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Munish tanha's Blog – May 2016 Archive (7)

ग़ज़ल - बदलना भी ज़रूरी है सदा अच्छा नही रहता

1222-1222-1222-1222

ग़ज़ल

बदलना भी ज़रूरी है सदा अच्छा नही रहता

खुदा से प्यार करते हो तो फिर पर्दा नही रहता

हमारे सामने देखो बना अफसर से वो माली

दिनों का फेर है साहिब सदा पैसा नहीं रहता

बने गद्दारहै जो घूमें करें हैं देश से धोखा

उन्हें फिर मौत मिलती है निशां उनका नहीं रहता

जमीं तिड्की हलक प्यासे तडपते है परिंदे भी

लगाये पेड़ जो होते तो फिर सूखा नही रहता

ये नफरत की हैं दीवारें इन्हें तुम तोड़ दो वरना…

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Added by munish tanha on May 26, 2016 at 9:30am — 3 Comments

ग़ज़ल

2122-2122-212

                 ग़ज़ल   

इस तरह सब पे इनायत कीजिए

बोल कर मीठा इबादत कीजिए    

 

यूँ न दुनिया से बगावत कीजिए

दिल मिला सब से मुहब्बत कीजिए

 

चाँद छत पे आ गया तुम को नज़र

पेश अपनी अब शराफत कीजिए

 

नफरतें सारी ये मिटटी में मिलें

प्यार को ऐसी इमारत कीजिए

 

बोल भारत की जमीं तुमसे रही

माँ समझ कर कुछ तो इज्जत कीजिए 

मुनीश “तन्हा” नादौन 9882892447  (मौलिक…

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Added by munish tanha on May 23, 2016 at 7:17pm — 4 Comments

ग़ज़ल 212 – 212 – 212 – 212

212 – 212 – 212 – 212 ग़ज़ल

किस तरह आप से मैं कहूं प्यार है

जिक्र से ही हुआ दिल जो गुलज़ार है

आपका साथ है और क्या चाहिए

आप ही का बना दिल तलबगार है

जान लो तुम  मुहब्बत तो  है इक बला

इस से बचना बड़ा ही तो दुशवार है

रोग उसको अचानक ही समझो लगा

अब बना घूमता वो तो अख़बार है

जब हकीकत समझ आई तो देर थी

जो हुआ सो हुआ अब तो इकरार है

हुस्न ने लूट लाखों लिए सोच कर

हो गया इक नया जख्म सरकार है

मुनीश…

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Added by munish tanha on May 17, 2016 at 10:30am — 6 Comments

ग़ज़ल

ग़ज़ल2122-1212-22
अब तो चेहरा गुलाब लगता है
ना पढ़ी वो किताब लगता है
दर से तेरे खुदा असर पाया
रात दिन अब सबाब लगता है
जब से डूबी है सोहनी इसमें
मुझको कातिल चिनाब लगता है
खुश वो दिखता बहुत है अब सबको
जख्म गहरा जनाब लगता है
प्यार के नाम पर करे झगड़ा
सोच के ही इताब लगता है
मुनीश 'तन्हा'....नादौन...9882892447
मौलिक व अप्रकाशित

Added by munish tanha on May 16, 2016 at 6:04pm — 2 Comments

ग़ज़ल

22-22-22-22-22-22-22-2



सच को लिख कर तुम दुनिया में होने का इज़हार करो

झूठी बातेँ सारी छोड़ो दिल को ना लाचार करो

गर जीवन में मुश्किल आए हिम्मत को मत हारो तुम

शिकवे छोड़ो मन में ठानो फिर ख़ुद को औज़ार करो

कितने अच्छे वो दिन लगते जब हम छोटे बच्चे थे

मम्मी पापा कहते फिरते मत दिन को बेकार करो

नफरत जग में जिसने बांटी देखो उसका हाल बुरा

तोड़ो सारी तुम दीवारें मिल के सबसे प्यार करो

मिट्टी पानी आग हवा केवल जरिया…

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Added by munish tanha on May 7, 2016 at 11:30am — 2 Comments

जख्म दे के हवा करे कोई

2122  -  1212  -  22  

जख्म दे के हवा करे कोई

इस तरह भी वफ़ा करे कोई

 

आप तो मेरी जान हो जानम

देख कर ये जला करे कोई

 

प्यार में शर्त तुम लगाते हो

सोच कर के दगा करे कोई

 

दूर मंजिल तो रास्ता केसा

रात औ दिन चला करे कोई

 

वो बना है मरीज इस खातिर 

पास उस के रहा करे कोई

 

हर कदम झूठ फ़िक्र धोखा है

अब कहाँ तक सहा करे कोई

.

मुनीश “तन्हा” नादौन…

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Added by munish tanha on May 5, 2016 at 9:00pm — 2 Comments

सांस उनको देख कर के है इधर चलने लगी

2122 - 2122 - 2122 - 212 

सांस उनको देख कर के है इधर चलने लगी

कब मिले वो रोज मुझको आरजू रहने  लगी

.

फ़िक्र में हर दम ये दिल डूबा मुझे अब है लगे

उनको अपना है बनाना सोच ये जगने लगी

.

प्यार की गलियाँ बड़ी बदनाम दुनिया में मगर

क्या करें अपनी तबियत जो अगर सजने लगी

.

आप तो हैं हुस्न की तस्वीर जो अनमोल है

ये करिश्मा देख कर दुनिया भी अब जलने लगी

.

ख़ुद खुदा भी सोच के अब है परेशां हो रहा

के बनाकर…

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Added by munish tanha on May 4, 2016 at 1:00pm — 3 Comments

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