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ARUNESH KUMAR 'Arun'
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  • uttar pradesh
  • India
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ARUNESH KUMAR 'Arun''s Page

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सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|
"आदरणीय अरुण भाई , भाव पूर्न अच्छी गीत रचना की है .. हार्दिक बधाइयाँ । आ. रामबली भाई जी से मै भी सहमत हूँ .. गीत को और कुछ समय की ज़रूरत है .. शिल्प मे कसने के लिए ।"
Sep 27, 2017
Mohammed Arif commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|
"आदरणीय अरुणेश जी आदाब, गीत का अच्छा प्रयास । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । गुणीजनों की बातों का संज्ञान लें ।"
Sep 27, 2017
रामबली गुप्ता commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|
"भाई अरुणेश जी गीत पर प्रयास अच्छा है। कथ्य और भाव भी अच्छे है। किंतु बताना चाहूंगा गीत में प्रवाह और गेयता की भारी कमी है। इसलिए शिल्प के दृष्टिकोण से रचना कमजोर है।"
Sep 26, 2017
Samar kabeer commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|
"जनाब अरुण जी आदाब,गीत का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । गीत के बारे में इस मंच पर आलेख मौजूद हैं,उनका अध्यन करें ।"
Sep 26, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' posted a blog post

गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|

दिल में कसक है तेरी यादों का हक है तेरी,जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|दिल में ............तू ही मेरा सांध्य-गीत है, और भोर वंदन है,जिसमें मैं निज को निज देखूं नैन तेरे दर्पण है|तेरी खातिर खुले हमेशा सब दिल के दरवाजे,चाहे जिससे तू आ जाए तेरा अभिनंदन है||दिल तो तेरा है पर उसकी धक-धक है तेरी,दिल में .......गंगा-सा मन पावन तेरा, यमुना सा निर्मल हो,सरस्वती-सी बुद्धि तुम्हारी, चंडी-सा सम्बल हो।जीवन मेँ बन कर के त्रिवेणी, तुम बहती रहती हो,दिखे तुम्हारे सजल नयन जब जन-जन-मन विह्वल हो॥ मै तो…See More
Sep 26, 2017

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"आदरणीय अरुणेश भाई , इस प्रस्तुति के लिये आपको हार्दिक बधाई ।"
Sep 13, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' shared Uma Vishwakarma's blog post on Facebook
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' shared Rahila's blog post on Facebook
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' commented on Rahila's blog post *अनुवांशिक गुण*(लघुकथा)राहिला
"बेहद सुन्दर लघु कथा है ।"
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' commented on MUKESH SRIVASTAVA's blog post मै एक पेड़ होता और तुम होती गिलहरी
"सादर बधाई । बहुत अच्छी कविता है। "
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post हाँ, तुमने प्यार सिखाया था:-मोहित मुक्त
"कविता बहुत अछी लिखी है। आदरणीय आपने संस्कृतनिष्ठ श्ब्दो  का प्रयोग किया है। बहुत अच्छा।"
Sep 12, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"सभी का बहुत-बहुत आभार, आदरणीय इसी प्रकार मेरा मनोबल बढ़ाते रहें| "
Sep 12, 2017
Mohammed Arif commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"आदरणीय अरुणेश जी आदाब, अच्छी प्रस्तुति । बधाई स्वीकार करें । गुणीजनों की बातों का संज्ञान लें ।"
Sep 12, 2017
Mahendra Kumar commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"आ. अरुण जी, अच्छी प्रस्तुति है. पर यदि आप इसमें कुछ ऐसा ख़याल व्यक्त करते कि मैंने लिख तो दिया है पर अगर तू गा देगा तो मेरा गीत अमर हो जाएगा, तो यह और भी अच्छी प्रस्तुति हो जाती. मेरी तरफ़ से हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."
Sep 11, 2017
Samar kabeer commented on ARUNESH KUMAR 'Arun''s blog post कविता - भावी गान
"जनाब अरुणेश कुमार'अरुण'जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । कुछ टंकण त्रुटियां हैं,देखियेगा ।"
Sep 11, 2017
ARUNESH KUMAR 'Arun' posted a blog post

कविता - भावी गान

मै लिख दूंगा कोई गा देगा,मेरा गीत अमर हो जायेगा।अधरोँ पर शब्द मेरे होंगेजिह्वा पर शब्द मेरे होंगे,कण्ठो के उच्छवासोँ मे भी,श्रवणोँ मे शब्द मेरे होंगे।संगीत मे कोई सजा देगा,मेरा गीत अमर हो जायेगा।मै लिख...............स्पन्दन मे; अजवन्दन मे,परिहास और अभिनन्दन मे;उत्साह और अभिलाषा मे,करुणा मे निर्जन कानन मे।शब्दो कि वायु बहा देगा,मेरा गीत अमर हो जायेगा।मै लिख................प्रस्थान और आवाह्न मे,श्रंगारकाल के दर्पण मे।परिणय बेला चलचित्रो मे,षडऋतुओ मे वन उपवन मे।गुंजार से श्ब्द जगा देगा,मेरा गीत…See More
Sep 11, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
UTTAR PRADESH
Native Place
SITAPUR
Profession
PRIVATE TEACHER
About me
मायाराम रामपती शि सँ पोखरा कला मे हिन्दी का प्रवक्ता हूँ ।

ARUNESH KUMAR 'Arun''s Blog

गीत -जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|

दिल में कसक है तेरी यादों का हक है तेरी,

जिसको मैं दिन रात पढ़ूँ वो पुस्तक है मेरी|

दिल में ............

तू ही मेरा सांध्य-गीत है, और भोर वंदन है,

जिसमें मैं निज को निज देखूं नैन तेरे दर्पण है|

तेरी खातिर खुले हमेशा सब दिल के दरवाजे,

चाहे जिससे तू आ जाए तेरा अभिनंदन है||

दिल तो तेरा है पर उसकी धक-धक है तेरी,

दिल में ......

.

गंगा-सा मन पावन तेरा, यमुना सा निर्मल हो,

सरस्वती-सी बुद्धि तुम्हारी, चंडी-सा सम्बल…

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Posted on September 25, 2017 at 7:00pm — 4 Comments

कविता - भावी गान

मै लिख दूंगा कोई गा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

अधरोँ पर शब्द मेरे होंगे

जिह्वा पर शब्द मेरे होंगे,

कण्ठो के उच्छवासोँ मे भी,

श्रवणोँ मे शब्द मेरे होंगे।

संगीत मे कोई सजा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

मै लिख...............

स्पन्दन मे; अजवन्दन मे,

परिहास और अभिनन्दन मे;

उत्साह और अभिलाषा मे,

करुणा मे निर्जन कानन मे।

शब्दो कि वायु बहा देगा,

मेरा गीत अमर हो जायेगा।

मै…

Continue

Posted on September 10, 2017 at 4:00pm — 6 Comments

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