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Aditya lok
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Aditya lok's blog post वो सवाल...
"ज़नाब आदित्य लोक जी सादर अभिवादन, अच्छी रचना पर बधाई निवेदित है।"
Jan 18, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर commented on Aditya lok's blog post वो सवाल...
"आदरणीय आदित्य लोक जी, आपकी प्रस्तुति का प्रवाह बहुत बढ़िया है. लय पर आपकी बहुत अच्छी पकड़ है. यही इस प्रस्तुति की विशेषता है. इस हेतु आपको हार्दिक बधाई.... किसी भी रचना में शब्द चयन, शिल्प अर्थात लय और भाव तीनों का समन्वय ही रचना को विशिष्ट बनाता है.…"
Jan 18, 2017
Samar kabeer commented on Aditya lok's blog post वो सवाल...
"जनाब आदित्य लोक जी आदाब,अच्छी कविता है, बधाई स्वीकार करें । पहली पंक्ति में 'मैं'और दूसरी पंक्ति में 'हमारा' ?कविता लिखने के बाद उसे पढ़ा भी करें ।"
Jan 17, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on Aditya lok's blog post तुम...
"आ.  आदित्य भाई . अच्छी प्रेम कविता हुई है , .....  आ. समर भाई और आ. बृजेश भाई की बातों का खयाल कीजियेगा"
Jan 17, 2017
Sheikh Shahzad Usmani commented on Aditya lok's blog post वो सवाल...
"हाल...सवाल..मलाल..ख्याल पर बेहतरीन भावपूर्ण प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय आदित्य लोक जी। पोस्ट करने से पहले टंकण त्रुटियों को सुधारने की कोशिश की जानी चाहिए।"
Jan 17, 2017
Aditya lok posted blog posts
Jan 17, 2017
बृजेश नीरज commented on Aditya lok's blog post तुम...
"भाई कविता प्रेमालाप से आगे का सफर तय कर चुकी है. कुछ काम की बातें करें. 'मशगुल हुए युँ धुन में' इस पंक्ति में शब्दों के हिज्जों पर ध्यान दें. मुझे जो अखरा वह कह दिया. मुझे एक अदना पाठक समझें. सादर!"
Jan 16, 2017
Samar kabeer commented on Aditya lok's blog post तुम...
"जनाब आदित्य लोक जी आदाब,अच्छी कविता है, बधाई स्वीकार करें । कहीं 'तेरी'और कहीं 'तुम्हारी'शब्द से कविता में रस नही आ रहा है,किसी एक शब्द को रखिये ।"
Jan 16, 2017
Aditya lok posted a blog post

तुम...

हर रोज कहानी तेरी...हर रोज तेरा अफसाना...हम गूंथ रहे ख्वाबों में...इस दिल का ताना बाना...बस एक वो तेरी यादें...बस एक तेरा वो चेहरा...बस एक इबादत तेरी...कर दे हमको दिवाना...मशगुल हुए युँ धुन में...तेरी सुन ले ओ काफिर...बस फिक़र नहीं उस रब की...अब क्या खोना क्या पाना...मौजूद है तेरा हिस्सा...अब मेरे हर हिस्से में...हर किस्से में अब मेरी...है तेरा आना जाना...मौलिक व अप्रकाशितSee More
Jan 16, 2017
Aditya lok updated their profile
Jan 16, 2017
Aditya lok and anwar suhail are now friends
Jan 16, 2017
Aditya lok is now a member of Open Books Online
Dec 16, 2014

Profile Information

Gender
Male
City State
Bihar
Native Place
Bettiah
Profession
student

Aditya lok's Blog

वो सवाल...

क्या जवाब दूँ तुम्हे मैं...ये जो सवाल है तुम्हारा...

हर रोज्र हारता हूँ...यहीं तो हाल है हमारा...

 

ये ख्वाब हीं बुरे हैं...

या फिर बुरा सा मैं हूँ...

सौ बार सोचता हुँ...

कुछ तो भला सा कह दूँ..

 

हर वक़्त एक सपना...

हाफीज्र सदा है मेरे...

कुछ पास है हमारे...

कुछ पास में है तेरे...

 

मै वक़्त का मुसाफिर...

अब वक़्त ढुँढता…

Continue

Posted on January 16, 2017 at 10:30pm — 4 Comments

तुम...

हर रोज कहानी तेरी...

हर रोज तेरा अफसाना...

हम गूंथ रहे ख्वाबों में...

इस दिल का ताना बाना...

बस एक वो तेरी …

Continue

Posted on January 16, 2017 at 12:30pm — 3 Comments

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