For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल (मैं जो कारवाँ से बिछड़ गया)

212-122-1212

मैं जो कारवाँ से बिछड़ गया

यूँ तुम्हारे दर पे ही पड़ गया

 

दिल गया ख़ुशी की तलाश में 

साथ उनके हम से बिछड़ गया 

ये गरेबाँ गुल-रू की चाह में 

क्या कहूँ के फिर से उधड़ गया 

वो दुआ थी तेरी या बद् दुआ 

ये नसीब अपना बिगड़ गया 

कोई ज़िन्दगी तो सँवर गई

ग़म नहीं मुझे मैं उजड़ गया

वो तुम्हारी आँखों में चुभ रहा

लो हमारा ख़ेमा उखड़ गया

 

मैं झुका ज़रा हूँ तो क्या हुआ 

ये तुम्हारा क़द भी तो बढ़ गया

"मौलिक व अप्रकाशित"

Views: 170

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Chetan Prakash on September 20, 2020 at 12:58pm

 

अमीर साहब, तकाबुले रदीफ के दोष से ( आखिरी शेर ) बचा सकता था। किन्ही जगहों पर मुझे, मुआफ करे, बह्र से भटकाव दिखाई पड़ा । क्वाफी भी सारे शुद्ध नहीं है। बढ़ का प्रयोग उधड़ अथवा उखड़ के साथ दोष पूर्ण लगा।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई दिनेश जी, सादर अभिवादन। सुन्दर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
31 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई शिज्जू शकूर जी, सादर अभिवादन । सुन्दर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
37 minutes ago
Veena Gupta commented on Veena Gupta's blog post आइना
"अनुभव का सार है बस "
38 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. बहन रचना जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
41 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"दोस्तो, बहना राजेश कुमारी जी नेटवर्क समस्या के कारण आयोजन में चाह कर भी हिस्सा नहीं ले पा रही…"
44 minutes ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"हृदयतल से आभार व नमन आपको आदरणीय।"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"जनाब दिनेश कुमार जी आदाब, तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल कही आपने, बधाई स्वीकार करें । कृपया आयोजन में…"
1 hour ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आदरणीय, Dandpani nahak आदाब ! ग़जल आपको अच्छी लगी, इसके लिए आपका बहुत शुक्रिया। कृपया उत्साह-वर्धन…"
2 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"   आदरणीया सु श्री राजेश कुमारी जी, आदाब ! ग़जल आपको अच्छी लगी, इसके लिए आपका बहुत…"
2 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"बंधुवर, अमीरुद्दीन अमीर, आदाब ! ग़जल आपको अच्छी लगी, इसके लिए आपका बहुत शुक्रिया। कृपया…"
2 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"बंधुवर,सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप, आदाब ! ग़जल आपको अच्छी लगी, इसके लिए आपका बहुत…"
2 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"   बंधुवर,सलिक गणवीर, शुभ संध्या। आपको ग़़ज़ल अच्छी लगी, इसके लिए आप धन्यवाद के पात्र है।…"
2 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service