रोग शरर भी शोला भी

बच्चों बुड्ढों की ख़ातिर यह क़ुदरत की आतिश-बारी है

**

हैरान परेशां कर डाला दुनिया के लोगों को इसने

घर को ज़िन्दान बनाना अब हर इंसां की लाचारी है

**

सच में तो लगता है इसको ख़ुद रब ने भेजा धरती पर

चुपचाप ख़ुदा ने कर ली क्या अब महशर की तैयारी है

**

परवान चढ़े हर दिन दुगुना ये रोग ज़माने में पैहम

मालूम नहीं कल मरने की दुनिया में किसकी बारी है

**

कोरोना फ़र्क़ नहीं करता दौलतमंद और ग़रीबों में

दुनिया के हर मज़हब वालों पे क़ह्र मुसल्सल तारी है

**

जनता कोसे सरकारों को सरकारें कोसे जनता को

अब आग बुझाना समझो तो दोनों की ज़िम्मे-दारी है

**

हम जीतेंगे हर बाज़ी को घुटने न 'तुरंत' कभी टेके

यलग़ार हमारा दुश्मन पर हर सिम्त अभी तक जारी है

**

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' बीकानेरी |

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Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on April 23, 2020 at 3:44pm

आदरणीय  सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'  जी , रचना पर आपकी  उपस्थिति एवं सराहना से गौरवान्वित हुआ , सादर आभार | 

Comment by नाथ सोनांचली on April 23, 2020 at 2:05pm

आद0 जिधर सिंह गहलोत जी सादर अभिवादन। कोरोना महामारी पर बेहद उत्तम और मनोहारी रचना प्रस्तुत की। सच है कि किसी को सहीह सहीह कुछ भी नहीं मालूम कि यह महामारी कहा से आयी। बधाई स्वीकारें। सादर

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on April 22, 2020 at 3:45pm

जनाब अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "  साहेब , आपकी   पुरखुलूस  हौसला  अफ़ज़ाई  का  दिल  से  शुक्रग़ुज़ार  हूँ . नवाज़िश

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी on April 22, 2020 at 2:44pm

आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत जी, आदाब।

बेहतरीन ग़ज़ल कही है आपने, हार्दिक बधाई स्वीकार करें। सादर। 

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on April 20, 2020 at 8:51pm

आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर जी , उत्साहवर्धन हेतु दिल से आभार 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on April 20, 2020 at 4:38pm

आ. भाई गिरधारी सिंह जी, सादर अभिवादन । वर्तमान परिप्रेक्ष में बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।

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