For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

santosh khirwadkar
Share

Santosh khirwadkar's Friends

  • सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • Gurpreet Singh
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • बसंत कुमार शर्मा
  • Samar kabeer
  • Gajendra shrotriya
  • मिथिलेश वामनकर
 

santosh khirwadkar's Page

Latest Activity

santosh khirwadkar posted a blog post

तेरे नज़दीक ही हर वक़्त ....”संतोष”

 फ़ाइलातुन फ़ईलातुन फ़ईलातुन फ़ेलुनतेरे नज़दीक ही हर वक़्त भटकता क्यों हूँतू बता फूल के जैसा मैं महकता क्यों हूँमैं न रातों का हूँ जुगनू न कोई तारा परउसकी आँखों में मगर फिर भी चमकता क्यों हूँइस पहेली का कोई हल तो बताओ यारोहिज्र की रातों में आतिश सा दहकता क्यों हूँघर बनाया है तेरे दिल में उसी दिन से सनमसारी दुनिया की निगाहों में खटकता क्यों हूँहासिदों को बड़ी तश्वीश है इसकी जानमबनके धड़कन मैं तेरे दिल में धड़कता क्यों हूँजब तुझे मुझ से महब्बत नहीं ये बतला देक़तरा क़तरा तेरी आँखों से टपकता क्यों…See More
16 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"आद0 सन्तोष खैरवाड़कर जी सादर अभिवादन।  लाख दुनियां ने तोड़ना चाहा दिल से दिल का क़रार आज भी है वाह, बढ़िया गजल  कही आपने। बाधाइयाँ "
Dec 26, 2017
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"धन्यवाद आदरणीय अजय जी ...."
Dec 26, 2017
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"शुक्रिया ,आदरणीय अफ़रोज़ साहब !!!"
Dec 26, 2017
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"आदरणीय समर साहब प्रणाम सहित धन्यवाद....."
Dec 26, 2017
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"आदरणीय आरिफ़ साहब धन्यवाद....."
Dec 26, 2017
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"आदरणीय बृजेश जी शुक्रिया...."
Dec 26, 2017
Ajay Tiwari commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"आदरणीय संतोष जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई."
Dec 25, 2017
Afroz 'sahr' commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"आदरणीय संतोष जी इस रचना पर बहुत बधाई आपको। " दुनियां" को दुनिया करलें,,,,"
Dec 24, 2017
Samar kabeer commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"जनाब संतोष जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 24, 2017
Mohammed Arif commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"आदरणीय संतोष खिरवड़कर जी आदाब,                             इश्क़िया अंदाज़ में डूबी बेहतरीन ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए ।"
Dec 24, 2017
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on santosh khirwadkar's blog post पहले था अश्क़बार...संतोष....
"वाह खूब ग़ज़ल कही आदरणीय..."
Dec 23, 2017
santosh khirwadkar posted a blog post

पहले था अश्क़बार...संतोष....

फ़ाइलातून मफ़ाईलुन फेलुनपहले था अश्क़बार आज भी हैदिल मेरा सोगवार आज भी हैमैं नहीं हूँ किसी भी लायक़ परआपको एतिबार आज भी हैजो था पहले वही है रिश्ता-ए-दिलप्यार वो बे-शुमार आज भी हैइश्क़ आँखें बिछाए बैठा हैआपका इन्तिज़ार आज भी हैलाख दुनियां ने तोड़ना चाहादिल से दिल का क़रार आज भी है#संतोष(मौलिक एवं अप्रकाशित)See More
Dec 23, 2017
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post धोखे ने मुझको इश्क़ में ......संतोष
"  धन्यवाद आदरणीय महेंद्र जी....... "
Dec 19, 2017
Mahendra Kumar commented on santosh khirwadkar's blog post धोखे ने मुझको इश्क़ में ......संतोष
"//अपनों की ठोकरों ने गिराया था बारहाग़ैरों ने सीधी राह पे चलना सिखा दिया// बहुत ख़ूब! इस बढ़िया ग़ज़ल पर हार्दिक बधाई क़ुबूल कीजिए आ. संतोष जी. सादर."
Dec 18, 2017
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post धोखे ने मुझको इश्क़ में ......संतोष
"धन्यवाद आदरणीय मंडल साहब...."
Dec 18, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal
Native Place
Indore
Profession
Govt service
About me
National table-tennis player/coach

Santosh khirwadkar's Blog

तेरे नज़दीक ही हर वक़्त ....”संतोष”

 

फ़ाइलातुन फ़ईलातुन फ़ईलातुन फ़ेलुन

तेरे नज़दीक ही हर वक़्त भटकता क्यों हूँ

तू बता फूल के जैसा मैं महकता क्यों हूँ

मैं न रातों का हूँ जुगनू न कोई तारा पर

उसकी आँखों में मगर फिर भी चमकता क्यों हूँ

इस पहेली का कोई हल तो बताओ यारो

हिज्र की रातों में आतिश सा दहकता क्यों हूँ

घर बनाया है तेरे दिल में उसी दिन से सनम

सारी दुनिया की निगाहों में खटकता क्यों हूँ

हासिदों को बड़ी तश्वीश है इसकी…

Continue

Posted on January 20, 2018 at 11:21am

पहले था अश्क़बार...संतोष....

