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राजेश शर्मा
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Profile Information

Gender
Male
City State
ग्वालियर म.प्र.
Native Place
ग्वालियर ,म.प्र.
Profession
Banking Service

राजेश शर्मा's Blog

पावस के कुछ दोहे-

पावस के कुछ दोहे-

तुम तक ले आईं हमें,पकड़ पकड़ कर हाथ

सुधियाँ तो चलतीं गयीं, पुरवाई के साथ.

मैं हूँ तट का बांसवन,तू नादिया की धार

तूफ़ानों ने कर दिए,मिलने के आसार.

सुधियों के उपवन खिले,उस पर बरसा मेह

फागुन फागुन…

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Posted on August 1, 2013 at 9:00pm — 16 Comments

आख़िरी सोपान तक ,पहुंचे नहीं हैं हम अभी.

 कुछ चले हैं ,कुछ बढ़े हैं, कुछ चढ़े हैं हाँ मगर,

 आख़िरी सोपान तक ,पहुंचे नहीं हैं हम अभी.

 बांटते हैं रोज लाखों लाख खुशियाँ , हाँ मगर,

 आख़िरी इन्सान तक पहुंचे नहीं हैं हम अभी.

 

 कौन समझाए हमें, ये है हमारी त्रासदी,

 जागने भर में, अभी तक खर्च…

Continue

Posted on August 21, 2011 at 4:54pm — 2 Comments

गीत- भर आए परदेशी छालों से पाँव, चलो लौट चलें.

            गीत

 

                   भर आए परदेशी छालों से पाँव, चलो लौट चलें.

                   दुखियारे तन-मन से गीतों के गाँव, चलो लौट चलें.   

                …

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Posted on March 23, 2011 at 7:17pm — 2 Comments

ग़ज़ल-आँख सपनीली सुहानी है अभी

   ग़ज़ल

 

आँख सपनीली सुहानी है अभी.

झील में रंगीन पानी है अभी.

 

पंख टूटे कैद…

Continue

Posted on March 19, 2011 at 7:00pm — 5 Comments

Comment Wall (8 comments)

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At 10:07pm on September 3, 2013, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव said…

राजेश भाई, सप्रेम राधे-राधे । फागुन फागुन मन हुआ,सावन सावन देह.. । ऐसे सुंदर दोहे और अच्छी गजल  के लिए बधाई।.

At 11:01am on April 5, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन प्रबंधन द्वारा आपकी रचना को महीने का सर्वश्रेस्थ रचना चुने जाने पर बहुत बहुत बधाई....

HEARTLY CONGRATULATIONS RAJESH JEE...

At 10:36am on April 5, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय राजेश शर्मा जी ,

प्रणाम !
आपकी कविता  को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) चुने जाने पर बधाई स्वीकार करे, उम्मीद है कि आगे भी आप कि रचनायें और अन्य रचनाओं पर आपकी बहुमूल्य टिप्पणियाँ पढ़ने को मिलती रहेगी,
आपका
गनेश जी "बागी"

At 10:34am on April 5, 2011, Admin said…

आदरणीय राजेश शर्मा जी ,

सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की कविता "अक्षत,हल्दी छूकर सपने" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) के रूप मे सम्मानित किया गया है तथा ओपन बुक्स ऑनलाइन के मुख्य पृष्ठ पर आपके छाया चित्र के साथ स्थान दिया गया है,
इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे,धन्यवाद,
आपका
एडमिन
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 1:12pm on March 4, 2011, Abhinav Arun said…
thanks a lot shri RAJESH SHARMA JI .
At 3:23pm on March 2, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 8:24pm on March 1, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 8:53am on March 1, 2011, Admin said…
 
 
 

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