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Latest Activity

आशीष यादव commented on Rajesh Sharma राजेश शर्मा's blog post आख़िरी सोपान तक ,पहुंचे नहीं हैं हम अभी.
"bahut sundar geet. bahut sundar bhaw bhi hai. naman hai mera."
Aug 24, 2011
Ganesh Jee "Bagi" commented on Rajesh Sharma राजेश शर्मा's blog post आख़िरी सोपान तक ,पहुंचे नहीं हैं हम अभी.
"राजेश शर्मा जी कुछ दिनों के ब्रेक के बाद आपको पढना सुखकर है, बहुत ही खुबसूरत गीत प्रस्तुत किया है आपने, दिल में उमड़ घुमड़ रहे जज्बातों को आपने बहुत ही मार्मिक तरीके से अभिव्यक्त किया है, बहुत बहुत बधाई आपको |"
Aug 22, 2011
Rajesh Sharma राजेश शर्मा posted a blog post

आख़िरी सोपान तक ,पहुंचे नहीं हैं हम अभी.

 कुछ चले हैं ,कुछ बढ़े हैं, कुछ चढ़े हैं हाँ मगर, आख़िरी सोपान तक ,पहुंचे नहीं हैं हम अभी. बांटते हैं रोज लाखों लाख खुशियाँ , हाँ मगर, आख़िरी इन्सान तक पहुंचे नहीं हैं हम अभी.  कौन समझाए हमें, ये है हमारी त्रासदी, जागने भर में, अभी तक खर्च दी आधी सदी, योजनायें हैं ,बड़ी परियोजनाएं, हाँ मगर, बस सही अनुमान तक पहुंचे नहीं हैं हम अभी.  श्वेत हो हा हरित हो, ये क्रांति भी तो क्रांति है. पर दिलों में आज भी कुछ रूढ़ियों की भ्रान्ति है, सौ सुयोजन हें,प्रयोजन हें, नियोजन ,हाँ मगर, एक ही संतान तक पहुंचे नहीं…See More
Aug 21, 2011
Rajesh Sharma राजेश शर्मा is now friends with Gyanendra Nath Tripathi and rakesh gupta
Jul 17, 2011
Rajesh Sharma राजेश शर्मा commented on Rajesh Sharma राजेश शर्मा's blog post अक्षत,हल्दी छूकर सपने.....
" बहुत-बहुत धन्यवाद् अमित जी."
Apr 26, 2011
अमिताभ त्रिपाठी ’अमित’ commented on Rajesh Sharma राजेश शर्मा's blog post अक्षत,हल्दी छूकर सपने.....
"सुन्दर गीत और उतना ही अच्छा उपसंहार! बधाई! सादर"
Apr 26, 2011
अमिताभ त्रिपाठी ’अमित’ liked Rajesh Sharma राजेश शर्मा's blog post अक्षत,हल्दी छूकर सपने.....
Apr 26, 2011
Rajesh Sharma राजेश शर्मा and दिनेश मिश्र are now friends
Apr 9, 2011
Rajesh Sharma राजेश शर्मा left a comment for Ganesh Jee "Bagi"
"बागी जी बहु-बहुत धन्यवाद्."
Apr 6, 2011
Rajesh Sharma राजेश शर्मा left a comment for PREETAM TIWARY(PREET)
"बहुत बहुत धन्यवाद् प्रीतम जी."
Apr 6, 2011
Ganesh Jee "Bagi" left a comment for Rajesh Sharma राजेश शर्मा
"आदरणीय राजेश शर्मा जी , प्रणाम ! आपकी कविता  को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) चुने जाने पर बधाई स्वीकार करे, उम्मीद है कि आगे भी आप कि रचनायें और अन्य रचनाओं पर आपकी बहुमूल्य टिप्पणियाँ पढ़ने को मिलती रहेगी, आपका गनेश…"
Apr 5, 2011
Admin left a comment for Rajesh Sharma राजेश शर्मा
"आदरणीय राजेश शर्मा जी , सादर अभिवादन ! मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की कविता "अक्षत,हल्दी छूकर सपने" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) के रूप मे सम्मानित किया गया है तथा ओपन बुक्स ऑनलाइन के मुख्य पृष्ठ पर…"
Apr 5, 2011
Rajesh Sharma राजेश शर्मा commented on ASHVANI KUMAR SHARMA's blog post jhamele ho gaye
"अच्छी रचना ,बधाई ."
Mar 24, 2011
Rajesh Sharma राजेश शर्मा commented on Rajesh Sharma राजेश शर्मा's blog post गीत- भर आए परदेशी छालों से पाँव, चलो लौट चलें.
"धन्यवाद् ,तपन जी."
Mar 24, 2011
Tapan Dubey commented on Rajesh Sharma राजेश शर्मा's blog post गीत- भर आए परदेशी छालों से पाँव, चलो लौट चलें.
"सुंदर गीत, बधाई"
Mar 24, 2011
Rajesh Sharma राजेश शर्मा posted a blog post

गीत- भर आए परदेशी छालों से पाँव, चलो लौट चलें.

