For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

एक पंथ दो काज - लघुकथा -

एक पंथ दो काज - लघुकथा -

"हल्लो, मिश्रा जी, गुप्ता बोल रहा हूँ।"

"अरे यार नाम बताने की आवश्यकता नहीं है।मेरे मोबाइल में आपका नाम आ गया। बोलो सुबह सुबह कैसे याद किया?"

"आज आपकी थोड़ी मदद चाहिये।"

"कैसी बात करते हो मित्र।आपके लिये तो आधी रात को तैयार हैं।हुकम करो।"

"अरे भाई आज राम नवमी है।कुछ बच्चे बच्चियों को जिमाना है।मैडम का आदेश हुआ कि सोसाइटी में से अपने दोस्तों के बच्चे बुलालो।"

"ये तो बहुत टेढ़ा मामला है।लॉक डाउन का सरकारी आदेश है।उसकी अवहेलना तो अपराध की श्रेणी में आता है।"

"मिश्रा जी, यह तो सोसाइटी के अंदर का मामला है।और आपका फ्लैट तो हमारी ही बिल्डिंग में है।दो माले ही तो नीचे आना है।कौनसा लॉक डाउन टूट जायेगा।"

"गुप्ता जी, आप जैसे पढ़े लिखे और समझदार इंसान से ऐसी उम्मीद नहीं थी।"

"ऐसा क्या कह दिया मैंने?"

"मित्र, यह कायदे कानून से ज्यादा अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की बात है।"

"मिश्रा जी, जितना आप सोच रहे हो वैसा कुछ भी नहीं है।मेरे घर का वातावरण आपके घर की तरह ही साफ सुथरा और स्वच्छ है।"

"बात केवल घरों की नहीं है।घर के बाहर लिफ़्ट में कितने लोग आते जाते हैं।अखवार वाला, दूध वाला, कचरेवाला, झाड़ू पोंछावाली,दवाईवाले, सिक्योरिटी वाले।क्या पता कौन कैसे माहौल से होकर आया हो?"

"मिश्रा जी, बहानेवाजी मत करो।हमारे बच्चे तो बड़ी खुशी मना रहे थे कि इस बहाने आज कैरम भी खेल लेंगे। एक पंथ दो काज हो जाते।"

"गुप्ता जी, इसमें एक पंथ दो काज नहीं एक पंथ तीन काज हो जायेंगे।"

"तीसरा काज कौनसा?"

"करोना का प्रसार।"

मौलिक, अप्रकाशित एवम अप्रसारित

Views: 71

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by TEJ VEER SINGH on May 8, 2020 at 12:10pm

हार्दिक आभार आदरणीय अवनीश धर द्विवेदी जी।

Comment by Awanish Dhar Dvivedi on April 26, 2020 at 11:02pm
प्रासंगिक जागरूकता को बढ़ावा देने वाली उत्तम लघु कथा सर।बहुत बहुत आभार।
Comment by TEJ VEER SINGH on April 26, 2020 at 11:16am

हार्दिक आभार आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर जी।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on April 22, 2020 at 7:00am

आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । अच्छी , सारगर्भित और शिक्षाप्रद कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।

Comment by TEJ VEER SINGH on April 7, 2020 at 8:48am

हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब जी। आदाब।

Comment by Samar kabeer on April 6, 2020 at 3:57pm

जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

सालिक गणवीर commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post उफ़ ! क्या किया ये तुम ने ।
"मोहतरम अमीरूद्दीन 'अमीर' साहब आदाब एक शानदार ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाइयां स्वीकारें. जो ले…"
1 hour ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( ये नया द्रोहकाल है बाबा...)
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी. सादर प्रणाम बकौल दुश्यंत कुमार.. सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद…"
10 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post ग़ज़ल ( ये नया द्रोहकाल है बाबा...)
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी. सादर प्रणाम बकौल दुश्यंत कुमार.. सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद…"
10 hours ago
रणवीर सिंह 'अनुपम' commented on रणवीर सिंह 'अनुपम''s blog post हल हँसिया खुरपा जुआ (कुंडलिया)
"आदरणीय, अग्रज राम अवध जी नमन। उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
13 hours ago
रणवीर सिंह 'अनुपम' commented on रणवीर सिंह 'अनुपम''s blog post हल हँसिया खुरपा जुआ (कुंडलिया)
"आदरणीय, अग्रज कबीर जी नमन। उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।"
13 hours ago
Anvita commented on Anvita's blog post चाहती हूँ
"माननीय अमीरूददीन साहब प्रणाम ।आपका हार्दिक धन्यवाद ।रचना पसंद आई जानकर अच्छा लगा ।सादर।अन्विता ।"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post जीवन पर कुछ दोहे :
"आ . भाई सुशील जी, सादर अभिवादन । अच्छे दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई ।"
13 hours ago
Samar kabeer commented on Admin's page FAQ
"डिम्पल जी,मैंने आपको फ़ोन पर समझाया तो था,अगर और समझना हो तो फिर से फ़ोन कर सकती हैं । आपकी टिप्पणी…"
14 hours ago
Dimple Sharma commented on Admin's page FAQ
"अपनी रचना पर आए कमेंट्स पर अपनी प्रतिक्रिया कैसे दें..?"
14 hours ago
Pratibha Sharma left a comment for Pratibha Sharma
"बहुत बहुत शुक्रिया आपका"
14 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Anvita's blog post चाहती हूँ
"वाह। सुश्री अन्विता जी, ग़ज़ब का चिन्तन और सृजन है। मन के तारों को झंकृत कर दिया आपकी रचना…"
15 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' left a comment for Pratibha Sharma
"सुश्री प्रतिभा शर्मा जी, आदाब। ओबी ओ के मंच पर आपका हार्दिक स्वागत करते हैं। "
15 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service