For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ARUNESH KUMAR 'Arun'
  • Male
  • uttar pradesh
  • India
Share
 

ARUNESH KUMAR 'Arun''s Page

Latest Activity


सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|
"आदरणीय अरुण भाई , भाव पूर्न अच्छी गीत रचना की है .. हार्दिक बधाइयाँ । आ. रामबली भाई जी से मै भी सहमत हूँ .. गीत को और कुछ समय की ज़रूरत है .. शिल्प मे कसने के लिए ।"
Sep 27, 2017
Mohammed Arif commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|
"आदरणीय अरुणेश जी आदाब, गीत का अच्छा प्रयास । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । गुणीजनों की बातों का संज्ञान लें ।"
Sep 27, 2017
रामबली गुप्ता commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|
"भाई अरुणेश जी गीत पर प्रयास अच्छा है। कथ्य और भाव भी अच्छे है। किंतु बताना चाहूंगा गीत में प्रवाह और गेयता की भारी कमी है। इसलिए शिल्प के दृष्टिकोण से रचना कमजोर है।"
Sep 26, 2017
Samar kabeer commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|
"जनाब अरुण जी आदाब,गीत का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । गीत के बारे में इस मंच पर आलेख मौजूद हैं,उनका अध्यन करें ।"
Sep 26, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' posted a blog post

गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|

दिल में कसक है तेरी यादों का हक है तेरी,जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|दिल में ............तू ही मेरा सांध्य-गीत है, और भोर वंदन है,जिसमें मैं निज को निज देखूं नैन तेरे दर्पण है|तेरी खातिर खुले हमेशा सब दिल के दरवाजे,चाहे जिससे तू आ जाए तेरा अभिनंदन है||दिल तो तेरा है पर उसकी धक-धक है तेरी,दिल में .......गंगा-सा मन पावन तेरा, यमुना सा निर्मल हो,सरस्वती-सी बुद्धि तुम्हारी, चंडी-सा सम्बल हो।जीवन मेँ बन कर के त्रिवेणी, तुम बहती रहती हो,दिखे तुम्हारे सजल नयन जब जन-जन-मन विह्वल हो॥ मै तो…See More
Sep 26, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"आदरणीय अरुणेश भाई , इस प्रस्तुति के लिये आपको हार्दिक बधाई ।"
Sep 13, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' shared Uma Vishwakarma's blog post on Facebook
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' shared Rahila's blog post on Facebook
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' commented on Rahila's blog post *अनुवांशिक गुण*(लघुकथा)राहिला
"बेहद सुन्दर लघु कथा है ।"
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' commented on MUKESH SRIVASTAVA's blog post मै एक पेड़ होता और तुम होती गिलहरी
"सादर बधाई । बहुत अच्छी कविता है। "
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post हाँ, तुमने प्यार सिखाया था:-मोहित मुक्त
"कविता बहुत अछी लिखी है। आदरणीय आपने संस्कृतनिष्ठ श्ब्दो  का प्रयोग किया है। बहुत अच्छा।"
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"सभी का बहुत-बहुत आभार, आदरणीय इसी प्रकार मेरा मनोबल बढ़ाते रहें| "
Sep 12, 2017
Mohammed Arif commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"आदरणीय अरुणेश जी आदाब, अच्छी प्रस्तुति । बधाई स्वीकार करें । गुणीजनों की बातों का संज्ञान लें ।"
Sep 12, 2017
Mahendra Kumar commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"आ. अरुण जी, अच्छी प्रस्तुति है. पर यदि आप इसमें कुछ ऐसा ख़याल व्यक्त करते कि मैंने लिख तो दिया है पर अगर तू गा देगा तो मेरा गीत अमर हो जाएगा, तो यह और भी अच्छी प्रस्तुति हो जाती. मेरी तरफ़ से हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."
Sep 11, 2017
Samar kabeer commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"जनाब अरुणेश कुमार'अरुण'जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । कुछ टंकण त्रुटियां हैं,देखियेगा ।"
Sep 11, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' posted a blog post

