For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आध्यात्मिक चिंतन Discussions (77)

← Back to आध्यात्मिक चिंतन
Discussions Replies Latest Activity

प्रवाह ...मेरी शब्द यात्रा

प्रवाह ...मेरी शब्द यात्रा प्रवाह याने बहाव, जो एक निरंतरता का सूचक है.प्रवाह किसी भी बात के लिए हो सकता है चाहे वो विचारों के लिए हो या फ…

Started by Veena Sethi

3 May 21, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

धर्म समाज और हम

         धर्म...जब हम धर्म की बात करते हैं तो धर्म की अनेकों अवधारणाये उभर कर आतीं हैं सम्प्रदाय और कर्मकाण्ड पर दृष्टि जाती है,लेकिन धर्म…

Started by Vindu Babu

5 May 21, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

Does consciousness expand ?

                                                   DOES CONSCIOUSNESS EXPAND ?     Does consciousness expand? If so, how? For sometime thi…

Started by vijay nikore

2 May 21, 2014
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

गीता का द्वितीय अध्याय :: एक अनुशीलन

          गीता के द्वितीय अध्याय का प्रारंभ  अर्जुन के उदार एवं वदान्य चरित्र  के प्राकट्य से हुआ है I कौरव सेना पर आक्रमण  करने की असमर्थत…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Nov 28, 2013

मनुष्य जीवन में ईश्वर का महत्व

मनुष्य जीवन से हमारा तात्पर्य है, मनुष्य के पैदा होने से मृत्यु तक का समय । ईश्वर के महत्व को समझने के पहले यह समझना जरुरी है कि ईश्वर क्या…

Started by Dr Dilip Mittal

0 Nov 27, 2013

MY SPIRITUAL DIARY ...2

                           MY  SPIRITUAL  DIARY ...2 This is the second article based on recent meetings with Swami Sarvdevananda ji, a…

Started by vijay nikore

3 Nov 15, 2013
Reply by Vindu Babu

SUCCESS

                                                                                            SUCCESS     Success ... simply said, it is at…

Started by vijay nikore

7 Nov 13, 2013
Reply by विजय मिश्र

!!! भजन !!!

!!! भजन !!! विशनु सी बंशी वाला, मुरली मनोहर लाला!बंशी ने हरा मेरा मान, कान्ह मैं तेरा गुलाम।। तान त्रिपुरारी सोहे, बम-बम-बम हर-हर बोले।आय…

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'

7 Oct 24, 2013
Reply by केवल प्रसाद 'सत्यम'

Vivekananda House, South Pasadena, California, USA

During our pilgrimage to the various shrines of The Ramakrishna Mission in July-August, we had the privilege of being at the very house wh…

Started by vijay nikore

0 Oct 14, 2013

MY SPIRITUAL DIARY

                                       MY  SPIRITUAL  DIARY ... 1   The following notes are based on a meeting on July 27, 2013 with Swami…

Started by vijay nikore

1 Sep 26, 2013
Reply by Vindu Babu

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
yesterday
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
yesterday
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Jul 9
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service