            गीत                    भर आए परदेशी छालों से पाँव, चलो लौट चलें.                   दुखियारे तन-मन से गीतों के गाँव, चलो लौट चलें.                                      मितवा रह जाएगा पाँखों को भींच कहीं,                   उड़ता है क्यों मनवा आँखों को मींच  कहीं.                   भीतर तक बींध गया मरुथल का पैनापन,                   अपने ही बिरवा को आँसू से सींच कहीं.                   रेतीले टीलों पर क्या देखें छाँव , चलो लौट चलें.                  …See More
Mar 23, 2011

Profile Information

Gender
Male
City State
ग्वालियर म.प्र.
Native Place
ग्वालियर ,म.प्र.
Profession
Banking Service

Rajesh Sharma राजेश शर्मा's Blog

आख़िरी सोपान तक ,पहुंचे नहीं हैं हम अभी.

Posted on August 21, 2011 at 4:54pm 2 Comments

 कुछ चले हैं ,कुछ बढ़े हैं, कुछ चढ़े हैं हाँ मगर,

 आख़िरी सोपान तक ,पहुंचे नहीं हैं हम अभी.

 बांटते हैं रोज लाखों लाख खुशियाँ , हाँ मगर,

 आख़िरी इन्सान तक पहुंचे नहीं हैं हम अभी.

 

 कौन समझाए हमें, ये है हमारी त्रासदी,

 जागने भर में, अभी तक खर्च…

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गीत- भर आए परदेशी छालों से पाँव, चलो लौट चलें.

Posted on March 23, 2011 at 7:17pm 2 Comments

            गीत

 

                   भर आए परदेशी छालों से पाँव, चलो लौट चलें.

                   दुखियारे तन-मन से गीतों के गाँव, चलो लौट चलें.   

                …

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ग़ज़ल-आँख सपनीली सुहानी है अभी

Posted on March 19, 2011 at 7:00pm 5 Comments

   ग़ज़ल

 

आँख सपनीली सुहानी है अभी.

झील में रंगीन पानी है अभी.

 

पंख टूटे कैद…

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अक्षत,हल्दी छूकर सपने.....

Posted on March 2, 2011 at 9:00am 8 Comments

अक्षत,हल्दी छूकर सपने, द्वारे-द्वारे जाएंगे.
शायद कुछ लौटे आमंत्रण,अब स्वीकारे जाएँगे.

                               **
जबसे कोई मौन ,दृगों…
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Comment Wall (7 comments)

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At 11:01am on April 5, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन प्रबंधन द्वारा आपकी रचना को महीने का सर्वश्रेस्थ रचना चुने जाने पर बहुत बहुत बधाई....

HEARTLY CONGRATULATIONS RAJESH JEE...

At 10:36am on April 5, 2011, Ganesh Jee "Bagi" said…

आदरणीय राजेश शर्मा जी ,

प्रणाम !
आपकी कविता  को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) चुने जाने पर बधाई स्वीकार करे, उम्मीद है कि आगे भी आप कि रचनायें और अन्य रचनाओं पर आपकी बहुमूल्य टिप्पणियाँ पढ़ने को मिलती रहेगी,
आपका
गनेश जी "बागी"

At 10:34am on April 5, 2011, Admin said…

आदरणीय राजेश शर्मा जी ,

सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की कविता "अक्षत,हल्दी छूकर सपने" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) के रूप मे सम्मानित किया गया है तथा ओपन बुक्स ऑनलाइन के मुख्य पृष्ठ पर आपके छाया चित्र के साथ स्थान दिया गया है,
इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे,धन्यवाद,
आपका
एडमिन
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 1:12pm on March 4, 2011, Arun Kumar Pandey 'Abhinav' said…
thanks a lot shri RAJESH SHARMA JI .
At 3:23pm on March 2, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 8:24pm on March 1, 2011, Ganesh Jee "Bagi" said…
At 8:53am on March 1, 2011, Admin said…
 
 
 

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