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भरत तिवारी (Bharat Tiwari)
  • Male
  • नई दिल्ली (New Delhi)
  • India
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भरत तिवारी (Bharat Tiwari)'s Page

Profile Information

Gender
Male
City State
नई दिल्ली (New Delhi)
Native Place
फैज़ाबाद (Faizabad) (U.P.)
Profession
Interior Architect
About me
I Exist Cause I Love ░ A Writer trying to learn art direction, designing, Photography and everything left ░OSR░ fb.com/bharat.tiwari ░ twitter.com/BharatTiwari

भरत तिवारी (Bharat Tiwari)'s Blog

जियरा धड़के जर के पिया जी

जियरा धड़के जर के पिया जी

देखो हैं खेलत होरी पिया जी...

घेरे हैं उनको सखियाँ हमारी 

रंग हैं लगावें जम के पिया जी...

करत है लीला रास मैं जानू 

जियरा…

Continue

Posted on March 30, 2011 at 6:30pm — 1 Comment

आगोश...

हमसफर हूँ उम्मीद जगा दी उसने,

खुदा से तामील भी करा दी उसने...



मेरे एक शेर को भी ना दाद दी उसने,

मालूम हो के गजल बना दी उसने...



इतना गहरा आगोश मेरे यार तेरा,

ख्वाबों से मुलाकात करा दी उसने...



दामन है या के मैखाना-ए-जन्नत,

रूह को भी शराब पिला दी उसने...



अब तो मीरा बनी नाचती है रूह,

इश्क की वो धुन लगा दी उसने...



सर्द तासीर दिखाती वो मुलाकातें,

आग सी जहन में लगा दी उसने...



रखी मखमल में रूह उसने… Continue

Posted on August 15, 2010 at 8:58pm — 2 Comments

इनकार तू करता नहीं ... Inkaar Tuu Karta Nahin

इनकार तू करता नहीं...

मांगता मैं भी नहीं...|



हर बात तू समझ के...

कुछ बताता भी नहीं |



खुद को तनहा क्यों करूँ...

फ़िक्र करके बेवजह |



है रोम रोम में तू बसा ...

करूँ ख्वाहिशें किस के लिए |





मैं आया हूँ...

दो घड़ी के तेरे साथ के लिए ... |



भीड़ में भी मिलते...

तेरे अहसास के लिए... |



गुफ्तगू करता रहा...

शोर से कहीं बेखबर... |



बस तू ही काफी है,

इस रूह-ए-परेशां के… Continue

Posted on August 15, 2010 at 8:50pm

लहरा के तिरंगे को गुमान करूँ

मन तो करता है के सलाम करूँ | लहरा के तिरंगे को गुमान करूँ ||

चोर हैं देश का भेष है सिपाही का|

इन सफ़ेदपोशों का काम तमाम करूँ ||



घर बना कैद ये कैसी है आज़ादी |

जश्न तो तब जो सर-ए-आम करूँ ||



गान है राष्ट्र का साज हैं विदेशी |

सुनूँ कैसे क्या खुद को गुलाम करूँ ||



कहीं छपा के खबर अभी मत छापो |

क्या मज़ाक है देश को नीलाम करूँ ||



देश का हूँ तो क्यों ना लिखूँ ये आखिर |

कहते है भरत ना बोले तो आराम करूँ…
Continue

Posted on August 15, 2010 at 12:30pm — 1 Comment

Comment Wall (6 comments)

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At 11:37pm on August 17, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 9:27pm on August 15, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…
hello
At 5:20pm on August 15, 2010,
सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh
said…

At 1:05pm on August 15, 2010, Admin said…
भरत तिवारी जी, जय हिंद,
अभी अभी आपका एक पोस्ट "लहरा के तिरंगे को गुमान करूँ" प्राप्त हुआ है जिसे अनुमोदन किया जा चूका है, मैने देखा कि आप ने इस पोस्ट को moderate कर दिया है मतलब कि इस पर कमेंट्स केवल आपके मित्र सूची मे जो है वो ही दे सकते है, यदि आप ने जान बुझकर किया है तो कोई बात नहीं, किन्तु यदि अनजाने मे हुई है तो आप इस पोस्ट को खोल ले और Edit Post मे जाकर

Who can comment on this post? मे

Everyone को क्लिक कर दीजिये,
यदि जानबूझकर सेट्टिंग ऐसा किये हो तो इस massage को Ignore कर दे ,
सादर,
आपका
एडमिन
OBO
At 9:51am on August 15, 2010, Admin said…

At 8:35am on August 15, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

 
 
 

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