For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Aditya lok
  • Male
  • bihar
  • India
Share

Aditya lok's Friends

  • anwar suhail
 

Aditya lok's Page

Latest Activity

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Aditya lok's blog post वो सवाल...
"ज़नाब आदित्य लोक जी सादर अभिवादन, अच्छी रचना पर बधाई निवेदित है।"
Jan 18

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर commented on Aditya lok's blog post वो सवाल...
"आदरणीय आदित्य लोक जी, आपकी प्रस्तुति का प्रवाह बहुत बढ़िया है. लय पर आपकी बहुत अच्छी पकड़ है. यही इस प्रस्तुति की विशेषता है. इस हेतु आपको हार्दिक बधाई.... किसी भी रचना में शब्द चयन, शिल्प अर्थात लय और भाव तीनों का समन्वय ही रचना को विशिष्ट बनाता है.…"
Jan 18
Samar kabeer commented on Aditya lok's blog post वो सवाल...
"जनाब आदित्य लोक जी आदाब,अच्छी कविता है, बधाई स्वीकार करें । पहली पंक्ति में 'मैं'और दूसरी पंक्ति में 'हमारा' ?कविता लिखने के बाद उसे पढ़ा भी करें ।"
Jan 17

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Aditya lok's blog post तुम...
"आ.  आदित्य भाई . अच्छी प्रेम कविता हुई है , .....  आ. समर भाई और आ. बृजेश भाई की बातों का खयाल कीजियेगा"
Jan 17
Sheikh Shahzad Usmani commented on Aditya lok's blog post वो सवाल...
"हाल...सवाल..मलाल..ख्याल पर बेहतरीन भावपूर्ण प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय आदित्य लोक जी। पोस्ट करने से पहले टंकण त्रुटियों को सुधारने की कोशिश की जानी चाहिए।"
Jan 17
Aditya lok posted blog posts
Jan 17
बृजेश नीरज commented on Aditya lok's blog post तुम...
"भाई कविता प्रेमालाप से आगे का सफर तय कर चुकी है. कुछ काम की बातें करें. 'मशगुल हुए युँ धुन में' इस पंक्ति में शब्दों के हिज्जों पर ध्यान दें. मुझे जो अखरा वह कह दिया. मुझे एक अदना पाठक समझें. सादर!"
Jan 16
Samar kabeer commented on Aditya lok's blog post तुम...
"जनाब आदित्य लोक जी आदाब,अच्छी कविता है, बधाई स्वीकार करें । कहीं 'तेरी'और कहीं 'तुम्हारी'शब्द से कविता में रस नही आ रहा है,किसी एक शब्द को रखिये ।"
Jan 16
Aditya lok posted a blog post

तुम...

हर रोज कहानी तेरी...हर रोज तेरा अफसाना...हम गूंथ रहे ख्वाबों में...इस दिल का ताना बाना...बस एक वो तेरी यादें...बस एक तेरा वो चेहरा...बस एक इबादत तेरी...कर दे हमको दिवाना...मशगुल हुए युँ धुन में...तेरी सुन ले ओ काफिर...बस फिक़र नहीं उस रब की...अब क्या खोना क्या पाना...मौजूद है तेरा हिस्सा...अब मेरे हर हिस्से में...हर किस्से में अब मेरी...है तेरा आना जाना...मौलिक व अप्रकाशितSee More
Jan 16
Aditya lok updated their profile
Jan 16
Aditya lok and anwar suhail are now friends
Jan 16
Aditya lok is now a member of Open Books Online
Dec 16, 2014

Profile Information

Gender
Male
City State
Bihar
Native Place
Bettiah
Profession
student

Aditya lok's Blog

वो सवाल...

क्या जवाब दूँ तुम्हे मैं...ये जो सवाल है तुम्हारा...

हर रोज्र हारता हूँ...यहीं तो हाल है हमारा...

 

ये ख्वाब हीं बुरे हैं...

या फिर बुरा सा मैं हूँ...

सौ बार सोचता हुँ...

कुछ तो भला सा कह दूँ..

 

हर वक़्त एक सपना...

हाफीज्र सदा है मेरे...

कुछ पास है हमारे...

कुछ पास में है तेरे...

 

मै वक़्त का मुसाफिर...

अब वक़्त ढुँढता…

Continue

Posted on January 16, 2017 at 10:30pm — 4 Comments

तुम...

हर रोज कहानी तेरी...

हर रोज तेरा अफसाना...

हम गूंथ रहे ख्वाबों में...

इस दिल का ताना बाना...

बस एक वो तेरी …

Continue

Posted on January 16, 2017 at 12:30pm — 3 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mohammed Arif commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल(रमजान गया आई नज़र ईद मुबारक)
"आदरणीय वासुदेव जी आदाब, सबसे पहले आपको ईद की दिली मुबारकबाद । हर शे'र असरदार । ईद का बेहतरीन…"
28 minutes ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on surender insan's blog post ग़ज़ल
"अगर बहर  २ २ २ २  २ २ २ है तो-----------उसकी मौज़ में रहता हूँ।---------ख़ुद हो शेर अगर…"
2 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल(रमजान गया आई नज़र ईद मुबारक)
"वा वाह क्या बात कही खूब गजल में त्यौहार असरदार तुम्हे ईद मुबारक"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ओबीओ परिवार को ईद-उल-फ़ित्र की दिली मुबारकबाद ।"
3 hours ago
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' posted a blog post

ग़ज़ल(रमजान गया आई नज़र ईद मुबारक)

221 1221 1221 122रमजान गया आई नज़र ईद मुबारक,खुशियों का ये दे सबको असर ईद मुबारक।घुल आज फ़िज़ा में हैं…See More
3 hours ago
Nita Kasar commented on डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's blog post ऐडवर्स रिपोर्ट(लघु कथा )
"एक तो चोरी ऊपर से सीनाज़ोरी ।घर में घुसकर २०० रूपये ले गये सो अलग ।एेसे लोगों से दूरी भली ।ठगी से…"
5 hours ago
Nita Kasar commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते...तत्र..!' (लघुकथा) /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"प्रतीकात्मक रूप से लिखी गई कथा के लिये व नायिका के दृष्टिकोण को उजागर करती कथा के लिये बधाई आद०…"
5 hours ago
Nita Kasar commented on विनय कुमार's blog post बढ़ता धुआं- लघुकथा
"सत्य घटना पर आधारित कथा के लिये बधाई आद० विनय सिंह जी ।"
5 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on KALPANA BHATT's blog post मूक दर्शक (लघुकथा)
"अच्छा कटाक्ष करती शानदार रचना के लियर ढेर सारी बधाई स्वीकार करें आदरनीया"
5 hours ago
Nita Kasar commented on KALPANA BHATT's blog post मूक दर्शक (लघुकथा)
"अब मूकदर्शक स्पष्ट हो गया कौन रहा ।कटु व्यंग्य के लिये बधाई ।आद० कल्पना जी ।"
5 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on Saurabh Pandey's blog post ग़ज़ल : भइ, आप हैं मालिक तो कहाँ आपसे तुलना
"आदरनीय सौरभ सर बड़ी शिद्दत से आपका और आपकी रचना का जो इंतेज़ार था आज ख़त्म हुआ वो भी ईद के इस शानदार…"
5 hours ago
Dr Ashutosh Mishra commented on विनय कुमार's blog post बढ़ता धुआं- लघुकथा
"बहुत ही मार्मिक रचना अभी टी वी पर इसी रचना जैसी घटना पर समाचार सुन रहा था इस रचना के लिए ढेरों बधाई…"
5 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service