फ़ाइलातून मफ़ाईलुन फेलुन

पहले था अश्क़बार आज भी है
दिल मेरा सोगवार आज भी है

मैं नहीं हूँ किसी भी लायक़ पर
आपको एतिबार आज भी है

जो था पहले वही है रिश्ता-ए-दिल
प्यार वो बे-शुमार आज भी है

इश्क़ आँखें बिछाए बैठा है
आपका इन्तिज़ार आज भी है

लाख दुनियां ने तोड़ना चाहा
दिल से दिल का क़रार आज भी है

#संतोष

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Posted on December 23, 2017 at 6:04am — 11 Comments

धोखे ने मुझको इश्क़ में ......संतोष

ग़ज़ल

मफ़्ऊल फ़ाइलात मफ़ाईल फाइलुन

धोखे ने मुझको इश्क़ में क्या क्या सिखा दिया

गिरना सिखा दिया है,सँभलना सिखा दिया

रोती थीं ज़ार ज़ार ये,वादे ने आपके

आँखों को इन्तिज़ार भी करना सिखा दिया

सूरज की तेज़ धूप बड़ा काम कर गई

ख़्वाबों के दायरे से निकलना सिखा दिया

अपनों की ठोकरों ने गिराया था बारहा

ग़ैरों ने सीधी राह पे चलना सिखा दिया

"संतोष"दुश्मनों का करूँ शुक्र किस तरह

मुझको भी दोस्ती का सलीक़ा सिखा…

Continue

Posted on December 14, 2017 at 8:30pm — 12 Comments

भुलाने के लिए राज़ी...संतोष

ग़ज़ल

मफ़ाईलुन मफ़ाईलुन मफ़ाईलुन मफ़ाईलुन

भुलाने के लिए राज़ी तुझे ये दिल नहीं होता

तभी तो याद से तेरी कभी ग़ाफ़िल नहीं होता

महब्बत को अभी तक मैंने अपनी राज़ रक्खा है

तुम्हारा ज़िक्र यूँ मुझसे सरे महफ़िल नहीं होता

तुझे ही ढूँढता रहता मैं अपने आप में हर दम

सनम तू मेरे जीवन में अगर शामिल नहीं होता

दग़ा देना ही आदत बन गई हो जिसकी ऐ यारो

भरोसे के कभी वो आदमी क़ाबिल नहीं होता

हमेशा बीज बोता है जो…

Continue

Posted on December 8, 2017 at 9:30am — 11 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आयोजन में सहभागिता के लिए सुधीजनों का आभार.."
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
":-))))"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, भुजंगप्रयात पर हुए प्रयास को सराहने के लिए आपका हार्दिक आभार. सही कहा…"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"मेरे कहे पर ध्यान देने के लिए सादर धन्यवाद, आदरणीया प्रतिभा जी"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी, भुजंगप्रयात पर ठोस कलम चली है। तीन बंद में आपने चित्र को मय भाव प्रस्तुत कर दिया…"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. राजेश दी, इस प्रस्तुति के लिए कोटि कोटि बधाई।"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"भुजंगप्रयात छंद   सबेरा हुआ है उजाला हुआ है | भला हो सभी का हमारी दुआ है, उदासी सभी की मिटाए…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया राजेश कुमारी जी, कहाँ थीं जी ? ऐसी रचना से आपने हम सभी को अबतक दूर रखा था ? इस सशक्त प्रयास…"
5 hours ago
sunanda jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"दिल से शुक्रिया आदरणीय सौरभ सर ,आपको रचना पसन्द आई लेखन सार्थक हुआ ।हृदय तल से आभारी हूँ इस रचना को…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया सुनन्दा झा जी, आपकी भावमय प्रस्तुति से हृदय आप्लावित हो गया. चित्र के अनुरूप आपने कथ्य को…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सुरेश कल्याण भई जी, आपका प्रयास श्लाघनीय है. शिल्प के स्तर विधा को साधा जाना आवश्यक…"
5 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया  प्रतिभाजी आपकी प्रतिक्रिया और उत्साहवर्धन के लिए हृदय से धन्यवाद आभार।"
5 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service