कविता - भावी गान

मै लिख दूंगा कोई गा देगा,मेरा गीत अमर हो जायेगा।अधरोँ पर शब्द मेरे होंगेजिह्वा पर शब्द मेरे होंगे,कण्ठो के उच्छवासोँ मे भी,श्रवणोँ मे शब्द मेरे होंगे।संगीत मे कोई सजा देगा,मेरा गीत अमर हो जायेगा।मै लिख...............स्पन्दन मे; अजवन्दन मे,परिहास और अभिनन्दन मे;उत्साह और अभिलाषा मे,करुणा मे निर्जन कानन मे।शब्दो कि वायु बहा देगा,मेरा गीत अमर हो जायेगा।मै लिख................प्रस्थान और आवाह्न मे,श्रंगारकाल के दर्पण मे।परिणय बेला चलचित्रो मे,षडऋतुओ मे वन उपवन मे।गुंजार से श्ब्द जगा देगा,मेरा गीत…See More
Sep 11, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
UTTAR PRADESH
Native Place
SITAPUR
Profession
PRIVATE TEACHER
About me
मायाराम रामपती शि सँ पोखरा कला मे हिन्दी का प्रवक्ता हूँ ।

ARUNESH KUMAR 'Arun''s Blog

गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|

दिल में कसक है तेरी यादों का हक है तेरी,

जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|

दिल में ............

तू ही मेरा सांध्य-गीत है, और भोर वंदन है,

जिसमें मैं निज को निज देखूं नैन तेरे दर्पण है|

तेरी खातिर खुले हमेशा सब दिल के दरवाजे,

चाहे जिससे तू आ जाए तेरा अभिनंदन है||

दिल तो तेरा है पर उसकी धक-धक है तेरी,

दिल में ......

.

गंगा-सा मन पावन तेरा, यमुना सा निर्मल हो,

सरस्वती-सी बुद्धि तुम्हारी, चंडी-सा सम्बल…

Continue

Posted on September 25, 2017 at 7:00pm — 4 Comments

कविता - भावी गान

मै लिख दूंगा कोई गा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

अधरोँ पर शब्द मेरे होंगे

जिह्वा पर शब्द मेरे होंगे,

कण्ठो के उच्छवासोँ मे भी,

श्रवणोँ मे शब्द मेरे होंगे।

संगीत मे कोई सजा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

मै लिख...............

स्पन्दन मे; अजवन्दन मे,

परिहास और अभिनन्दन मे;

उत्साह और अभिलाषा मे,

करुणा मे निर्जन कानन मे।

शब्दो कि वायु बहा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

मै…

Continue

Posted on September 10, 2017 at 4:00pm — 6 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Anita Maurya commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"वाह, बहुत खूब..."
41 minutes ago
suraj pratap verma joined Admin's group
Thumbnail

हिंदी की कक्षा

हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"
6 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सतविन्द्र कुमार राणा's discussion चन्द बाल कविताएं ( शक्ति छंद) in the group बाल साहित्य
"जीवन शैली में हमारी छोटी-बड़ी  ग़लतियों पर बेहतरीन विचारोत्तेजक, प्रेरक और प्रोत्साहक सृजन के…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion कोयल (बाल कविता) in the group बाल साहित्य
"बहुत बढ़िया शैली में रोचक और गुनगुनाने योग्य ताटंक छंदों के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion बाल प्रार्थना (शक्ति छंद) in the group बाल साहित्य
"बेहतरीन प्रेरक और प्रोत्साहक प्रार्थना सृजन के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s discussion गौरैया (विश्व गौरेया दिवस पर बाल कविता) in the group बाल साहित्य
"बच्चों की प्रिय चिरैया पर बढ़िया रोचक और गेय कविता के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद और आभार…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Shyam Narain Verma's discussion तब ही मंज़िल पाओगे | in the group बाल साहित्य
"ग्रीष्मावकाश के दौरान बढ़िया प्रेरणा देती प्रोत्साहक रचना के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद…"
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"प्रिय कल्पना भट्ट जी आपका तहे दिल से शुक्रिया "
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"मोहतरम जनाब तस्दीक जी आपकी दाद और इस्स्लाह का तहे दिल से स्वागत है मूल पोस्ट में सुधार कर चुकी हूँ…"
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"आद० नरेन्द्र सिंह जी आपका तहे दिल से शुक्रिया "
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post शज़र जब सूख जाता है कोई पत्ता नहीं रहता (तरही ग़ज़ल 'राज')
"आद० राज लाली बटाला जी ग़ज़ल पर शिरकत और सुखन नवाज़ी का बेहद शुक्रिया "
11 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Ganga Dhar Sharma 'Hindustan''s blog post ग़ज़ल : नौकरी है कहाँ बता भाई. (२१२२ १२१२ २२)
"अच्छी ग़ज़ल कही है आदरणीय | "
13 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service