For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

यक़ीं के साथ तेरा सब्र इम्तिहाँ पर है(७८)

(1212 1122 1212  22 /112 )

यक़ीं के साथ तेरा सब्र इम्तिहाँ पर है

हयात जैसे बशर लग रही सिनाँ पर है

**

हमारा मुल्क परेशान और ख़ौफ़ में है

सुकून-ओ-चैन की अब जुस्तजू यहाँ पर है

**

वजूद अपना बचाने में अब लगा है बशर

न जाने आज ख़ुदा छुप गया कहाँ पर है

**

बचेगा क़ह्र से कोविड के आज कैसे भला 

बशर पे ज़ुल्म-ओ-सितम उसका आसमाँ पर है

**

वहाँ की प्यास भला दूर क्या करे कोई

शिकार-ए-तिश्नगी ख़ुद आबजू जहाँ पर है

**

बिछड़ के लौट गया हूँ पनाह दे कि न दे

ये फ़ैसला तो नए मीर-ए-कारवाँ पर है

**

उठा रहे हैं कई लोग मसअला-ए-जुबाँ

मुझे तो नाज़ वतन की हर इक जुबाँ पर है

**

खिला सका न शजर फूल जो बहारों में

ख़िज़ाँ में दे रहा इलज़ाम बाग़बाँ पर है

**

'तुरंत' ज़िंदगी के गर ग़मों की बात करूँ

फ़साना भारी मिरा सब की दास्ताँ पर है

**

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' बीकानेरी

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 519

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on April 3, 2020 at 11:44am

हार्दिक आभार  Salik Ganvir जी 

Comment by सालिक गणवीर on April 3, 2020 at 10:46am
भाई गहलोत जी.
एक और अच्छी ग़ज़ल पोस्ट करने के हार्दिक बधाइयाँ स्वीकारें
Comment by Samar kabeer on April 2, 2020 at 9:10pm

यहाँ सवाल इज़ाफ़त का है,और इज़ाफ़त का नियम ये है कि हिन्दी और अंग्रेज़ी शब्दों में नहीं लगाई जा सकती ।

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on April 2, 2020 at 8:59pm

आदरणीय Samar kabeer साहेब , मेरे जिज्ञासा है कि  , व्यक्तिवाचक संज्ञा ,जातिवाचक संज्ञा जिनके नामों में किसी भी भाषा में परिवर्तन न हो पाए , जैसे कोरोना ,कोविड ,कंप्यूटर , ट्रम्प , इमरान खान , प्लेटफार्म , स्टेशन , मोबाईल आदि का प्रयोग उर्दू में भी यदि मूल नाम से ही प्रयोग हों  , तो क्या उन्हें उर्दू में सम्मिलित नए शब्द नहीं माना जाएगा ? सादर | 

Comment by Samar kabeer on April 2, 2020 at 8:12pm

"कोविड" शब्द उर्दू का कैसे हुआ?

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on April 2, 2020 at 8:04pm

आपकी क़ीमती दाद मेरे लिए वाइस-ए-फ़ख्र है मोहतरम Samar kabeer  साहेब | नवाज़िश-ओ-करम का दिल से शुक्रिया | मेरे ख़याल से संज्ञा शब्द तो हर भाषा में ज्यों के त्यों प्रयोग होते हैं , इसलिए मैंने कोविड को उर्दू शब्द मान लिया है | यदि इस बारे में भी कठोर नियम है तो क्षमा चाहता हूँ , गलती हो गई | 

Comment by Samar kabeer on April 2, 2020 at 3:55pm
जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

'बचेगा कैसे भला कोई क़ह्र-ए-कोविड से'
इस मिसरे में इज़ाफ़त का इस्तेमाल उचित नहीं,देखियेगा ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
20 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
20 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

बरसात

बरसात घन गरजे अंधियारी छाई,बिजली अम्बर पर इठलाई  बूँदें टपकी टप-टप भाईरिमझिम रिमझिम बारिश आई पत्ते…See More
yesterday
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"Dear respected Admin team: A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was…"
yesterday
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"..."
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Jun 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Jun 12
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Jun 12
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Jun 11

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service